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Lawyer || GPC @ Kenya || Ex Analyst @Indianpac || Ex @sbi_yfi Fellow || Ex PRO @GramVikasSchool || Columnist || History || Politics ||Culture || Civilization ||

Patna, India
Joined August 2013
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‘सभी वर्ग’ क्या होता है? गां$ फाड़े हुए हो सवर्णों की, लड़ सवर्ण रहे हैं, वोट भी सवर्णों का ही चाहिए, पर ‘सामान्य वर्ग’ भी लिखने में स्थान विशेष में पीड़ा हे रही है भाजपा नेताओं को। सवर्ण समाज याद रखे इस दोगली पार्टी को जो पूरे देश को जातिवाद की आग में झोंक रही है। सब के सब साले दोगले हैं, दलाल हैं, जातिवादी हैं। फट्टू।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष UGC नियमावली को लेकर केंद्र सरकार द्वारा रखा गया सुझाव अत्यंत स्वागतयोग्य है। हमें पूर्ण विश्वास है कि समीक्षा के बाद ऐसा संतुलित निर्णय आएगा, जिससे सभी वर्गों को संतोष होगा और सबके हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' — यही मूलमंत्र हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है और हर निर्णय में यही भावना झलकती है।
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भाजपा और भाजपा का चटुआ गिरोह, चटुए यूट्यूबर्स, चटुए पत्रकार यह जान लें कि १. हिन्दुओं के विषयों पर न तो भाजपा का, न नीलेन्द्र नीलमानव का कॉपीराइट है। २. यह पार्टी, वर्तमान स्थिति में, और नीलमानव, हिन्दू द्रोही और समाज को बाँटने वाले तत्व हैं। ३. कोई व्यक्ति जो राष्ट्र की बात करता है और वह भाजपा विरोधी है, वह स्वतः एंटी-नेशनल नहीं हो जाता। ४. नीलेन्द्र कोई ईश्वर का अवतार नहीं है, जन्म लिया है, मरेगा। हम भी मरेंगे। दैवीय नहीं है। सत्ता भी जाएगी क्योंकि सत्ता जाती है। इसका मोह और भय सत्ताधीश को होना चाहिए, नागरिक को नहीं। ५. हर व्यक्ति यूपी चुनाव की कमाई पर आश्रित नहीं है या हर व्यक्ति का राजनैतिक लक्ष्य नहीं होता। और अंत में, 2026 वह वर्ष होगा जिसे भारत की राजनीति को सकारात्मक रूप से बदलने के आरंभ बिंदु के रूप में याद किया जाएगा।
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Absolutely pathetic! ₹442 for 2 Sandwiches which were barely grilled, tastes disgusting & reeks of a dirty smell. Such atrocious food quality is a disgrace. Total waste of money. Horrible experience! @zomato @zomatocare, Why you had to partner with such a Poor Restaurant?
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BJP desperately needs some Hindu-Muslim stuff right now so that it can play the GC vs BhimC quietly. You will see a barrage of such news in coming days. We will certainly discuss Jamia and Sharjeel, with more logic and hate than BJP Chatua Giroh ever can, but at the same time, we will keep fucking you over your casteist policies. The chameleon with Khanjri can sing his tunes, but we will ensure there are no listeners.
