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भूले तो नहीं हैं.. दुर्गा शक्ति नागपाल को..??
“ज्यादा पुरानी नही सन् 2013 की बात है”
जिहादी “आजम खान” के नेतृत्व में अखिलेश यादव की सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश को शर्मसार कर दिया था।
दुर्गा शक्ति नागपाल (IAS) ने गौतमबुद्ध नगर जिले में उस समय के समाजवादी खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ने की गलती कर बैठीं।
Mr. Mishra retweeted
🚨 दीवाली से पहले देहरादून में बड़ा धमाका!
कांग्रेस के पापों का घड़ा भर चुका है...?
जैनी के सनसनीखेज आरोपों ने उत्तराखंड की सियासत में हलचल मचा दी है। जैनी ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2004 की घटनाओं का जिक्र किया है।
जैनी का दावा है कि उसे धमकाकर पुलिस की मदद से वहां से भगा दिया गया था। अब वह अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए सामने आई हैं।
उनकी मांग है कि मामले की CBI जांच दोबारा खोली जाए और DNA टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
आखिर क्या है इस पूरे मामले की सच्चाई? अगर आरोपों में दम है तो जांच से पीछे क्यों हटना चाहिए?
जैनी ने हरक रावत पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हरक सिंह रावत के सत्ता में रहने के कारण उसे केस न खुलने और जेल या पागलखाने भेजने की धमकी देकर सैकड़ों पुलिसवालों की मदद से भगा दिया गया था।
साल 2004 का जिक्र करते हुए उसने बताया कि वह नौकरी की तलाश में एक कार्यकर्ता के जरिए तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची थी, जहां रावत ने उसे टिहरी भेजने के बजाय अपने ही घर पर रुकवा लिया था।
जैनी को अपने घर पर रखकर मंत्री जी ने डेढ़ महीने तक.....
ठीक नौ महीने बाद देहरादून के एक सरकारी हॉस्पिटल में जैनी को बेटा पैदा हुआ। तब जैनी खुद एक बच्ची थी लेकिन माँ बन चुकी थी। उसने मंत्री पर बच्चे का बाप होने का आरोप लगाया था।
जैनी ने कई बड़े आरोप लगाए हैं, जिसे आप विडियो में देख और सुन सकते हैं।
जैनी का कहना है कि आज तक उनके बेटे के नाम के साथ उसके पिता का सरनेम नहीं जुड़ पाया है।
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
अयोध्यावासिनं रामं, भक्तानां भयहारिणम्॥
जय श्री राम 🚩
राजा भैय्या के फैन्स भी, राजा भैय्या की तरह दिलदार लोग हैं।
देखिए तो जरा...
स्वागत और अभिनंदन के लिए कितने आदरभाव से बुला रहे हैं, लाल टोपी धारी वाले सपाइयों को...
जाना मत रे बाबा,
स्वागत के बाद, क्या पता फिर कभी रामकथा का विरोध करने लायक रहोगे या राम नाम सत्य.... 😂😂😂
🚨 दीवाली से पहले देहरादून में बड़ा धमाका!
कांग्रेस के पापों का घड़ा भर चुका है...?
जैनी के सनसनीखेज आरोपों ने उत्तराखंड की सियासत में हलचल मचा दी है। जैनी ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2004 की घटनाओं का जिक्र किया है।
जैनी का दावा है कि उसे धमकाकर पुलिस की मदद से वहां से भगा दिया गया था। अब वह अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए सामने आई हैं।
उनकी मांग है कि मामले की CBI जांच दोबारा खोली जाए और DNA टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
आखिर क्या है इस पूरे मामले की सच्चाई? अगर आरोपों में दम है तो जांच से पीछे क्यों हटना चाहिए?
