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ऐसे ही #HanumanAnsh फिल्म सुपरहिट नहीं हो रहा। Word of mouth यानि लोकमत ही इस फिल्म को सुपरहिट कर रहा है।
कोई बड़ा स्टार कास्ट नहीं कोई बड़ा अभिनेता नहीं, लेकिन आस्था ही इस फिल्म को आगे बढ़ा रहा है।
जय हनुमान
जय जय श्री राम
Deepak Decodes retweeted
पानीपत में 65 वर्षीय सुशील कुमार सिंह का निधन हुआ। पाँच बेटियां, दामाद और रिश्तेदार सबके पास एक ही बहाना था “दूरी” का, पर टिकट का खर्च भी जनसेवा दल ने देने की पेशकश की। फिर भी कोई नहीं आया।
पिता ने जीवनभर बच्चों का भविष्य संवारा, और अंतिम समय में उसकी अर्थी को कंधा देने वाला अपना कोई नहीं रहा। अंत में बेटियों ने वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखा और अस्थियां भी जनसेवा दल से विसर्जित करवा दीं।
रिश्ते तो सिर्फ खून से नहीं, कर्तव्य से बनते हैं। माता-पिता का सम्मान जीवन में भी हो, और अंतिम विदाई में भी। वरना वीडियो कॉल की स्क्रीन कितनी भी बड़ी हो, अपनों की दूरी छिपा नहीं पाती।
इससे ज्यादा दुर्भाग्य भगवान किसी को न दे।
🤖 Made with AI
“Seriously, this bird is a professional actor. @Grok what you think?
Deepak Decodes retweeted
107 साल पहले 😳
भारतीय सिनेमा ने 1917 में ही रामायण को बड़े पर्दे पर उतार दिया था।
दादासाहेब फाल्के की मूक फिल्म ‘लंका दहन’ रामायण की कथा पर आधारित थी। फिल्म में अभिनेता अण्णा सालुंके ने भगवान राम और माता सीता दोनों की भूमिका निभाई थी।
बिना किसी संवाद के बनी इस फिल्म का बजट करीब ₹15,000 बताया जाता है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अद्भुत और यादगार अध्याय है। 🎬🇮🇳
A resounding verdict for Jana Sena in Andhra Pradesh!
As counting progressed, @PawanKalyan garu-led Jana Sena delivered a strong performance, securing 644 MPTC and 36 ZPTC seats a major boost for the TDP-JSP-BJP alliance.
This victory reflects the people’s trust in Pawan Kalyan garu’s leadership, the alliance’s commitment to development, and the faith of every Jana Sena karyakarta on the ground.
Onward with people-first governance! 🙏
#Janasena
पानीपत में 65 वर्षीय सुशील कुमार सिंह का निधन हुआ। पाँच बेटियां, दामाद और रिश्तेदार सबके पास एक ही बहाना था “दूरी” का, पर टिकट का खर्च भी जनसेवा दल ने देने की पेशकश की। फिर भी कोई नहीं आया।
पिता ने जीवनभर बच्चों का भविष्य संवारा, और अंतिम समय में उसकी अर्थी को कंधा देने वाला अपना कोई नहीं रहा। अंत में बेटियों ने वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखा और अस्थियां भी जनसेवा दल से विसर्जित करवा दीं।
रिश्ते तो सिर्फ खून से नहीं, कर्तव्य से बनते हैं। माता-पिता का सम्मान जीवन में भी हो, और अंतिम विदाई में भी। वरना वीडियो कॉल की स्क्रीन कितनी भी बड़ी हो, अपनों की दूरी छिपा नहीं पाती।
इससे ज्यादा दुर्भाग्य भगवान किसी को न दे।
🤖 Made with AI
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SIR के दौरान 13.39 करोड़ नामों को “हटाया गया” कहना गलत है। ये मुख्य रूप से ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाता हैं स्थानांतरित, अनुपस्थित/अता-पता नहीं, मृत या संभावित डुप्लिकेट जिन्हें दावा-आपत्ति और नाम जुड़वाने का अवसर मिला है।
लेकिन ओडिशा के कोरापुट के कोटिया क्षेत्र में यह आरोप गंभीर है कि कुछ लोगों के पास ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों के वोटर कार्ड थे और वे दोनों राज्यों में मतदान करने की स्थिति में थे।
अगर यह सच साबित हुआ, तो यह केवल व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि मतदाता सूची सत्यापन, राज्यों के बीच डेटा-समन्वय और SIR की प्रक्रिया की बड़ी विफलता है।
CEC ज्ञानेश कुमार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए: दोहरे नामांकन की पहचान कैसे होगी, कितने मामलों की जांच होगी, गलत वोटर कार्ड कैसे रद्द होंगे, और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
लोकतंत्र में हर वैध वोट की रक्षा उतनी ही जरूरी है जितना दोहरे मतदान या फर्जी नामांकन को रोकना।