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मध्यप्रदेश के ‘जातिवादी हत्यारा राम’ के बाद प्रस्तुत है, महाराष्ट्र के ‘शूद्र संत तुकाराम जो ब्राह्मणों से घृणा करते थे’ का कुतर्क ताकि 73% आरक्षण को उचित बताया जा सके। ये है आपकी और हमारी भाजपा जो भगवान से ले कर संत तक, सबको जातीवादी बताएगी ताकि इन्हें चार वोट मिल सकें।
"𝗦𝗮𝗻𝘁 𝗧𝘂𝗸𝗮𝗿𝗮𝗺 𝘁𝗵𝗮𝗻𝗸𝗲𝗱 𝗮𝗹𝗺𝗶𝗴𝗵𝘁𝘆 𝗳𝗼𝗿 𝗯𝗲𝗶𝗻𝗴 𝗯𝗼𝗿𝗻 𝗮𝘀 𝗮 𝗞𝘂𝗻𝗯𝗶, 𝗼𝘁𝗵𝗲𝗿𝘄𝗶𝘀𝗲 𝗵𝗲 𝘄𝗼𝘂𝗹𝗱 𝗵𝗮𝘃𝗲 𝗴𝗼𝘁𝘁𝗲𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗮𝗿𝗿𝗼𝗴𝗮𝗻𝗰𝗲 𝗼𝗳 𝗕𝗿𝗮𝗵𝗺𝗶𝗻 𝗖𝗹𝗮𝘀𝘀." "𝗦𝗮𝗻𝘁 𝗧𝘂𝗸𝗮𝗿𝗮𝗺 𝘀𝘁𝗮𝘁𝗲𝗱 - 𝘀𝗶𝗻𝗰𝗲 𝗜 𝗮𝗺 𝗯𝗲𝗶𝗻𝗴 𝗯𝗼𝗿𝗻 𝗶𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗦𝗵𝘂𝗱𝗿𝗮 𝗰𝗼𝗺𝗺𝘂𝗻𝗶𝘁𝘆, 𝗜 𝗮𝗺 𝘀𝗮𝘃𝗲𝗱 𝗳𝗿𝗼𝗺 𝗯𝗲𝗶𝗻𝗴 𝗵𝘆𝗽𝗼𝗰𝗿𝗶𝘁𝗶𝗰" These are excerpts from p 367-369 of Gaikwad Commission report (submitted by 𝗕𝗝𝗣 𝗴𝗼𝘃𝘁 𝗶𝗻 𝗕𝗼𝗺𝗯𝗮𝘆 𝗛𝗶𝗴𝗵 𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁 𝘁𝗼 𝗷𝘂𝘀𝘁𝗶𝗳𝘆 73% 𝗾𝘂𝗼𝘁𝗮) FYI, Sant Tukaram was a great Hindu Saint revered by all Hindus, of not only Maharashtra but throughout India. But Maharashtra BJP govt in it's submission before Bombay High Court has reduced even Sant Tukaram to Kunbi caste & selectively quoted his writings to justify 73% quota. BJP has adopted a copy book marxist-christian missionary strategy - Take the sacred writings out of context & use it demean Hinduism, particularly Brahmins.
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Voted for the first time in Bihar’s MLC Graduate Constituency election yesterday.
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले का बिहार कनेक्शन। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से दो आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं, जबकि एक बिहार का। इसे लोग इस मामले के बिहार कनेक्शन के रूप में भी देख रहे हैं चूंकि तीन में से एक आरोपी बिहार का रहने वाला है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पूरे मामले का एक और बिहार कनेक्शन है? वह यह कि मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रौशन, जिन्होंने इस केस को 24 घंटे के अंदर क्रैक कर दिया, वह भी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। इससे पहले वह सलमान खान के घर पर हुए फायरिंग मामले में भी शुरुआती जांच का नेतृत्व कर चुके हैं, जब वह मुंबई में डीसीपी, ज़ोन - IX, के रूप में पदस्थापित थे। इसके लिए उन्होंने 15 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया था। बाद में इस हाइ-प्रोफाइल केस को मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कुल्हाड़िया गांव के निवासी राजतिलक रौशन ने अपनी उच्च शिक्षा आईआईटी खड़गपुर से पूरी की। उनका जन्म 2 फरवरी 1984 को हुआ। उनके पिता का नाम उपेन्द्र तिवारी है, जिनका वर्ष 2023 में स्वर्गवास हो चुका। अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक उन्होंने विदेश में नौकरी भी की, लेकिन कॉरपोरेट वर्ल्ड उन्हें ज्यादा समय तक बाँधे नहीं रख सका। कॉरपोरेट नौकरी से उपजी वितृष्णा के बाद वह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बैठे और आईपीएस के लिए सिलेक्ट हुए। उन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ और इस तरह 23 दिसंबर 2013 को उन्होंने एक आईपीएस अधिकारी के रूप में ज्वाइनिंग की। वर्तमान में राज तिलक रौशन, डीसीपी (डिटेक्शन, मुंबई क्राइम ब्रांच) के रूप में पदस्थापित हैं। अभी तक की पुलिसिंग यात्रा में वह कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वसाई-विरार, पुलिस अधीक्षक, उस्मानाबाद, डीसीपी, नागपुर, डीसीपी, जोन - IX, मुंबई पुलिस, समेत अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों पर सेवा दे चुके हैं। 