जैनी ने हरक रावत पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हरक सिंह रावत के सत्ता में रहने के कारण उसे केस न खुलने और जेल या पागलखाने भेजने की धमकी देकर सैकड़ों पुलिसवालों की मदद से भगा दिया गया था।
साल 2004 का जिक्र करते हुए उसने बताया कि वह नौकरी की तलाश में एक कार्यकर्ता के जरिए तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची थी, जहां रावत ने उसे टिहरी भेजने के बजाय अपने ही घर पर रुकवा लिया था।
जैनी को अपने घर पर रखकर मंत्री जी ने डेढ़ महीने तक.....
ठीक नौ महीने बाद देहरादून के एक सरकारी हॉस्पिटल में जैनी को बेटा पैदा हुआ। तब जैनी खुद एक बच्ची थी लेकिन माँ बन चुकी थी। उसने मंत्री पर बच्चे का बाप होने का आरोप लगाया था।
जैनी ने कई बड़े आरोप लगाए हैं, जिसे आप विडियो में देख और सुन सकते हैं।
जैनी का कहना है कि आज तक उनके बेटे के नाम के साथ उसके पिता का सरनेम नहीं जुड़ पाया है।
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
रामं भजे श्यामलमूर्तिमाद्यं, सीतासमेतं करुणाकरं तम्॥
जय श्री राम 🚩
पिछले 12 सालों में ,दुनिया के कई देशों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कई बार बदल चुके, लेकिन भारत मे नरेंद्र मोदी का नेतृत्व लगातार जारी है और उनकी लोकप्रियता मे कोई कमी नहीं है।
2014 में सत्ता सम्भालने के बाद मोदीजी ने और हम सबने दुनिया के कई देशों में सत्ता परिवर्तन होते और वहां के राष्ट्राध्यक्षों को बदलने देखा है।
नेपाल में 2014 से अब तक 10 प्रधानमंत्री बदले जा चुके.
पाकिस्तान मे 6 प्रधानमंत्री.
इंग्लैंड मे 8 प्रधानमंत्री.
जापान मे 4 प्रधानमंत्री.
इटली में 5 प्रधानमंत्री.
ऑस्ट्रेलिया मे 4 प्रधानमंत्री.
कनाडा में 3 प्रधानमंत्री.
बांग्लादेश मे 3 प्रधानमंत्री
अमेरिका मे 4 राष्ट्रपति.
श्रीलंका मे 4 राष्ट्रपति.
फ्रांस मे 2 राष्ट्रपति.
लेकिन भारत में नरेंद्र मोदी 2014 के बाद से लगातार प्रधानमंत्री बन हुए हैं , और उनकी अप्रूवल रेटिंग 70% है ,और आने वाले कई सालों तक उनके हटने की कोई संभावना दूर दूर तक नहीं है.
Modi Is The Boss 🇮🇳🚩
जय श्रीराम 🙏🚩
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
रघुकुलतिलकं रामं, शिवविरिञ्चिनुतं नमः॥
जय श्री राम 🚩
प्रभु श्रीराम!
अलीशेख के मुंह से.......!!
ख़ैर...
राम मंदिर चंदा चोरी के पश्चात वापस हड्डी दिख रही है, जीभ लपलपा रही है, मुखड़े के भाव देखिए। यूपी में जिस बुलडोजर के सख़्त खिलाफ़ हैं, उसे किराए पर लेने की सलाह दे रहे हैं।
“सीधा आश्रम पर चढ़ा दीजिए....” कहते समय चेहरे पर बढ़ती चमक और कुटिल मुस्कराहट बता रही है कि कहीं पर निगाहें और कहीं पर निशाना वाला मामला है।
आप चाहे लाख गालियां दे नफरत करें नेरैटिव बनाएं मगर यह सच है..
आइसक्रीम खाता हुआ यह शख्स 55 साल का भोंपू है, और दूसरा 37 साल का मगर जिम्मेदारी संभालते ही इसने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा एक नया आयाम तो दिया है।
चाहे वह पुरुष टीम हो या महिला टीम हो...
