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हे माँ लक्ष्मी.🙏
मैं अपने जीवन से बहुत ख़ुश और संतुष्ट हूँ.
आपने मुझे जो दिया वह पर्याप्त है.
आपसे प्रार्थना है कि इस दिवाली आप उनके घर जाओ, जिनको आपकी मुझ से अधिक जरूरत है.
क्योंकि उत्सव समूह की ख़ुशी में ही सम्भव है, अकेले की नहीं.
दीपावली की असीम,अविरल, अनंत शुभकामनाएं. 🪔
#HappyDiwali
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2026 में देश की जनता से बड़े स्तर पर बचत करने की विशेष अपील की थी। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संकट और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने नागरिकों से '7 बचत मंत्र' साझा किए थे, जिनमें "खाद्द तेल " की बचत भी एक था.
सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में इसे 2026 को "बचत वर्ष" (Year of Savings) के रूप में मनाने की अपील के तौर पर देखा गया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों में वित्तीय जागरूकता और राष्ट्रहित में बचत की भावना पैदा करना था।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई 7 मुख्य अपीलें (बचत मंत्र) इस प्रकार थीं:
1. ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बचत: जहाँ भी संभव हो, निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो या इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग करें।
2. कार पूलिंग (Car Pooling): एक ही रूट पर जाने वाले लोग मिलकर गाड़ियों का इस्तेमाल करें।
3. सोने की खरीदारी टालना: सोने (Gold) के आयात में बहुत बड़ी मात्रा में देश की विदेशी मुद्रा खर्च होती है, इसलिए कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोना न खरीदें।
4. वर्क फ्रॉम होम (Work From Home): सरकारी और प्राइवेट दोनों ही दफ्तरों में वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जाए ताकि ईंधन और संसाधनों की बचत हो।
5. खाने के तेल का संयमित उपयोग: खाद्य तेलों के आयात पर भी देश का काफी पैसा बाहर जाता है, इसलिए इसके उपयोग में थोड़ा संयम बरतें।
6. विदेशी यात्राओं को टालना: देश की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी विदेशी दौरों या विदेशों में शादियों (Destination Weddings) से बचें।
7. स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा: विदेशी ब्रांड्स के बजाय भारत में बने लोकल और स्वदेशी सामानों का अधिक से अधिक उपयोग करें।
अभी वचन 3, 5,7 पर चर्चा करते हैं.
बाकी बाद में.
3.
मोदी ने सोना ना खरीदने की अपील की थी, लेकिन गोदी मीडिया के अनुसार धनतेरस के एक ही दिन में पूरे देश में कई लाख करोड़ का सोना बिक गया.
5.
खाद्य तेलों का कम उपयोग करने की अपील.
लेकिन मोदीजी के जन्मदिन और आज दिवाली के दिखावे पर मोदी के चाटुकार मंत्री - संत्री और अंधभक्तों ने हजारों टन खाद्य तेल जला दिये.
7. वोकल फॉर लोकल का पाखंड
बीजेपी के तमाम मंत्री, नेता, सांसद ने बाजार जाकर लाखों के चाइनीज लाइट और पटाखे खरीदे.
"दोगला का परिवार "!
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Breaking 🔥
सूर्य कुमार यादव ने थामा बीजेपी का दामन.!
नितिन नबीन दिल्ली में करेंगे PC
कल ही की थी पीएम मोदी से मुलाक़ात.
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हर तानाशाह का यही बुरा हश्र होता है.
भारत के तानाशाहों को भी सतर्क हो जाना चाहिये.
#LIVE | ट्रंप के खिलाफ महाभियोग!
#ATLiveStream #10Tak | Sayeed Ansari nitter.gq/i/broadcasts/2rJqBEYLZ…
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बात तो सही है !!
"कांग्रेस को छोड़ के बाक़ी सभी पार्टियों की दुकान बंद हो रही है।" 🤔
छत्तीसगढ़ के CM विष्णुदेव साईं
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पुलिस से अच्छी कोई दूसरी नौकरी नहीं, बशर्ते पुलिस सरकारी नहीं, सामाजिक हो.
हम ज़ब अपने बच्चों और परिवार के साथ दिवाली मनाएंगे, तो वे अपने परिवार से दूर शहर में गश्त करेंगे.
सभी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों और अपनी ख़ुशी का त्याग करने वाले पुलिस परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 🌺❤️🙏
#HappyDiwali
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Sudhir Chaudhri
क्या राहुल गांधी बहस जीतकर प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं? 😭
नहीं... नहीं....
तुमको दलाली के कोठे से निकालकर बंगले में पालना चाहते हैं... 🤣
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अंधभक्त - मोदीजी 2047 तक प्रधानमंत्री रहेंगे.
देशभक्त - समुद्र मंथन का पूरा अमृत अकेले पी गये क्या...?