2023 में सरदार वल्लभ भाई नेशनल पुलिस एकेडमी में हुए मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में राजतिलक रौशन ने 88.25% लाकर सारे ट्रेनिंग अटेंड कर रहे आईपीएस अधिकारियों के बीच पूरे ट्रेनिंग प्रोग्राम में टॉप किया। राज तिलक को अपने साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन के लिए जाना जाता है। वसाई विरार में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहते हुए, उन्होंने 450 गुमशुदा बच्चों को रेस्क्यू किया। यह रेस्क्यू उस समय के मिसिंग चिल्ड्रन के सारे रिपोर्टेड केसेज का 89% था। उनके शानदार साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन के लिए उन्हें गृह मंत्रालय, भारत सरकार, की ओर से "यूनियन होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन" जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। साहित्यिक मन-मिजाज के इस अधिकारी के द्वारा अभी तक दो किताबें भी लिखी जा चुकी हैं। एक हिंदी में, जो "बंजारापन" शीर्षक के साथ हिंदी युग्म से प्रकाशित हुई है, जबकि दूसरा "The Bad, The Ugly & The Unknown" प्रतिष्ठित अंग्रेजी पब्लिकेशन हाउस ब्लमसबेरी से प्रकाशित हो चुका है। राज तिलक रौशन का हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर समान पकड़ है। चूंकि वह महाराष्ट्र में पदस्थापित हैं, इसलिए मराठी भाषा पर भी शानदार पकड़ है उनका। 2015 में उस्मानाबाद के पुलिस अधीक्षक रहते हुए एक ऐसे मर्डर केस का खुलासा किया था, जो उस समय पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी पहेली बन चुका था। कंचन परदेशी नाम की एक महिला को मारकर एक कुएं में फेंक दिया गया था। छ: महीने तक पुलिस को इस महिला के आइडेंटिटी का भी कुछ पता नहीं चल पाया। लेकिन महिला के द्वारा पहनी गई एक कुर्ती को आधार बनाकर, जो एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ऑर्डर की गई थी, साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से राज तिलक के नेतृत्व में पुलिस ने केस को क्रैक कर दिया, और मृत लड़की के आरोपी बॉयफ्रेंड को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। रोहित ✍️ @RohitRuminates
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ले लील भले यह धार मुझे लौटना नहीं स्वीकार मुझे। 🔥🙏
लगता है भाजपा यूपी ने मेरे ऊपर लगा प्रतिबंध हटवा दिया है। पिछले पाँच घंटों में तीन जगह से यूपी चुनाव के लिए वीडियो और ट्वीट के रेट माँगे गए हैं। संभवतः यह लोग या तो मेरे द्वारा ‘रेट बताने’ के स्क्रीनशॉट ले कर ‘ये देखो GC वारियर, पैसा देख कर बिक गए’ करने वाले हैं, या फिर अंतिम विकल्प सोच कर कि देखो, कहीं ‘’जय योगी’ बोल दे, लड़ाई तो मोदी से है न’ पर मान जाए। पहली बात तो यह है कि आपकी सरकार के लोग मेरे एक जानकार की कैम्पेन डिजाइन/मार्केटिंग कंपनी का तीन करोड़ से अधिक रुपया, दो वर्षों से रिलीज नहीं कर रहे। तो आपके लिए कोई काम कर के पैसे क्यों फँसाएगा? एक बता रहा था कि आप लोग सरकार से लेते हो डेढ़ लाख और फील्ड में भटकते पत्रकार को मिलता है 3,000! जी हाँ, तीन हजार! तो सरकार का पैसा तो पत्रकारों को विज्ञापन के रूप में नहीं मिल रहा। एक पोर्टल है, जिसके वीडियो पर तीन हजार व्यू नहीं आते, उसकी बिलिंग 30-35 लाख प्रति महीना है। अब क्या RTI लगा कर पता करूँ कि किसको कितना मिल रहा है? दूसरी बात, मुझे दस-बीस लाख के लिए अपनी क्रेडिबिलिटी नहीं गँवानी। तो आप लोग