आप लोग जय शाह की आलोचना करते हो कि बिना क्रिकेट खेले वह बीसीसीआई के अध्यक्ष कैसे हैं।
लेकिन साथ ही साथ आप लोगों को
शरद पवार
लालू प्रसाद यादव
वैभव गहलोत और राजीव शुक्ला की भी आलोचना करनी चाहिए कि वह लोग बीसीसीआई या तमाम राज्यों के क्रिकेट संघ के अध्यक्ष क्यों बने थे????
मगर दोगले हो न इसलिए चुप हो..??
लेकिन तुम लोग कभी यह कल्पना भी नहीं कर सकते की जय शाह ने क्रिकेट के लिए क्या शानदार कदम उठाया और महिला क्रिकेट टीम को आगे बढ़ाने के लिए क्या किया...
2005 में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम रनर अप रही तो 1000 रुपये प्रति मैच दिए गए थे, ₹8000 ही महिला खिलाड़ियों को दिए गए थे मैच फीस या annual कॉम्ट्रैक्ट हो होते ही नहीं थे।
जय शाह की खूब आलोचना होती है पर कल जय शाह वाली ICC और बीसीसीआई ने टीम को क्रमशः 40 करोड़ और 125 करोड़ दिए है, जिसकी वो हकदार भी है।
महिला क्रिकेट का पूरा भाग्य बदल दिया जय शाह ने…वरना पहले की स्थिति पता करिए गूगल है न..
और परिणाम भी दिख गया..
ध्यान रहे BCCI का अध्यक्ष सीधे नहीं चुनाव के बाद चुना जाता। मगर क्या है अपने छेद छुपाने के लिए चमचे दूसरों के अंदर भी छेद ढूंढते है।
निष्पक्ष आँकलन वही कर सकता है जिसका ब्रेनवाश न हो बुद्धि और समझ काम करती हो।
वेलडन जय शाह..!!!
@JayShah
रिव्यू -
सिर्फ़ भव्यता और वीएफ़एक्स अद्भुत है…
बाक़ी राम कथा भावविहीन है।
महत्वपूर्ण दृश्य कतई साधारण कर दिए है। या कहे रन टाइम को ध्यान में रखते हुए, सीता स्वयंवर, भगवान परशुराम भेंट, केकेई वचन, आदि सबकुछ सामान्य स्वरूप से जल्दी निपटा दिए गए है।
BGM में रहमान की चीख भर है...
साईं पल्लवी कतई जमी नहीं है, साइड कलाकार ज़्यादा प्रभावी लग रहे है। रनबीर कपूर डिसेंट है। यश…लंकेश प्रिजेंस लूट गए है।
प्रथम हाफ…औसत 😐
हस्त चिह्न दल के राजकुमार जी की स्पीच सुनी जिसमें वो कहते है- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सुबह के ग्यारह बजे दारू पीने लगते है, उन्होंने भगवंत मान के पास से दारू ख़ुद सूंघी है!
बदले में AAP वाले भी पीछे नहीं हटे,
उन्ने भी आउल बाबा की फिरकी लेनी शुरू कर दी!
खैर- दारू से एक शोशा याद आया है, आप भी शोशा पढ़ ही लीजिए!
एक दिन कक्षा समाप्त होने से पहले अध्यापिका ने बच्चों से कहा कि वे घर जाकर एक कहानी सोचें और अगले दिन सुनाएँ। कहानी के अंत में उससे मिलने वाली कोई नैतिक शिक्षा भी होनी चाहिए।
अगले दिन अध्यापिका ने पूछा कि सबसे पहले कौन अपनी कहानी सुनाना चाहेगा?
छोटी सूज़ी ने हाथ उठाया।
उसने कहा, “मेरे पिताजी का एक मुर्गी फार्म है। हर रविवार हम मुर्गियों के अंडे ट्रक में भरकर शहर के बाज़ार में बेचने ले जाते हैं। एक रविवार रास्ते में ट्रक एक बड़े गड्ढे से उछला और टोकरी में रखे सारे अंडे सड़क पर गिरकर फूट गए।”
अध्यापिका ने पूछा, “तो इस कहानी से तुम्हें क्या शिक्षा मिली?”