अंधभक्त - खी खी खी... ही ही ही... 😁🤣
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Replying to @INCWestBengal
@INCWestBengal का इंस्टा अकाउंट क्यों सस्पेंड किया गया है? @MIB_India, यह किस तरह की हरकत है और किस तानाशाह के इशारे पर किया...?
@MahuaMoitra
@INCIndia @Pawankhera
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प्रसन्न रहना है तो अपना कल ईश्वर पर छोड़ दो और आज को पूरी ईमानदारी एवं नैतिकता से जीयो.
Good morning to all Humanbeing and Patriots only.
❤️🙏🌺
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"हिंसामुक्त" दिवाली मनायें 🙏
माना कि दीपावली सनातन परम्परा का सबसे बड़ा त्यौहार है. भारत की बड़ी आबादी इस परम्परा को जीती है.स्वभाविक है कि ज़ब एक बड़ा समूह कोई पर्व मनाता है, तो उत्साह चरम पर होता है. होना भी चाहिये, लेकिन किसी को "पीड़ा " पहुँचाकर नहीं.
दिवाली इस स्मृति में मनायी जाती है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काट और रावण को मारकर अपने घर लौटे थे.
अब यहां दो तथ्यों पर विचार करना चाहिये.
1. क्या हम सच में मर्यादा पुरुषोत्तम अपने राम को आदर्श मानते हैं...?
2. हमारी सनातन परम्परा जिस वैदिक धर्म की अनुगामिनी है, उसमें "पर पीड़ा " का कोई स्थान है..?
भगवान श्रीराम दया, करुणा, प्रेम के सागर हैं. ज़ब राजसूय यज्ञ में रघु कुल की परम्परा के अनुरूप बलि चढ़ाने घोड़े को लाया गया, तो राम ने ना केवल "हिंसा " का विरोध किया, अपितु स्वर्ण अश्व की बलि देकर रघुकुल की वर्षों पुरानी "बलि प्रथा " को ही खत्म कर दिया.
हम अपनी सुविधा और लाभ के लिए यदा- कदा श्री रामचरितमानस की मीमांसा करते हैं, लेकिन ज़ब उसका परिपालन अनिवार्य हो जाता है, वहां अपने स्वार्थ या भीड़ को
चुन लेते हैं.
गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री रामचरितमानस में स्पष्ट लिखा है....
परहित सरिस धर्म नहिं भाई:
अर्थात - दूसरों की भलाई (परोपकार) करने के समान दुनिया में कोई दूसरा बड़ा धर्म नहीं है।
पर पीड़ा सम नहीं अधमाई:
अर्थात- किसी को भी दुःख या कष्ट पहुँचाने के समान कोई दूसरा नीचतापूर्ण पाप या अधर्म नहीं है।
आपको शायद यह नहीं पता कि ज़ब आप पटाखे और कान फोड़ू बम फोड़ते हैं, तो लाखों करोड़ों जीव - जन्तु या तो डरकर कहीं दुबक जाते हैं, या उनकी मौत हो जाती है.
अगर आप सच में इंसान हैं तो कभी अतिशबाजी करके अपने वैभव से आत्ममुग्ध होने के बजाय किसी पेड़ पर अपने मासूम बच्चों के साथ विश्राम कर रहे परिंदों को इधर - उधर भागते देख लेना, शायद उनमें आपको अपना बच्चा दिख जाये..!
पटाखे और अतिशबाजी "उल्लास " के प्रतीक हैं, उन्माद के नहीं. देश की बड़ी आबादी गरीबी के अभाव को जीती है. परम्परा को सिर्फ वे लोग ही निभाते हैं. बाकी तो सिर्फ पटाखे के रूप में अपने "काले नोट " जलाते हैं. अपने पसीने की कमाई का लाख - दो लाख कौन मूर्ख ऐसे फूँक सकता है..?
चलो छोड़ो, तुम दूसरे जीवों पर दया नहीं कर सकते, अपने बच्चे पर तो कर सकते हो ना..? तुम दिवाली को उन्माद में बदलकर जो बेहिसाब पटाखे फोड़ते हो, उसका जहर प्रकृति को आघात पहुंचाता है और प्रकृति हमें वही लौटाती है, जो हम उसे देते हैं. कहीं ऐसा ना हो आप पटाखे फोड़कर निकल जायें, और आपके बच्चे किसी बड़ी बीमारी का ग्रास बन जायें.
जैसे एक मिठाई खाने से भी मुँह मीठा हो जाता है, वैसे ही एक फूलझड़ी जलाने से भी दिवाली की ख़ुशी मिल सकती है. वह अलौकिक ख़ुशी जो आपने किसी को पीड़ा दिए बगैर अर्जित की है.
यदि आप मेरी बात मान लेंगे तो मैं आपको और आपके परिवार को हमेशा के लिए वह आशीर्वाद दूंगा, जो सिर्फ भगवान दे सकते हैं.
दीप पर्व मंगलमय हो.
शुभेच्छा.