अपना पैसा अपने पास रखो। मुझे जाँचने-परखने की आवश्यकता नहीं है। मैं तो वामपंथी, सपाई, कॉन्ग्रेसी हूँ। मुझे सोरोस से पैसे मिल रहे हैं। आप लोग कितना दे दोगे? जितना पिछले दस-बारह वर्षों में कर दिया है, निःशुल्क, उसी का चुकाने में आपको समय लग जाएगा। तो प्लीज जाँचिए मत। जो बुरे समय में गाली देते हों, साथ छोड़ते हों, घर पर पुलिस भेजते हों, ऐसे धूर्तों के लिए मेरे पास एक भी सकारात्मक वाक्य नहीं है। मेरा लक्ष्य यूपी चुनाव है। सवर्णों की जब तक सुनवाई नहीं होगी, हमारी स्पष्ट माँगों पर जब तक बात नहीं होगी, मैं लड़ता रहूँगा। या तो जीतूँगा, या हारूँगा, पर समय से पूर्व पीछे नहीं हटूँगा।
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1/5 Sharjeel Imam has given an interview detailing his Islamist manifesto. Surprisingly, no storm has been kicked up over pronouncements that are so unapologetically anti-liberal, anti-secular, anti-democracy, anti-Constitution—in a word, anti-national. 2/5 He openly calls the Constitution fascist, labels secularism a trap, and denounces democracy as a contrivance to deny Muslims their political rights. 3/5 The piece is a litany of indictments against the liberal class. Imam rejects any difference between liberals and Hindutvadis. In his essentialist worldview, all Hindus are the same, unanimous in denying Muslims political power they claim as a divine right. 4/5 Inadvertently, Sharjeel has recognised something that liberals have been fighting shy of acknowledging: that Hindutva’s idea of India is anchored in the same “overarching nationalist framework”— that Muslims are Indians above all else. 5/5 For more, read this Opinion article by Ibn Khaldun Bharati, who looks at Islam from an Indian perspective: Sharjeel Imam’s Islamist manifesto will be forgotten. The silence of liberals will not theprint.in/opinion/sharjeel…
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It’s been over a week now and @narendramodi or the @PMOIndia hasn’t denied/rejected the UP cabinet proposal to name the airport after Modi, while he is alive. This proves the point that it was the PM all along who pressured Yogi to do this shit show. PATHETIC!
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For how long will this bullying continue? The state turns hapless in front of mobs! This is how we will turn our INDIA into a super power by driving out professors & making the director of INDIA’S most prestigious institutions beg, only because they did their job!
धन्यवाद @BJP4India और धन्यवाद @narendramodi जी! आपने अपनी कृपादृष्टि से IIT जैसे संस्थान के डायरेक्टर की हैसियत एक तथाकथित दलित चिंतक के समक्ष यह बना दी कि वह हाथ जोड़े, ऐसे गुंडों की धमकी सुन रहा है। संभवतः, मोदी जी चाहते हैं कि सब पत्राचार से ही पढ़ें, ताकि न IIT आना पड़े, न भेदभाव हो। मेरा सुझाव ले लो मोदी जी, 23 में से 6 IIT को दलित-पीड़ित विशेष बना दीजिए। एक्सक्लूसिव। केवल एक ही जाति-जनजाति समूह के लोग वहाँ पढ़-पढ़ा सकें। उसका नाम भी आप चाहे तो नमो-IT कर सकते हैं।
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This helpless man folding his hands is IIT Bombay director. Forget becoming a developed nation; we will be worse than Somalia in a few decades. Just wait & watch!