सूज़ी बोली, “हमें अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए।”
इसके बाद छोटी लूसी की बारी आई।
उसने कहा, “मेरे पिताजी का भी एक मुर्गी फार्म है। हर सप्ताह हम मुर्गियों के अंडे इकट्ठा करके उन्हें सेने वाली मशीन में रखते हैं। पिछले सप्ताह हमने 12 अंडे रखे थे, लेकिन उनमें से सिर्फ़ 8 में से चूज़े निकले।”
अध्यापिका ने पूछा, “और इस कहानी से क्या शिक्षा मिली?”
लूसी बोली, “अंडे सेने से पहले चूज़ों की गिनती नहीं करनी चाहिए।”
अब छोटे जॉनी की बारी थी।
जॉनी ने कहानी शुरू की:
“मेरे अंकल टेड वियतनाम युद्ध में लड़े थे। एक बार उनका हवाई जहाज़ दुश्मन के इलाके में मार गिराया गया। जहाज़ दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले उन्होंने पैराशूट से छलाँग लगा दी। उनके पास सिर्फ़ एक पेटी बीयर, एक मशीनगन और एक बड़ा चाकू था।
नीचे गिरते समय उन्होंने पूरी पेटी बीयर पी ली। जब ज़मीन पर उतरे तो सामने वियतनाम के 100 सैनिक खड़े थे।
अंकल ने मशीनगन से 70 सैनिकों को मार गिराया, लेकिन तभी गोलियाँ ख़त्म हो गईं। उन्होंने मशीनगन फेंकी और अपना बड़ा चाकू निकाल लिया। उससे 20 और सैनिकों को निपटा दिया।
लेकिन फिर चाकू भी टूट गया। अब आख़िरी 10 सैनिक बचे थे। अंकल ने उन्हें निहत्थे ही अपने हाथों से मार गिराया!”
अध्यापिका यह कहानी सुनकर थोड़ी घबरा गईं। उन्होंने गला साफ़ किया और पूछा,
“जॉनी, आख़िर तुम्हारी इस कहानी से हमें क्या नैतिक शिक्षा मिलती है?”
जॉनी ने बड़े इत्मीनान से जवाब दिया:
“मैडम, नैतिक शिक्षा यह है कि जब अंकल टेड ने शराब पी रखी हो, तो उनसे पंगा नहीं लेना चाहिए!”
—^^—-
अब हस्त चिह्न वालों ने अंकल भगवंत से पंगा तो ले लिया है, अब महागठबंधन और अलायन्स सब गया तेल लेने। झाड़ू वालों बनाम हस्त चिह्न वालों के बीच द्वन्द देखने में आनंद आयेगा! कमल दल वालों की नूरा कुश्ती देख देख आवाम बोर हो चुकी है!
सड़प्पा लोगों से पंगा नहीं लेने का, बाबा!
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
राम नाम स्मरणं पुण्यं, राम नाम हि तारकम्॥
जय श्री राम 🚩
उफ्फ, पेरिस की एक शाम
“फ्रांस जल रहा है, जनता सड़कों पर है, व्यवस्था संकट में है और सत्ता के गलियारों में मैक्रो बांसुरी बजा रहा है!”
मजाक, उलाहना या क्रोध नहीं, बल्कि फ्रांस पर दया आ रही है। आखिर क्यों मैक्रो फ्रांस को जलता देख रहे है?
दुनिया का सबसे खूबसूरत शहर पेरिस, मॉडलिंग का सिरमौर पेरिस, सुगंध का राजा पेरिस, अद्भुत कलाकृति का भंडार पेरिस....
अब जिहादियों का गढ़ बन चुका है....
कभी भी दंगे हो जाएंगे! जरूरत है तो ये जिहादी दुकान लुट लेंगे। बलात्कार तो इनके लिए खेल बन चुके है। जनता, व्यापारी अब परेशान है,
लेकिन मैक्रो की बांसुरी मस्त बज रही है... 🪈
सच कह रहा हूं वीडियो देखकर रक्तचाप बढ़ गया। हमारी फोर्सेस का खुलेआम इतना अपमान !
