पंकज सिंह गौर retweeted
नमित मल्होत्रा की फिल्म में भगवान राम सुपर्णखा को पहचान नहीं पाते, ज़ाहिल भगवान को हनीट्रैप होते दिखा रहा
हरे आम के पिल्ले जब मां सती, सीता माता का रूप धर के सामने आई तो भी भगवान ने उन्हें माता कहकर प्रणाम किया था।
जो माता सती को पहचान ले वो एक राक्षसी के छद्म रूप में फंसेगा?
कोई कितनी भी बकैती करे लेकिन यह सत्य है कि १४और १९में बीजेपी कोपूर्ण बहुमत न मिला होता तो प्रभु श्री रामकामंदिर अयोध्या में नहीं बन सकता था।लोग कितना भी कहें कि कोर्ट के निर्णय से बना है। दूसरी सरकार होती तो निर्णय आता ही नहीं। मंदिर बननेके बाद ऐसी सुलगी कि धुआं बंद नहीं हो रहा
पंकज सिंह गौर retweeted
भारत त्योहारों का देश है.... हम या तो कोई त्योहार मना रहे होते है या किसी त्योहार की तैयारी में रहते है.. हमारे पूर्वजों ने हमे अच्छा बहाना दिया है. कि हम हर दुःख सुख भूलकर अपनो के बीच रहे और अपने रीति रिवाजों को जिए... हर पल एक समान तो नहीं लेकिन त्योहार अच्छे से मना लेना चाहिए
पंकज सिंह गौर retweeted
जब महात्मा बुद्ध अनपढ़ों की भूमि महाराष्ट्र पहुंचे तो वहाँ के लोगों ने कहा आली रे आली , ज्ञान की दीप आली।
उसी दीपआली को बाद में ब्राह्मणों ने दीपावली कर दिया।
आप सभी को दीपआली की हार्दिक शुभकामनाएँ।
पंकज सिंह गौर retweeted
भले ही रवींद्र जैन शरीर की आंखों से भगवान राम को नही देख सकते थे लेकिन उनके संगीत से उनकी भगवान राम में आस्था युगों तक अमर हो गई।
मैने बारहवीं तक बहुत पटाखे फोड़े उसके बाद इच्छा नहीं होती थी। गांव में शरद पूर्णिमा को टेसू के विवाह में ही पटाखे फोड़े जाते थे दीपावली में नहीं। बाद में बंद कर दिया था लेकिन फिर इन ज्ञान देने वालों का स्यापा चालू हुआ तो अब दीपावली पर भी फोड़ने लगे हैं।
पंकज सिंह गौर retweeted
Get your ground water checked guys
Use RO for everything even brushing, but try to drink better quality water 🙏🏻
मेरे लिए तुलसी कृत श्रीरामचरितमानस ही रामायण है जिसे मैं 10 की उम्र से पढ़ता आ रहा हूं। इसमें राम सहज, सरल, करुणामयी आडंबर रहित मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। भाषा भी जन जन को समझ में आने वाली है इसीलिए यह वाल्मीकि रामायण से ज्यादा पढ़ी जाती है। रामानंद सागर जी ने अपनी रामायण को इसी को+
पंकज सिंह गौर retweeted
आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की कृपा सदैव बनी रहे आपका जीवन सुख, समृद्धि, सफलता और खुशियों से जगमगाता रहे।
जय मॉं लक्ष्मी 🙏🚩
शुभ_दीपावली
पंकज सिंह गौर retweeted
कुछ तो बेहद खास रिश्ता है श्रीराम और हम हिंदुओं के बीच... सदियों से उनकी कथा सुनते आ रहे हैं सैकड़ों बार सुनने के बावजूद हर बार वही कहानी हमें हिम्मत और धैर्य देती है।
भगवान के अनेक रूप हैं लेकिन श्रीराम सिर्फ आराध्य नहीं, हमारे अपने हैं… हमारे राजा, हमारे अभिभावक।
पंकज सिंह गौर retweeted
धनतेरस से लेकर दिवाली की रात तक बाजार से अपना जितना धन बचा पाए समझो आप पर उतनी ही लक्ष्मी माता की कृपा हुई है बाकी धनिया और झाड़ू खरीदने जैसे बहुत से टोटके ज्यादा भरोसेमंद नहीं है ।
पंकज सिंह गौर retweeted
यदि आपको प्राचीन भारत के उत्कर्ष स्वरूप में राजनीति , प्रेम ,मित्रता, युद्ध एवं नगरीय जीवन की विलासिता आदि का ठीक ठीक प्रदर्शन एवं उत्तम कथ्य एवं साथ में ही साहित्य के विविध अलंकारों एवं वाक्य विन्यास की जटिलता से झंकृत होना चाहते हैं तो डण्डिन कृत दशकुमारचरितम पढ़े।
😊😊🙏
पिछले चार दिनों के अथक मेहनत करने के उपरांत इस वर्ष दीपावली की साफ़ सफाई का कार्य आज स्नानागार और गुसलखाना साफ करने के बाद समाप्त हुआ। अब अगले वर्ष में फिर यही कार्य दोहराना पड़ेगा। अपनी पत्नी को प्यार करने वाला पति इस चक्र से बाहर नहीं निकल सकता है। यह सब अविवाहित नहीं समझ सकते।
भारत में कुछ मुख्य रामायण हैं - वाल्मीक रामायण, श्रीरामचरितमानस, अध्यात्म रामायण, आनंद रामायण, कम्बन रामावतारम, श्रीरंगनाथ रामायण, कृत्तिवासी रामायण, सप्तकांड रामायण आदि। जब इतनी रामायण हैं और सबमे अपने अपने हिसाब से चित्रण किया है। प्रसंग भी सब अलग अलग हिसाब से लिखे गए हैं।
++