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मोहन जी, आप निश्चिंत रहिए कि ये वकील नहीं, आपके हाथों में अपनी ही राजनीतिक क़ब्र खोदने के फावड़े हैं।
आज नई दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता जी एवं प्रदेश के महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह जी के साथ ओबीसी आरक्षण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं और आगामी कानूनी कार्यवाही की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
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बंगाल में दुर्गा पूजा का भव्य 'पुनरारंभ' बताता है कि जितने शुंभ-निशुंभ, मधु-कैटव, चंड-मुंड आते हैं, वो निपटा भी दिए जाते हैं। सनातन सभ्यता निरंतर प्रवाह में चलती रहती है। वह ना तो मुगलों से हारी, ना अंग्रेजों से, और इन भीतरघाती नेताओं से तो घंटा कुछ नहीं उखड़ने वाला है। इसलिए, इसे सनातन के विशाल कालखंड की अविरल धारा में एक सड़े हुए बहते नाले की तरह देखिए जो नदी में कोई डंप कर रहा है। जो भी समाज का शत्रु होगा, जो भी स्वयं को भगवान समझेगा, जो भी राष्ट्र को तोड़ने-बाँटने का प्रत्यक्ष (या परोक्ष) संकल्प ले कर उतरेगा, उसको निपटा दिया जाएगा। वो या तो ऐसे निपटेंगे, या वैसे। आप सबको माता दुर्गा स्वस्थ रखें, समृद्धि दें, शक्ति दें और देश के लिए लड़ने का सामर्थ्य भी।
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Smit Machchar is a nightmare for Left-Lib-Christo-Ambedkarite cabal. A Man, An Indian, A Hindu, ABrahman, A Hanumãn Bhakt On top of all this he has announced that when the monster was ranting Allahu-Akbar, he was chanting Hanumãn Chãlisǎ.
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As it stands, India believes in SRI- Super Reserved Intelligence. And India ranks No. 1 in this.
Where does India stand in the global race for superintelligence?
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मोदी एक्ट की सुंदरता यही है कि कोई व्यक्ति यदि किसी ब्राह्मण सभा में बैठ कर दलितों के लिए इन्हीं शब्दों का प्रयोग कर रहा होता तो @narendramodi व्यक्तिगत रूप से अपने घर में पिघलाए लोहे से बनी हथकड़ियाँ ला कर बाँध लाते। पर आप सवर्ण हो तो माँ-बहन की गालियाँ सुनो, नवबौद्धों द्वारा हर दिन अपने देवी-देवताओं को गालियाँ देते देखते रहो। मोदी जी चाय पीते रहेंगे।
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लोग जो बात मिस कर जाते हैं वह यह है कि मोदी के अनुसार बाबा साहब को बदला लेना चाहिए था, पर नहीं लिया क्योंकि वो मानव से ऊपर थे। यानी, जो सामान्य मानव हैं वो बदला लेते रहें, स्टेट उन्हें मोदी एक्ट का प्रोटेक्शन देता रहेगा। दूसरी बात जो मोदी ने की कि अंबेडकर में कटुता नहीं थी जब वो संविधान सभा में थे। प्रश्न यह है @narendramodi कि कटुता किस बात की होगी? अपने ब्राह्मण शिक्षक को ले कर जिन्होंने अपना नाम दिया, सहयोग किया या सियाजी गायकवाड़ को ले कर जिन्होंने उनकी विदेश में शिक्षा संभव करवाई? ये बातें क्यों नहीं बताई जाती हैं बाबा साहेब के जीवन के बारे में? आज क्यों हर अंबेडकरवादी, नवबौद्ध हिन्दुओं का शत्रु बना हुआ है और सोच-समझकर हमारे देवी-देवताओं का अपमान करता है? कितनी बार मोदी ने एक टिप्पणी की है इस पर? सत्य यह है कि मोदी स्वयं आज के अंबेडकरवादियों का निकृष्टकम रूप है और इनका त्रिपुंड, त्रिशूल, राम मंदिर में हाथ हिलाना केवल और केवल एक छलावा मात्रा है। वह आवरण अब उतर रहा है। लोग बहुरूपिये को पहचानने लगे हैं।
Caste gandus are repeatedly posting the "hisaab chukta" video (that was originally edited by Congress agency before Karnataka election). Here is the full video in which the message is exactly the opposite...
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A detailed account on how blaming the suffering of Chamars and other leather worker communities on "caste" is dishonest and dangerous. Based on our 2021 article on @Pragyata_
A student dies at IIT Bombay. Ambedkarites cry "thousands of years of caste oppression". @infinitchy examines the history of Ambedkar's own Mahar community and tests atrocity literature against historical reality. Watch: youtu.be/8O6Av88m0zY
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A student dies at IIT Bombay. Ambedkarites cry "thousands of years of caste oppression". @infinitchy examines the history of Ambedkar's own Mahar community and tests atrocity literature against historical reality. Watch: youtu.be/8O6Av88m0zY
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