इस बदतमीज़ औरत को पता नहीं है कि जिस दिन हमारी सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस सुरक्षा से पीछे हट गई तो इनका क्या हाल होगा, जिस तरह से उछल उछल कर ये गालियाँ दे रही हैं, वैसे ही उछल उछल कर इन्हें और देश को नोचा जाएगा।
ऐसी बदतमीज़ी करने पर, फोर्सेस को खुली छूट मिलनी चाहिए कि, सामने आदमी हो या औरत उसे सबक सिखाना चाहिए।
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
श्रीरामः शरणं देवः, संसारार्णवपारगः॥
जय श्री राम 🚩
कुछ लोग जन्मजात सुतिये होते है... 😂😂
और कोई उनको समझदार ना समझ लें इसलिये वो लगातार ऐसी हरकतें कर करके सबको बताते भी रहते हैं कि-
हाँ मैं ही मैं हूँ , दूसरा कोई नही..
अब काँग्रेस के बड़े बड़े नेता और प्रवक्ता अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ कवर को लेकर महाराष्ट्र और देश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहें हैं...
लेकिन ये चुतिये इतनी सी बात भूल जाते हैं कि इनकी सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दस साल तक लाल किले पर बुलेटप्रूफ शीशा लगवाकर भाषण करते रहें...
सच में चूतियों के अलग गाँव नही होते,
वो हमारे बीच ही रहते हैं काँग्रेसी बनकर 😂😂
2023 का क्रिकेट विश्वकप याद है ?
भारतीय टीम जैसे -जैसे एक के बाद एक मैच जीतती जा रही थी उधर पड़ौसी पाकिस्तानी कमेंटेटर और भूतपूर्व क्रिकेटर जलन के मारे धुँआ छोड़ रहे थे...
कोई बोल रहा था अंपायर मदद कर रहें है,
कोई बोल रहा था पिच में गड़बड़ है तो कोई बोल रहा था बॉल बदल दी जाती है..
बेईमानी के तरह -तरह के आरोप लगाये जा रहे थे सिर्फ भारतीय टीम को जीत को कमतर दिखाने के लिये...
फिर आखिर में क्या हुआ ?
भारत फायनल हार गया और सारे आरोप गायब..
फिर वो भारत की हार की खुशी में ये पूछना भी भूल गये कि इंडिया ने फायनल में बॉल क्यूँ नही बदली ?, इंडिया ने फायनल में अंपायर क्यूँ नही सेट किये ? इंडिया ने फायनल में पिच में गड़बड़ क्यूँ नही की ? किसी ने कोई सवाल नही किया क्योंकि ऐसा कोई मुद्दा था ही नही..
बिल्कुल यही ड्रामा राहुल गाँधी एंड कंपनी का चल रहा है... इनके लिये भी चुनाव आयोग कोई मुद्दा है ही नही... इनको तो कुछ भी करके मोदी को हराना है हटाना है...
अभी मोदी की जीत पर सवाल उठा रहें है बिल्कुल पाकिस्तानी क्रिकेटरों की तरह और जिस दिन मोदी हार गये ये राहुल गाँधी खुद ज्ञानेश कुमार जी के साथ फोटो खिंचाता नज़र आयेगा..
इसलिये इप्के-डिप्के , ओरा-बोरा , दास-वास , एजरी-केजरी , और राहुल बाबा जैसे सारे रंगे सियारों से सावधान रहें और अपना अच्छा-बुरा खुद सोचें..
बाकि इनके अलग गाँव नही होते,
ये बात समझ में आ ही गयी होगी 😂
निठल्ले का टाइम पास
निठल्ला बौड़म तो है ही और अब जब से पुश्तैनी राजपाट गवाया है तब से समय काटे नहीं कट रहा ! निठल्ले को उसके चाटुकारों ने समझाया -
ठाली बैठे बैठे दिमाग़ में जंग लग जाएगी,
कुछ ना कुछ करते रहो!
