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रौद्र नामक इस विक्रम संवत् 2083 का राजा गुरु और मंत्री मंगल है. वर्षलग्न के अनुसार जन जीवन में वैचारिक संकीर्णता और आक्रोश बढ़ेगा. आर्थिक मामलों में चुनौतियां रहेंगी. शासन सत्ता के कुछ निर्णय बड़े मुद्दे बनेंगे. इस वर्ष किसी नए मजबूत और कठोर नेतृत्व के उभरने की प्रवल संभावना है.
5 नवंबर से 5 दिसंबर तक,
समय राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है. गोचर में ग्रहों का कॉन्फ़िगरेशन अप्रत्याशित घटनाओं और बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है. कई तरह के मैन्यूप्यूलेशन्स देखने को मिलेंगे. सत्य का ठेका किसी के पास नहीं है. अंधभक्ति नहीं, आप वही करो जिसमें आपकी इयत्ता हो.
शुक्र नीच राशि कन्या में जा रहा है. 22 नवम्बर तक बुध और शुक्र दोनों वक्री होकर राशि परिवर्तन कर रहे हैं. शुक्र पर शनि की दृष्टि रहेगी.
किसी जरूरी वार्तालाप में लहज़ा तल्ख हो जाने से बात बिगड़ भी सकती है. अनर्गल वाणी पर अंकुश रखें. पेंडिंग मामलों को निपटाने पर ध्यान दें.
मप्र के सीएम साहब के संबोधन के बाद एक और...
"पण्डित गोरखनाथ"
आज भाजपा के अध्यक्ष नितिन नबीन का संबोधन!
नाथ परंपरा में नवीन प्रयोग?
शाश्वत सत्य है,"सदा न संग सहेलियाँ सदा न राजा देस" हाल ही में हुए चुनावों में सर्बिया, स्वीडन, ब्राजील, इस्राइल और अब अमेरिका में मिडटर्म चुनावों के नतीजे एक ट्रेंड के संकेत हैं. दुनियाभर में बदलाव की बयार चल रही है. बाईं तरफ, लिबरल डेमोक्रेटिक बयार! हवाओं को कभी कोई रोक पाया है?
मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय:
हनुमान चालीसा का प्रतिदिन सात बार पाठ करें, देशी घी का दीपक प्रतिमा के दायीं ओर रहे. भोग में भुना चना और गुड़ रखें. मंगलवार को मंदिर में हनुमान जी का चोला चढ़ाएं, युवा पुजारी को लाल मूँग की दाल दान करें.
दर्शन: बड़े-बूढ़े हनुमान जी, फर्रुखाबाद
गोचर में एक गुरु राशि बदल चुका है (बृहस्पति) और दूसरा गुरु (शुक्र) बदलने वाला है. मंगल और सूर्य नीच राशियों में हैं. -- अगले दस दिन,
निजी और कामकाजी मामलों में गलत निर्णयों और पुराने अनसुलझे मुद्दों में फंसने से बचिए.
Key-words : Triple C
Conversation, Compromise and Cooperation.
कुंडली में कमजोर चंद्रमा के लिए कुछ उपाय:
शिवजी की पूजा, शिवलिंग पर जल चढ़ाना, सोमवार व्रत, अपनी माता की सेवा करें. चंद्रमा शुभ भावों का स्वामी है तो मोती धारण करें. मानसिक शांति हेतु - पर्याप्त नींद, ध्यान, नियमित दिनचर्या.
ॐ नमः शिवाय
दर्शन : चंद्रमौलेश्वर मंदिर, पाटण (गुजरात)
आज अग्नि तत्व राशि सिंह में चंद्रमा की युति गुरु एवं केतु के साथ है. भावुकता या उकसावे में आकर प्रतिक्रिया करना कमजोर आत्मविश्वास का लक्षण हैं. कठिन वक़्त में समझदार व्यक्ति रास्ता खोजता है और कमज़ोर व्यक्ति बहाना.
Tip of the day: The man who chases two rabbits, catches neither.
तुलना जीवन-दर्शन के संदर्भ में एकेडमिक या फिलॉसफी के आधार पर होती तो भी समझा जा सकता था, परंतु इस भाषा-शैली में हमारे आराध्य श्री राम और श्री कृष्णा की तुलना करना समझ से परे है. बल्कि भावनाएं आहत हुई हैं. क्या कोई धार्मिक व्यक्ति ऐसा कर सकता है? क्या यह स्वीकार किया जा सकता है?
