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अभी तो हम शुरू हुए हैं , आने वाले समय में विपक्ष की चीखें निकल जाएगी
क्यूं @SupriyaShrinate आंटी
आजम खान पर इडी का एक्शन
426 करोड़ की संपत्ति जब्त
@grok verify
नेहा बोरा का बयान आया है "बांग्लादेश से प्रेरणा लेने वाला वीडियो तो ज़ी झूंठा है..
मैंने न कही वो बात"
योगेंद्र यादव कह रहा है "सरकार तो ज़ी विपक्ष को चुनाव में भाजपा को हरा बनानी पड़ेगी... हम मोदी का इस्तीफा बिलकुल न मांग रहे"
दीपके कह रहा है "में तो ज़ी खाली हुक्म का ग़ुलाम था मैंने कुछ न किया खुद से... ये सौरभ और अभिषेक ही जानें सब"
क्या चक्कर है भाऊ... कल तक रेजिम चेंज चिल्लाने वालों के सुर एकदम बदल गए.... कहाँ से चाबी टाइट हुईं भाऊ श्री के सब की!
मोनिका लिवेन्स्की व्हाइट हाउस में काम करती थी एक दिन जब उसके अंतःवस्त्र बाहर सुख रहे थे तब उसकी मां को कुछ धब्बे दिखे
माँ समझ गई कि यह स्पर्म के धब्बे है
फिर उसने अपनी बेटी से पूछा बेटी ने सब बता दिया की मम्मी हमारे राष्ट्रपति बिल क्लिंटन न सिर्फ मुझे बल्कि पॉल जॉन्स, कैथरीन और आठ अन्य महिला कर्मचारियों को बारी-बारी यही यही उपहार देते हैं
मां बोली बेटी यह अंतर्वस्त्र सम्भाल कर रखना और जो कुछ तुम्हारे साथ हुआ है उसे भी वक्त पर डिस्क्लोज करना और एक किताब लिखना बेस्ट सेलर किताब बनेगी तो तुम मालामाल हो जाओगी
और बिल क्लिंटन से भी मोटा पैसा वसूल करके बाहर समझौता करना और मोनिका लिवेन्स्की ने यही किया
ऐसे ही भारत की मूल की एक महिला थी पामेला बोर्डेस वह भी कामयाब पुरुषों को सीढ़ी और ATM की तरह इस्तेमाल करती थी
उसने भी किताब लिखी खूब बेस्ट सेलर बनी
तो भाई यह जो मोनिका लिवेन्स्की पाउला जॉन्स पामेला बोर्डस जैसी महिलाएं जो कामयाब पुरुषों को सीढ़ी और एटीएम की तरह इस्तेमाल करती हैं वह जब किताब लिखती हैं तो उससे तहलका मचाता ही है
जब वोट जाति के बिरादर को ही देना था तो बेचारे पंडित जी हेलीकॉप्टर में काहें बैठाकर घूमा रहे थे?
अखिलेश यादव जी टिकट तो दे दिए वोट नहीं दिलवा पाए?
वाराणसी में बीजेपी MLC चुनाव हारी तो मोदी की हार के सपने देखने लगे! 😂
भैया, जरा ठहरिए! खुशी में इतने भी मत उछलिए कि जमीन ही भूल जाएं। सियासत में शोर मचाने और जमीनी हकीकत समझने में फर्क होता है!
वाराणसी में बीजेपी एक MLC सीट क्या हार गई, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेता ऐसे जश्न मना रहे हैं, मानो 2027 का विधानसभा चुनाव भी जीत लिया हो और मोदी जी की विदाई का फरमान भी जारी हो गया हो!
लेकिन भैया, ये MLC का चुनाव था, MLA का नहीं! और MLC में भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव था, लोकसभा का नहीं!
जरा आंकड़ों की चौसर पर नजर डालिए।
इस शिक्षक MLC सीट पर करीब 35 हजार शिक्षक मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से लगभग 66 प्रतिशत ने मतदान किया। यानी करीब 23 हजार वोट पड़े।
इनमें समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव को 11,612 वोट मिले, बीजेपी के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,597 वोट मिले और निर्दलीय उम्मीदवार को 3,471 वोट मिले।
नतीजा साफ है—बीजेपी यह सीट हार गई। लेकिन सवाल यह है कि क्या 23 हजार शिक्षकों के मतदान से वाराणसी के 20 लाख मतदाताओं का मिजाज तय हो जाएगा?
वाराणसी लोकसभा सीट पर 2024 में करीब 19 लाख 98 हजार मतदाता पंजीकृत थे। ऐसे में शिक्षक MLC चुनाव में पड़े वोटों को लोकसभा चुनाव का जनादेश बताना कहां तक उचित है?
जरा सोचिए! 23 हजार वोट तो इतने बड़े मतदाता समूह के सामने एक छोटा-सा हिस्सा हैं। इसे पूरे वाराणसी की जनता का फैसला बताना वैसा ही है, जैसे चाय की दुकान पर बैठे दस लोगों की राय सुनकर पूरे देश का जनमत घोषित कर दिया जाए!
अब एक सवाल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के मित्रों से भी है।
अगर MLC चुनाव के नतीजों से ही विधानसभा चुनाव की भविष्यवाणी करनी है, तो फिर दूसरे राज्यों के MLC चुनावों के नतीजों को भी इसी तराजू पर तौल लीजिए। क्या वहां कांग्रेस की स्थिति के आधार पर राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य का फैसला सुना देंगे?
