जय बगलामुखी माई एक एक रुपये के लिये लड़ने वाले ,जरा से पैसो के लिये आपसी सम्बन्ध खराब करने वाले ,एक बिता जमीन के लिये मार काट को तैयार होने वाले आज भी आज भी मा दुर्गा की आरती मे खडे होकर जोर जोर से चिल्ला चिल्ला कर गाते है कि
नही मागते धन और दौलत ना सोना और चांदी __
वर्तमान से सुख लेने का प्रयास करिये भविष्य बहुत कपटी होता हैं वो केवल आश्वासन देता है गारन्टी नही जय बगलामुखी माई की








