बीजेपी किसी की सगी नहीं है।
दिया बुझने से पहले फड़फड़ाता है वही हाल बीजेपी का है 2027 चुनाव में हार से पहले अपने सारे रंग दिखा रही है।
अब भाजपा ख़ुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज़ है।
प्रशासन डॉ. आकाश अग्रवाल जी को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे।
चुनाव आयोग सोते से जागे और प्रशासन भी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय और महामहिम राष्ट्रपति महोदया भी तत्काल संज्ञान लें।
अब तो हम खुलकर कहेंगे कि ‘PDA’ में ‘A’ का मतलब अब तो ‘अग्रवाल’ भी है। आज जब समस्त अग्रवाल समाज जीत के समाचार के लिए जाग रहा है, ऐसे में डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ हुए ऐसे अमानवीय व्यवहार और हिंसा के ऐसे वीडियो को देखकर संपूर्ण समाज बेहद आक्रोशित हो उठा है। अब तो अग्रवाल समाज भी समझ गया है कि सच में ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है!’
8 महीने से चुनाव आयोग मोदी जी के आदेश का इंतजार कर रहा था?
8 महीने बाद आखिरकार चुनाव आयोग जागा और FIR हुई!
नन्दलाल निषाद के कथित फर्जी हस्ताक्षर से 26 लोगों के वोट काटने के फॉर्म लगाए गए, जबकि नन्दलाल निषाद खुद कहते हैं - “मैं हस्ताक्षर करना जानता ही नहीं, अंगूठा लगाता हूँ।”
अखिलेश यादव ने महीनों पहले यह मामला उठाया था। सवाल है - विपक्ष को तंज का जवाब तुरंत देने वाला आयोग इतने गंभीर मामले में 8 महीने तक कहाँ था?
कैसा विकास मॉडल है यह, जहाँ उत्तर प्रदेश का गरीब नौजवान अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने, परिवार का पेट पालने और त्योहार की खुशियाँ मनाने के लिए अपना खून बेचने को मजबूर है?
जिस प्रदेश में युवाओं को अपना भविष्य संवारने के लिए खून बेचना पड़े, वहाँ सरकार के विकास के तमाम दावे खोखले नजर आते हैं।
गरीबों की बेबसी और छात्रों की मजबूरी से बेपरवाह भाजपा सरकार को अब सत्ता से बेदखल करने का समय आ गया है!
"प्रधानी का चुनाव इन्होंने इसलिए नहीं होने दिया क्योंकि एक एक वोटर को प्रधान पहचानता है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी
"भविष्य में गरीबों को सुविधा देने का काम करेंगे, गरीबों को घर देने का काम करेंगे।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी
"चुनाव अब जब करीब आ गया है, बहुत समय नहीं बचा है, आज के साथियों की ज्वाइनिंग से पूरब भी हिल गया और पश्चिम भी हिल गया है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी
बेटियों की उड़ान से इतनी नफ़रत क्यों है भाजपा को?
गाजियाबाद में 10वीं-12वीं में 75% अंक लाने वाली 1000 प्रतिभाशाली बेटियों को साइकिल देने का कार्यक्रम था, लेकिन आरोप है कि भाजपा सरकार ने कार्यक्रम स्थल पर बुलडोज़र चलवाकर बेटियों के सम्मान को कुचलने की कोशिश की!
भाजपा को PDA से दिक्कत है, बेटियों की तरक्की से दिक्कत है और शिक्षा को बढ़ावा देने वालों से भी दिक्कत है!
लेकिन भाजपा याद रखे, बुलडोज़र से बेटियों के सपने नहीं कुचले जा सकते!
बेटियों का हक़ नहीं रुकेगा, भाजपा का अहंकार ज़रूर टूटेगा!
नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की भ्रष्टाचार युक्त सड़कें देखिए जरा!
विज्ञापन में चमचमाती सड़कें बनाने वालों की असलियत सामने है।
UP TGT भर्ती में PDA समाज के साथ सरेआम अन्याय हो रहा है!
EWS को 10% की जगह डेढ़ गुने से ज़्यादा सीटें, जबकि OBC, SC और ST को तय हिस्सेदारी से कम!
इस गड़बड़ी को पकड़ने के लिए AI नहीं, ईमानदार नीयत चाहिए।
भाजपा सरकार याद रखे, जिस दिन युवाओं के सब्र का बाँध टूटा, सत्ता के भ्रष्ट क़िले ढह जाएंगे।
इतनी बेईमानी पर तो भाजपाइयों के सिर भी शर्म से झुक जाने चाहिए!
Modi Ji ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर इंडिया में बैन करा दिया, आप सभी इस वीडियो को जरूर देखें और डाउनलोड करके ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
@dhruv_rathee
Modi is now talking to AI videos of dead people to praise himself 🤡
Join AI Masterclass: academy.dhruvrathee.com/aima…
अरुणाचल प्रदेश पर देश का मीडिया ख़ामोश क्यों है?
क्या अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा नहीं है?
चीन का नाम आते ही प्रधानमंत्री की चुप्पी और गोदी मीडिया की तथाकथित देशभक्ति, दोनों सवालों के घेरे में क्यों आ जाती हैं?
देश को जवाब चाहिए, ख़ामोशी नहीं!
आख़िर देश से क्या छिपा रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी?
ITBP प्रमुख चीनी घुसपैठ और झड़प की बात स्वीकार रहे हैं। BJP सांसद संसद में 60 KM घुसपैठ का दावा कर चुके हैं। अरुणाचल का मीडिया भी गंभीर खुलासे कर रहा है।
फिर चीन का नाम आते ही मोदी की ज़ुबान पर ताला और गोदी मीडिया के राष्ट्रवाद को साँप क्यों सूँघ जाता है?
यूपी में 17,735 TGT पदों की भर्ती में आरक्षण का गणित गंभीर सवाल खड़े कर रहा है!
EWS को 2,882 पद यानी 16.25%, जबकि OBC को 4,438 पद यानी 25.02% दिए गए हैं।
कुल पदों पर 10% EWS के 1,774 और 27% OBC के 4,788 पद बनते हैं। फिर EWS को करीब 1,108 पद ज्यादा और OBC को 350 पद कम कैसे?
योगी सरकार जवाब दे! आयोग श्रेणीवार रोस्टर सार्वजनिक करे। नौकरी और आरक्षण के हर पद का हिसाब देना होगा!