निठल्ले ने बात गाँठ बाँध ली।
मुहब्बत की दुकान खोली, आस्तीनें चढ़ानी बंद कर दी, पूरी बाहों की क़मीज़ ही पहननी बंद कर दी। अब सिर्फ़ पोलो पहनता है, चमरौधा जूता भी त्याग दिया, विदेसी जूता पहनने लगा, कूल बन बैठा।
हा हन्त, मुहब्बत की दुकान पर कोई आशिक़ ना आया। निठल्ले के परनाना आशिक़ ए इमाम जुरूर थे लेकिन निठल्ला मुहब्बत ना निभा सका!
चाटुकारों ने अब फिर समझाया, ठाली मत बैठना, कुछ ना कुछ करते रहना। निठल्ले ने बात गाँठ बाँध ली। अब भारत जोड़ो यात्रा शुरू की, पैदल चला, दिन के दस हज़ार स्टेप भी पूरे किए। लेकिन हा हन्त, फिर सिफर हाथ लगा!
चाटुकार चिंतित हुए, बोले, ठाली मत बैठना, हाथ पैर मारते रहना। अब निठल्ले ने सड़क पर धरना दिया, पुलिस उठा कर ले गई फिर भी अड़ा रहा! वोट चोरी का इल्ज़ाम लगाया , लेकिन हा हन्त, साबित ना कर पाया।
अब चाटुकार फिर दुखी हुए। अब क्या करें!
चाटुकार अब सचमुच परेशान थे। आखिर आदमी कितनी बार धरना दे, कितनी बार यात्रा निकाले और कितनी बार मुहब्बत की दुकान का शटर उठाए? निठल्ले की राजनीतिक दिनचर्या में गतिविधियाँ बहुत थीं, उपलब्धियाँ कम।
तभी एक दिन चाटुकारों ने निठल्ले को बैरिकेड पर खड़े देखा। चेहरा विजयी मुद्रा में था। एक पैर आगे, दूसरा पीछे। हाथ हवा में उठा हुआ। मानो अभी-अभी कोई दुर्ग जीतकर लौटा हो, जबकि दुर्ग के दरवाज़े पर पुलिस का बैरिकेड खड़ा था।
एक नया-नया चाटुकार ने भाव-विभोर होकर ललकारा:
"काँधे धनुष, हाथ में बाना,
किधर चलें दिल्ली सुल्ताना!"
निठल्ला यह सुनकर गदगद हो उठा। उसे लगा कि आख़िरकार किसी ने उसकी ऐतिहासिक महत्ता पहचान ली। उसने छाती फुलाई, गर्दन अकड़ाई और हुंकार भरी:
"जंगल का राजा, सावन में मटन खाना,
बड़ों की बातें बड़े ही पहचाना”
चाटुकारों ने इस काव्यात्मक उपलब्धि पर तालियाँ बजाईं। किसी ने इसे जनभावना बताया, किसी ने राजनीतिक दर्शन और एक ने तो इसे इक्कीसवीं सदी का नया राष्ट्रगीत घोषित करने की माँग कर दी।
मगर दरबारियों की चिंता अभी समाप्त नहीं हुई थी।
वे बोले, "हुज़ूर! ठाली मत बैठिए। हाथ-पाँव मारते रहिए। अब कुछ नया कीजिए। जनता को बताइए कि आप चुनौती देने से डरते नहीं।"
निठल्ले ने पूछा, "क्या करें?"
चाटुकार बोले, "डिबेट के लिए ललकारिए! सीधे प्रधानमंत्री को चुनौती दीजिए।"
निठल्ला ललकार रहा है, डिबेट को बुला रहा है!
काम न कोई हाथ में, दावे लाख हज़ार,
निठल्ले की राजनीति, चुनौती का व्यापार।
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
रामं लक्षणसम्पन्नं, धर्मज्ञं सत्यविक्रमम्॥
जय श्री राम 🚩
ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
सीतारामाय नमः, भक्तवत्सलाय नमः॥
जय श्री राम 🚩
