@grok मेरा ये सवाल जरा @ECISVEEP तक पहुंचा दो।
107 साल पहले 😳
भारतीय सिनेमा ने 1917 में ही रामायण को बड़े पर्दे पर उतार दिया था।
दादासाहेब फाल्के की मूक फिल्म ‘लंका दहन’ रामायण की कथा पर आधारित थी। फिल्म में अभिनेता अण्णा सालुंके ने भगवान राम और माता सीता दोनों की भूमिका निभाई थी।
बिना किसी संवाद के बनी इस फिल्म का बजट करीब ₹15,000 बताया जाता है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अद्भुत और यादगार अध्याय है। 🎬🇮🇳
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13,629 फीट की ऊंचाई पर नया इतिहास! 🇮🇳✈️
भारतीय वायुसेना (IAF) के IL-76MD भारी परिवहन विमान ने पूर्वी लद्दाख के न्योमा एयरबेस पर सफल लैंडिंग करके एक शानदार रिकॉर्ड बनाया है। यह IL-76MD की दुनिया में अब तक की सबसे ऊंची लैंडिंग है।
दुर्गम हिमालयी ऊंचाइयों में भारी विमान को सुरक्षित उतारना असाधारण कौशल, सटीकता और पेशेवरता का प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत की रणनीतिक वायु परिवहन क्षमता और सीमावर्ती क्षेत्रों में परिचालन तैयारी को और मजबूत करती है।
नई ऊंचाई। नया रिकॉर्ड। नया इतिहास।
जय हिंद! जय भारतीय वायुसेना! 🙏🇮🇳
#IAF
SIR के दौरान 13.39 करोड़ नामों को “हटाया गया” कहना गलत है। ये मुख्य रूप से ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाता हैं स्थानांतरित, अनुपस्थित/अता-पता नहीं, मृत या संभावित डुप्लिकेट जिन्हें दावा-आपत्ति और नाम जुड़वाने का अवसर मिला है।
लेकिन ओडिशा के कोरापुट के कोटिया क्षेत्र में यह आरोप गंभीर है कि कुछ लोगों के पास ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों के वोटर कार्ड थे और वे दोनों राज्यों में मतदान करने की स्थिति में थे।
अगर यह सच साबित हुआ, तो यह केवल व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि मतदाता सूची सत्यापन, राज्यों के बीच डेटा-समन्वय और SIR की प्रक्रिया की बड़ी विफलता है।
CEC ज्ञानेश कुमार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए: दोहरे नामांकन की पहचान कैसे होगी, कितने मामलों की जांच होगी, गलत वोटर कार्ड कैसे रद्द होंगे, और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
लोकतंत्र में हर वैध वोट की रक्षा उतनी ही जरूरी है जितना दोहरे मतदान या फर्जी नामांकन को रोकना।
@grok मेरा ये सवाल जरा @ECISVEEP तक पहुंचा दो।
13,629 फीट की ऊंचाई पर नया इतिहास! 🇮🇳✈️
भारतीय वायुसेना (IAF) के IL-76MD भारी परिवहन विमान ने पूर्वी लद्दाख के न्योमा एयरबेस पर सफल लैंडिंग करके एक शानदार रिकॉर्ड बनाया है। यह IL-76MD की दुनिया में अब तक की सबसे ऊंची लैंडिंग है।
दुर्गम हिमालयी ऊंचाइयों में भारी विमान को सुरक्षित उतारना असाधारण कौशल, सटीकता और पेशेवरता का प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत की रणनीतिक वायु परिवहन क्षमता और सीमावर्ती क्षेत्रों में परिचालन तैयारी को और मजबूत करती है।
नई ऊंचाई। नया रिकॉर्ड। नया इतिहास।
जय हिंद! जय भारतीय वायुसेना! 🙏🇮🇳
#IAF
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बेंगलुरु का दहला देने वाला मामला मटन करी की दावत के बहाने रिश्तेदारों को घर बुलाया, खाने में नींद की गोलियां मिलाई और शोर छिपाने के लिए टीवी तेज चलाया।
बेंगलुरु के राजाजीनगर में दहशत की एक और परत सामने आई है। मटन करी/बिरयानी की दावत के बहाने पत्नी के परिवार के 7 लोगों लोगों को घर बुलाया गया, खाने में नींद की गोलियां मिलाकर और फिर शोर छिपाने के लिए टीवी तेज चलाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 15-20 दिनों में पत्नी, सास, साले, भाभियां और 7 साल के बच्चे समेत 7 लोगों की हत्या की गई; शवों को बैगों में रखकर कर्नाटक और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में फेंका गया।
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कैंसर से लड़ रहे 50 बच्चों के इलाज के लिए विवेक ओबेरॉय ने ‘रामायण’ की अपनी पूरी फीस दान करने का फैसला किया।
उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा को कहा था कि वे फिल्म से कोई फीस नहीं लेंगे और उस राशि का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए हो।
रिपोर्ट्स में इस राशि को ₹6 करोड़ बताया गया है, हालांकि यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। 🙏❤️
यह सिर्फ एक दान नहीं, बल्कि अपने वादे को निभाने और जरूरतमंद बच्चों के लिए खड़े होने की मिसाल है। विवेक ओबेरॉय की यह पहल बताती है कि सच्ची ताकत पैसे, नाम या फेम में नहीं। दूसरों की जिंदगी में उम्मीद लौटाने में होती है। उनकी इस मानवीय भावना और नमित मल्होत्रा के सहयोग को सलाम। 👏❤️
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बेंगलुरु का दहला देने वाला मामला मटन करी की दावत के बहाने रिश्तेदारों को घर बुलाया, खाने में नींद की गोलियां मिलाई और शोर छिपाने के लिए टीवी तेज चलाया।
बेंगलुरु के राजाजीनगर में दहशत की एक और परत सामने आई है। मटन करी/बिरयानी की दावत के बहाने पत्नी के परिवार के 7 लोगों लोगों को घर बुलाया गया, खाने में नींद की गोलियां मिलाकर और फिर शोर छिपाने के लिए टीवी तेज चलाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 15-20 दिनों में पत्नी, सास, साले, भाभियां और 7 साल के बच्चे समेत 7 लोगों की हत्या की गई; शवों को बैगों में रखकर कर्नाटक और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में फेंका गया।
आरोपी कैब ड्राइवर इंदुशेखर गिरफ्तार है, जबकि उसकी 17 वर्षीय बेटी की भूमिका संदेह के घेरे में। क्या वह रिश्तेदारों को बुलाने में शामिल थी और क्या उसे जानकारी थी,अभी जांच का हिस्सा है।
पुलिस ने मोतिव के रूप में लंबे पारिवारिक विवाद और संभावित संपत्ति विवाद की भी जांच शुरू की है। यह अभी जांच के आधार पर सामने आए आरोप हैं; अंतिम सच फोरेंसिक साक्ष्य, शवों की बरामदगी और अदालत में साबित होने के बाद ही तय होगा।
कैंसर से लड़ रहे 50 बच्चों के इलाज के लिए विवेक ओबेरॉय ने ‘रामायण’ की अपनी पूरी फीस दान करने का फैसला किया।
उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा को कहा था कि वे फिल्म से कोई फीस नहीं लेंगे और उस राशि का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए हो।
रिपोर्ट्स में इस राशि को ₹6 करोड़ बताया गया है, हालांकि यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। 🙏❤️
यह सिर्फ एक दान नहीं, बल्कि अपने वादे को निभाने और जरूरतमंद बच्चों के लिए खड़े होने की मिसाल है। विवेक ओबेरॉय की यह पहल बताती है कि सच्ची ताकत पैसे, नाम या फेम में नहीं। दूसरों की जिंदगी में उम्मीद लौटाने में होती है। उनकी इस मानवीय भावना और नमित मल्होत्रा के सहयोग को सलाम। 👏❤️
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DD News ने सिंगापुर हाई कमीशन की दिवाली की तस्वीरों को श्रीलंका हाई कमीशन का बता दिया। टैग भी सिंगापुर को किया, फिर भी देश का नाम गलत लिख दिया। 😂
आखिर सिंगापुर के हाई कमिश्नर को खुद बताना पड़ा कि हम सिंगापुर हैं, श्रीलंका नहीं।
दिवाली की मिठाई बाँटते-बाँटते आपने तो देश ही बदल दिया! खबर दिखाने की जल्दी में कम से कम देश का नाम तो जाँच लेते। 🪔
@grok क्या @DDNewsHindi से 15 करोड़ लेने वाला पत्रकार ट्वीट विभाग संभालता है?
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हम कुछ अच्छा Deserve ही नहीं करते -
ब्लिंकिट की फ्री एंबुलेंस सेवा हाल ही में भारत में शुरू हुई सबसे उपयोगी पहलों में से एक थी। इमरजेंसी में तुरंत मेडिकल मदद मिलना और वह भी बिना किसी शुल्क के यह बहुत जरूरी कदम था।
लेकिन अब इस सेवा का इस्तेमाल रूटीन चेकअप, अस्पताल जाने और गैर-आपातकालीन ट्रांसफर के लिए भी होने लगा है। इसके बाद ब्लिंकिट ने गैर-इमरजेंसी राइड के लिए ₹2,500 का चार्ज लगाने का ऐलान किया है, जबकि इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा पहले की तरह मुफ्त रहेगी।
दुर्भाग्य से, ऐसी सुविधाओं का दुरुपयोग अच्छी पहलों को लगातार चलाए रखना मुश्किल बना देता है। जब एंबुलेंस को जरूरतमंद मरीजों के लिए बचाया जाए, तब ही यह सेवा असल में जान बचाने वाली बन पाती है।
एक अच्छी चीज शुरुआत होने से पहले ही हम खराब कर रहे हैं।