और समाजवादी पार्टी को अगर 11 में से केवल तीन सीटें मिली हैं, तो क्या इसी गणित से यह मान लिया जाए कि 2027 में अखिलेश यादव की पार्टी 125 सीटों के आसपास भी नहीं पहुंचेगी?
नहीं न!
फिर बीजेपी की एक शिक्षक MLC सीट पर हार को नरेंद्र मोदी की हार का ट्रेलर बताने की इतनी जल्दी क्यों है?
भैया, चुनावों के गणित में जोड़-घटाव के साथ गुणा-भाग भी करना पड़ता है!
MLC चुनाव में शिक्षक वोट करते हैं, लोकसभा चुनाव में आम मतदाता। दोनों चुनावों का मतदाता वर्ग, मुद्दे और राजनीतिक समीकरण अलग-अलग होते हैं। शिक्षक MLC चुनाव का नतीजा राजनीतिक संकेत जरूर हो सकता है, लेकिन उसे सीधे लोकसभा या विधानसभा चुनाव का परिणाम मान लेना तर्क नहीं, अतिशयोक्ति है।
बीजेपी की हार को हार कहिए, उसका विश्लेषण कीजिए और पार्टी की कमजोरियों पर सवाल भी उठाइए। लेकिन एक सीट के नतीजे को पूरे देश का जनादेश बताकर ढोल पीटना कौन-सी राजनीतिक समझदारी है?
सियासत में जीत का जश्न मनाइए, मगर आंकड़ों को अपने जश्न का बंधक मत बनाइए!
क्योंकि चुनावी चौसर पर एक मोहरा गिरने का मतलब यह नहीं होता कि पूरा वजीर ही मात खा गया ।
अमित शाह को जानते हो न 😀
Special IT CELL For UP Elections retweeted
MLC elections in 28 seats across 4 big states - Uttar Pradesh, Maharashtra, Bihar and Karnataka.
Elections held using ballot papers.
Guess how many seats Congress won? 🧐
हैलो @grok
मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पहले पति कौन थे ?
वो मुलायम से कैसे मिली और मुलायम ने कैसे दुसरे की पत्नी पर कब्जा किया विस्तार से बताओ ?
अजीमोजान शहंशाह मैनपुरी रियासत के आखिरी सुल्तान
अलिशेखुद्दीन अल बग़दादी #यदमुल्ला
ये प्रेम कहानी तब की है जब उत्तर भारत के एक राज्य में रंगारंग महोत्सव होता था... बड़े बड़े कलाकार और नेता जुटते थे उसमें
सन 2003 में एक फ़िल्म आई थी "दम" इसका एक आइटम सॉन्ग था "बाबूजी जरा धीरे चलो, बिजली खड़ी है" यहां बिजली खड़ी
इसमें डांसर थी #याना_सिनकोवा जो चेक गणराज्य की नागरिक थी पेशे से ये मॉडल थी
2000 में घूमने मुंबई आई और पुणे के ओशो आश्रम गई जहां इसकी मुलाकात सत्य गुप्ता से हुई जहां प्यार हुआ इकरा हुआ और फिर शादी भी दो साल बाद तलाक लेकिन इसने अपना सरनेम नहीं बदला😊
फिर फिल्मों में हाथ आजमाया...
उसी दौरान यह याना गुप्ता उस राज्य के उस महोत्सव में बतौर डांसर भी गयी, वहां बॉलीवुड सितारों के साथ मंच पर किए गए शानदार नृत्य प्रदर्शन (विशेषकर उनके प्रसिद्ध आइटम नंबरों पर) ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था (वीडियो मिल जाएगा यूट्यूब पर)
ख़ास पार्टी के शासनकाल के दौरान पिछड़े प्रदेश के अतिविकसित उस गांव में आयोजित होने वाले इस भव्य वार्षिक उत्सव में शामिल हुए सितारों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
उसके बाद यह अचानक लापता हो गयी... मीडिया फ़िल्म सब से?
अब यह फिर सुर्खियों में है चार दिन पहले NIA की रिपोर्ट से अभी बताते है कि ऑस्ट्रेलिया के एक बड़े रिसोर्ट की मालकिन बन चुकी है.... लंदन में उनके पास कई आलीशान बंगले हैं स्कॉटलैंड में एक बड़ा रिसोर्ट है इटली के वेनिस में एक फाइव स्टार होटल भी है
खबर यह है कि उत्तर भारत के एक राज्य के ExCm की नजर इन पर ऐसी बरस पड़ी कि ये अचानक करोड़ो डॉलर की प्रॉपर्टी की मालकिन बन गई...
अब ये अय्याशी है या प्रेम ये तो समय बताएगा...
अब यार नेता, उनके पुत्र, पुत्र की लव स्टोरी
ये खुद खोजना हम न बताएँगे!
अखिलेश भइया की इस बात का मैं सर के बल खड़ा हो के समर्थन करता हूं .......
जिस दिन ये हो गया अखिलेश भइया खुद की सीट जीत जाएं तो बताना 😂😂
भूरी काकी कभी धनतेरस पर बर्तन नहीं खरीदती
क्योंकि उसके पास.....
पहले से
एक ढक्कन और लाखों चमचे है😂😂😂