मन का कारक चंद्रमा आज स्व राशि कर्क में मंगल के साथ है. किंतु मंगल के नीच होने के प्रभाव की बजाय मंगल चंद्रमा को उर्जित कर रहा है.
आप अपनी समझ और पूरे आत्मविश्वास के साथ काम कीजिए. सफलता प्राप्त होने की पूरी संभावना है.
Wish you all the best 👌
रैलियों की कामयाबी सिर्फ़ “भीड़ कितनी आई” इस आधार पर परखना हल्की बात है। शानदार और सटीक ट्वीट. तमाम बकलोली का सीधाजवाब।
रैलियों की कामयाबी सिर्फ़ “भीड़ कितनी आई” इस आधार पर परखना हल्की बात है। सवाल ये है कि
- अगर CEC और चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ देश का विपक्ष एक साथ इतने बड़े मंच पर साथ आया तो देश में क्या संदेश गया ?
- चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विश्वास मज़बूत होना चाहिए या नहीं ?
- जिस चुनाव में ज्ञानेश कुमार CEC नहीं थे, मंच से उस चुनाव को अवैध बताया गया तो लड़ाई का दायरा कहाँ तक जाएगा ?
- कार्यकर्ता कितने उत्साहित थे ? क्या ये उत्साह सत्ताधारी दल से चुनावी लड़ाई लड़ने में मोबिलाइज़ होगा ?
- हासिल क्या है ? इस्तीफ़ा नहीं होता और SIR रद्द नहीं होता तो विपक्ष किस हद तक और कैसे सरकार पर दबाव बनाएगा ?
- जो विपक्षी एकता दिल्ली में दिखी वो राज्यों में दिखेगी ?
- और आख़िर में वोट चोरी का आरोप आगामी चुनाव में मुद्दा बनेगा ?
#OppositionRally #RamlilaMaidan
आप किसी भी पार्टी के समर्थक या विरोधी हों परंतु जन तंत्र में ऐसी तस्वीरें भरोसा देती हैं. सत्ता पक्ष की जवाबदेही और आम आदमी की भागीदारी बनी रहे.
... यही तो है स्वस्थ लोकतंत्र की खूबसूरती!
नवंबर की शुरुआत आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि पुष्य योग के साथ हो रही है. तमाम प्रतिकूल ग्रह स्थितियों के बावजूद यह योग संपूर्ण कार्यों की सिद्धि करता है. सायंकाल चंद्रोदय व्यापिनी अहोई अष्टमी पूजा है. संतान की लंबी उम्र और उज्जवल भविष्य की कामना के लिए माताएं यह व्रत करती हैं.
कई अन्य असहमतियां होते हुए भी बहुत से ऐसे इश्यू हैं कि अजीत भारती को सुनने के बाद मुँह से वाह निकल जाता है. @NijiSachiv के इस वीडियो ने दिल जीत लिया. @OfficeOfDKV इसे देखिए कि आपने क्या फियास्को किया है.
Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला retweeted
ब्रसेल्स में जुटे दुनिया के स्वतंत्र पत्रकार : आवाज़ दबाए जाने के ख़िलाफ़ एकजुटता का संदेश
youtu.be/9o-ASoedp4w
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के स्थान को लेकर भ्रम है. झारखण्ड में देवघर अधिक मान्य है, यद्यपि गीता प्रेस की पुस्तक में इसे आंध्र प्रदेश के परली ग्राम में लिखा गया है. ऐसे ही नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में है, किंतु कुछ लोग उत्तराखंड में अल्मोड़ा के निकट जागेश्वर धाम में मानते हैं.
कोऽरुक्? अर्थात रोग से मुक्त कौन है?
आचार्य वाग्भट ने उत्तर दिया --
हितभुक्, मितभुक्, ऋतभुक्
-- जो हितकारी भोजन करे, जो सीमित मात्रा में भोजन करे, और जो सत्य से अर्जित अन्न खाए.
स्वस्थ रहने के लिए हर बदलते मौसम में शरीर की शुद्धि (डिटॉक्सिफिकेशन) जरूरी है.
(साभार-अष्टांगहृदयम् )








