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Rohtak, New Delhi
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हरियाणा की भागीदारी हमेशा की तरह ऐतिहासिक होगी। 1 नवंबर को हरियाणा की मजबूत भागीदारी इस महारैली को यादगार बनाएगी।
चलो दिल्ली!
दिल्ली का रामलीला मैदान हरियाणा की भागीदारी बता देगा।
चलो दिल्ली!
'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली
1 नवंबर, 2026
📍रामलीला मैदान, दिल्ली
@INCHaryana @SanjaySDutt
आज हरियाणा सरकार के 1,374 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पिछले दो साल में करीब 35 हजार कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, लेकिन ग्रुप-C और ग्रुप-D में एक भी नई भर्ती नहीं हुई।
भाजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है। एक तरफ कर्मचारी लगातार रिटायर हो रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार नई भर्तियां करने को तैयार नहीं। सरकारी विभागों में खाली होते पद और रोजगार के लिए भटकते युवा, यही आज हरियाणा की तस्वीर बन गई है। @DeependerSHooda
टीम दीपेंद्र परिवार के साथियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
मोहित मलिक, तन्मय चौधरी, नवीन और शुभम को विश्वास और जिम्मेदारी के इस नए पड़ाव के लिए शुभकामनाएं। आप सभी के प्रयासों से टीम दीपेंद्र और मजबूत हो, यही कामना है।
@BhaiMohitMalik1 @tanmaym13
@inaveentanwar
चलो दिल्ली!
1 नवंबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में हरियाणा की सबसे बड़ी भागीदारी होगी।
दीपेंद्र हुड्डा जी की आवाज पर हरियाणा का हज़ारों की संख्या में जनसैलाब दिल्ली पहुंचेगा। रामलीला मैदान गवाही देगा हरियाणा के हज़ारों साथियों की।
@DeependerSHooda
भाजपा की पुलिस के आगे, लाठियों के आगे, पानी की बौछारों के आगे कहीं आपके लिए छाती अड़ाने की जरूरत आई तो हम पीछे नहीं रहेंगे।
मगर जो पीठ में वार करे, ऐसे आदमी ने… तम संभाल लियो भाई!
— दीपेन्द्र हुड्डा
हमारी कांग्रेस सरकार के समय 2013 में दिल्ली से पानीपत, दिल्ली से गुड़गांव-रेवाड़ी और दिल्ली से पलवल तक RRTS कॉरिडोर मंजूर हुए थे। लेकिन 12 साल से केंद्र और प्रदेश में BJP की सरकार होने के बावजूद हरियाणा के इन मंजूर कॉरिडोर को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
हमने कांग्रेस सरकार के 10 साल में 82 किलोमीटर मेट्रो का विस्तार किया, BJP 12 साल में एक इंच मेट्रो नहीं बढ़ा पाई। अब इनके चुनावी वायदे—दिल्ली से पलवल, दिल्ली से पानीपत और दिल्ली से धारूहेड़ा तक रैपिड रेल चलाने के वायदे भी जमीन पर नहीं उतरे।
@DeependerSHooda
1 नवंबर, दिल्ली रामलीला मैदान में मिलेंगे हरियाणा आले,
दीपेंद्र जी के बुलावे पे हरियाणा फिर दिल्ली कूच करेगा!
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के बाद AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन में हुई बैठक के दौरान 12 अक्टूबर के 'सुप्रीम कोर्ट मार्च' में हरियाणा की ऐतिहासिक भागीदारी के लिए कांग्रेस संगठन महासचिव श्री के सी वेणुगोपाल जी और AICC हरियाणा प्रभारी श्री संजय दत्त जी ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा जी की विशेष रूप से प्रशंसा की।
अब आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में अपने लोकप्रिय नेता सांसद दीपेंद्र हुड्डा जी के आह्वान पर हरियाणा एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक भागीदारी करके नया इतिहास रचेगा।
@DeependerSHooda @SanjaySDutt
बीजेपी ने 2 लाख युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन आज युवा CET और भर्तियों के इंतजार में सालों गुजार रहे हैं। ग्रुप-C और ग्रुप-D की भर्तियों में युवा उलझे हैं, HPSC में 6 साल में महज 4500 नियुक्तियां हुईं।
2 साल का हिसाब दो, भाजपा सरकार जवाब दो! भाजपा को अपने झूठे वायदों का हिसाब और जनता को जवाब देना पड़ेगा।
@DeependerSHooda
हरियाणा में 24 घंटे से बिजली संकट है, जनता सड़कों पर उतर रही है और बिजली कर्मचारी निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर हैं। बीजेपी सरकार के 12 साल में नए बिजली प्लांट लगाना तो दूर, सरकार मौजूदा बिजली व्यवस्था भी नहीं संभाल पा रही। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी जनता की इस परेशानी के बीच राजनीतिक सैर-सपाटे में व्यस्त हैं।
@DeependerSHooda
गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का निजीकरण BJP सरकार की जनविरोधी नीति का एक और उदाहरण है। मात्र ₹1 करोड़ की पूंजी वाली कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देकर सरकार सरकारी बिजली निगमों को कमजोर और निजी कंपनियों को मजबूत करने में लगी है।
हुड्डा सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाकर हरियाणा को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया था, जबकि BJP सरकार की नीतियों के चलते आज प्रदेश में बिजली संकट के हालात पैदा हो रहे हैं। @DeependerSHooda
अभय चौटाला जी का दिन शुरू होता है हुड्डा साहब के नाम से, दोपहर दीपेंद्र हुड्डा जी का नाम जपते हैं और रात को दीपेंद्र हुड्डा जी का नाम लेते-लेते घर चले जाते हैं। लगता है सपने में भी हुड्डा परिवार ही दिखाई देता होगा। 😅
बेहतर होगा कि अभय चौटाला जी दूसरों का नाम जपने की बजाय अपनी पार्टी के हाल पर आत्ममंथन करें। 2014 में 19 सीटें जीतने वाली पार्टी आपके नेतृत्व में महज 1 सीट पर कैसे सिमट गई? खुद अपना चुनाव भी इतने बड़े अंतर से क्यों हार गए?