साधुवाद.🙏
आपका शुभचिंतक
आचार्य मुकेश तिवारी.
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तलाकशुदा निधि राजदान ने तो छक्का मारा है.....
अब देखना है कि चित्रा के निशाने पर कौन "शहँशाह " है...?
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क्यों टूटा राधिका मर्चेंट का दिल 💔
अनंत अम्बानी से "तलाक " की अटकलें...
नोट - राधिका - अनंत की शादी में मोदी जी भी शामिल हुए थे.
Hello @grok मामला क्या है..? डिटेल में बताओ.
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नेता और पत्रकार का यह "रिश्ता " समाज और राष्ट्र के लिए कितना नुकसानदायक है.!
NDTV की निधि राजदान 39 साल ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 56 साल से शादी की.
NDTV की बरखा दत्त 44 साल ने जम्मू कश्मीर के चेयरमैन हसीब दाबू 65 साल से शादी की.
NDTV की सोनिया शर्मा 32 साल ने पूर्व मंत्री RPN सिंह 38 साल से शादी की.
आप कल्पना कीजिये, जिन पत्रकारों को "आईना " समझकर हम चैन की जिंदगी जीते हैं, वे नेताओं की गोदी में खेलते रहते हैं..!
अब यदि नेता चाहे कितना भी भ्रष्ट हों, कुकर्मी हों उनका असली चेहरा समाज के सामने कैसे आयेगा, ज़ब उन्होंने हमारी "आँख " पर ही काबू कर लिया हो..?
चलो, इन्होंने तो देर सबेर "अपवित्र " रिश्ते को "मान्यता " दे दी है, लेकिन ना जाने और कितने
नेता और पत्रकार के बीच ऐसे " मधुर " संबंध पनप रहे हैं...?
आने वाले दिनों में और भी ऐसी कई " जोड़ियाँ " सामने आएंगी. बुरा लगे तो माफ़ करना, सच यह है कि पत्रकारों को चकाचौध और एशो आराम चाहिये और रंगीले नेताओं को.......! लिखूंगा तो विवाद हो जायेगा. ये रिश्ते उनकी पर्सनल जिंदगी के लिए फायदेमंद भले हो जायें, समाज और देश को तो नुकसान ही होना है.
NDTV की अमृता राय 43 साल ने मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 69 साल से शादी की.
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दिवाली को एक हफ्ता बचा है.....
लेकिन...
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. अभी तक चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स का लिफाफा नहीं आया...!😭😭
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खड़गे जी के भाषण को लेकर जो सियासी विवाद छिड़ा हुआ है, वह औचित्यहीन और मूर्खता की पराकाष्ठा है.
मनुष्य के द्वारा उच्चारित शब्द या वाक्य समय, परिस्थिति और भाव के अनुरूप परिभाषित होते हैं.
जैसे - यदि कोई व्यक्ति गलती करके भी उसे प्रदर्शित नहीं होने देता तो उस पर लोग व्यंग करते हैं कि " हाँ, हाँ, पता है.. तुम बहुत महान हो "....
इसका मतलब यह नहीं कि गलती करने वाला "महान " होता है.
जैसे - कई बार बच्चे अपनी इच्छा के अनुरूप काम ना होने या उनकी बातों की अनदेखी करने पर बोल देते हैं.... "पापा आप बहुत गंदे हो ". इसका मतलब यह तो नहीं कि उनके पापा गंदे हैं...?
जैसे - कई बार हम जिस भगवान को पूजते हैं, दुःख या समस्या आने पर उसी भगवान को अपना "गुस्सा " दिखाने लग जाते हैं..?
जैसे - कभी हम संकट में रहते हैं और कोई हमारी मदद करने आ जाता है, तो हम कहते हैं कि "आप भगवान जैसे प्रकट हो गये..."
तो क्या यह भगवान का अपमान हो गया..?
ज़ब हम बच्चे थे खेलते खेलते झगड़ा हो जाता था तो गुस्से में बोल देते थे... जा अपने बाप को बुला ले..... जबकि हम उन्हें बाकी समय अंकल बोलकर पूरा सम्मान करते थे.
@kharge जी के मन में मोदी जी के लिए अगर कोई दुर्भावना होती तो भाषण की शुरुआत में ही बोल देते....
अगर गुस्से में उन्होंने कुछ कह दिया तो, जिम्मेदार खड़गे जी नहीं, वह परिस्थिति है.
सिर्फ सांसद और मंत्री बन जाने से "बुद्धिमान " होने का सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता. ऐसा आपके कर्म और व्यवहार में भी दिखना चाहिए. जो लोग इस पर विवाद खड़ा कर रहे हैं, वे भी सब समझते हैं, लेकिन उनका काम ही यही है.
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Replying to @narendramodi
When you meet any foreign leader your face is glowing as a sunflower, but when you meet any Indian person every time we see you are Very sad।
What is the reason...?
Please tell honestly।


