अभय जी, दूसरों की चिंता छोड़िए, अपनी पार्टी के राजनीतिक पतन के कारणों पर विचार कीजिए।
हुड्डा साहब की सरकार में ‘पदक लाओ, पद पाओ’ की नीति थी। जो खिलाड़ी मेडल लेकर आता था, उसे DSP, इंस्पेक्टर जैसे पदों पर सरकारी नौकरी मिलती थी। इससे उसका भविष्य सुरक्षित होता था और दूसरे बच्चों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी।
BJP सरकार ने सत्ता में आते ही हरियाणा की इस मील का पत्थर साबित हुई नीति को खत्म कर दिया। 12 साल में ऐसी बेहतर नीति लाना तो दूर, उसके आसपास की भी कोई नीति नहीं लाई गई।
सोनीपत मंडी में किसान की आंखों से छलके आंसू बीजेपी सरकार के किसान हितैषी होने के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। 7 अक्टूबर से धान की खरीद का इंतजार कर रहे किसान की पत्नी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसे अपनी फसल बेचने के लिए मंत्री अरविंद शर्मा के सामने गुहार लगानी पड़ रही है।
चुनाव में ₹3100 MSP का वादा करने वाली नायब सैनी सरकार में न धान की समय पर खरीद हो रही है, न किसान को MSP मिल रही है। मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दब रहा है। @DeependerSHooda
हरियाणा में CET को युवाओं के भविष्य का रास्ता बनाने की बजाय BJP सरकार ने इसे चुनाव के समय वोट बटोरने का जरिया बना दिया है। चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे, भर्ती के झूठे भरोसे और नौकरी के नाम पर घोषणाएं, लेकिन हकीकत में न भर्ती का कैलेंडर, न परीक्षाओं की तारीख और न ही युवाओं को रोजगार की गारंटी।
@DeependerSHooda @ShweDhull
विरोधियों, जलन बरकरार रखो, तुम्हारी तकलीफ समझ सकते हैं। हम तो अपनी मेहनत और जनता के आशीर्वाद से यूं ही आगे बढ़ते रहेंगे। ❤️
@DeependerSHooda
पूरे देश में इस बात की चर्चा है कि हरियाणा में केवल वोट चोरी नहीं, सत्ता चोरी भी हुई है। और यह लड़ाई हम लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई।
यह लड़ाई निष्पक्ष चुनाव और लेवल प्लेइंग फील्ड की लड़ाई है। प्रजातंत्र में जब तक सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का अवसर नहीं मिलेगा, तब तक जनभावना का क्या अर्थ रह जाएगा?
अगर चुनाव आयोग और काले धन के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को मैनेज करके जनभावना को हराकर सत्ता हासिल की जाएगी, तो जनभावना कहां जाएगी? जब जनता की भावना की ही कदर नहीं होगी, तो सत्ता में रहने वालों के लिए प्रजातंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा?
हमारी लड़ाई निष्पक्ष चुनाव आयोग, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया, सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर और लेवल प्लेइंग फील्ड सुनिश्चित करने की है।
Team Deepender INC retweeted
लाखनमाजरा स्टेडियम में बॉस्केट बॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत होने के एक साल बाद भी सरकार ने अपनी तरफ से कोई पैसा नहीं लगाया बल्कि मेरे एमपी कोटे से जो पैसा लगा है उसके काम की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। वहां हुए काम में अभी से ही दरार आ गयी।
जहाँ से राष्ट्रीय टीम के 2-3 खिलाड़ी निकलते हैं, सरकार उसके विकास के लिए एस्टीमेट तक पास नहीं कर रही है। सरकार को फंड की जितनी आवश्यकता हो, मेरे MP कोटे से लें, मैं देने को तैयार हूँ। लेकिन स्टेडियम में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
रोहतक जिले की दिशा बैठक के बाद...
ये बीजेपी ऐसी सरकार है जो विकास के नाम पर सिर्फ प्रचार करती है, जमीन पर काम करने की बारी आए तो पुरानी मंजूरशुदा परियोजनाओं को भी कुचल देती है। रोहतक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।





