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हमारे प्रभु, सबसे सुन्दर और सबसे प्रिय—
सूर्य देव से भी अधिक तेजस्वी,
द्वारकाधीश श्री कृष्ण कन्हैया के दिव्य दर्शन 🌞🙏
हरे कृष्णा! हरे गोविंदा! 🪷
#HareKrishna
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Jahan Dekho Ishq ke Bimar Baithe Hai
Hazron Mar Gye Hai Lakhon Taiyar Baith Ha
Krke Apni Zindagi Barbad Ladkiyon Ke Piche talim Barbad
Fir kahate Hain Maulana Sahab Dua Karo berozgar Baitha
Suno jo bhi ho na fllw kro repost kro
Bkup @TheDopeSoulX
nitter.gq/i/spaces/1ZBXdbNglXyNY…
A sensational 31% ethanol claim deserves serious scientific scrutiny. Without transparent testing methodology and proper documentation, how can the findings be independently verified? Science needs evidence, not assumptions.
Realizing the 500 Sq Ft Dream..!!
Upgrading from 160 sq ft to a well planned 500 sq ft home gives working families the space and self respect they deserve. DCM @mieknathshinde keeps housing delivery right on schedule.
स्वस्थ बिहार के निर्माण के लिए केवल योजनाएं नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं जरूरी हैं। इसी सोच के साथ बिहार सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, विस्तार और जनकल्याण को नई गति दे रही है।
₹100 करोड़ के कैशलेस चिकित्सा फंड से सरकारी कर्मचारियों को राहत, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा ₹4 लाख करने से अधिक जरूरतमंदों को सहायता और आशा कार्यकर्ताओं का पारितोषिक ₹3,000 प्रतिमाह करने से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 95 लाख लोगों की जांच और 8,537 मरीजों की पहचान, चिकित्सा शिक्षा के लिए 231 DNB सीटों की मान्यता तथा PMCH में स्पाइन यूनिट के लिए 39 नए पदों का सृजन स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बनाएगा।
इसके अलावा कैंसर केयर सोसाइटी को ₹5 करोड़ और बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए ₹8 करोड़ की स्वीकृति भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद नागरिक तक पहुंचें। स्वस्थ समाज ही विकसित बिहार की सबसे मजबूत नींव है।
#Bihar #BiharGovernment #HealthForAll #Healthcare #SwasthBihar #ViksitBihar #BiharDevelopment #GoodGovernance
रामनगरी अयोध्या का दीपोत्सव केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक है। यहां का हर दीप भारतीय परंपराओं की दिव्यता को और निखार रहा है। 🪔🚩
#Deepotsav2026Ayodhyapuri
रंग-बिरंगी रोशनी से सजी अयोध्या की छटा देखते ही बन रही है। दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से भरा वातावरण रामनगरी को अलौकिक आभा प्रदान कर रहा है। यह दिव्य उत्सव हर हृदय में भक्ति और आनंद का संचार कर रहा है। जय श्रीराम! ..🚩🙏
#Deepotsav2026Ayodhyapuri
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पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ।।
जय श्री लक्ष्मी माता 🌸🌺🙏
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🚩 शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन! 🙏🚩
जय बजरंगबली! जिनके नाम से संकट मिटते हैं और भक्तों के जीवन में शक्ति, साहस और विश्वास का संचार होता है।
जय श्री राम! जय हनुमान! 🚩
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मुंबई को हर परिस्थिति में निरंतर गतिमान बनाए रखने वाले हमारे सफाई कर्मचारी अब अनिश्चितता के साए में नहीं रहेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी के हाथों आश्रय योजना चरण 2 के अंतर्गत नवनिर्मित आवासों की चाबियों का वितरण संपन्न हुआ।
यह केवल पक्के मकान नहीं हैं बल्कि हमारे स्वच्छता सैनिकों के स्वाभिमान और उनके सुरक्षित कल का मजबूत आधार हैं।
फडणवीस जी की यह नीति दर्शाती है कि राज्य में विकास का लाभ हर उस परिवार तक पहुंच रहा है जिसने अपने पसीने से इस शहर को संवारा है।
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🪔 दीवाली पर आप सभी से एक छोटी-सी अपील…
दीवाली सिर्फ अपने घर को रोशन करने का त्योहार नहीं, बल्कि किसी दूसरे के जीवन में खुशियाँ बाँटने का भी पर्व है। यह त्योहार गरीब-अमीर, ऊँच-नीच हर वर्ग के लोगों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आता है।
मेरी आप सभी से अपील है कि इस दीवाली अपने आसपास किसी जरूरतमंद या भूखे व्यक्ति को एक वक्त का भोजन, मिठाई, कपड़े या पटाखे देकर उसकी खुशियों में भी शामिल हों।
मैं जानता हूँ कि हर कोई ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन जो सक्षम हैं, वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूर कोशिश करें।
इसकी शुरुआत मैं खुद करूँगा। मेरा उद्देश्य किसी की पूरी जिंदगी बदलना नहीं, बल्कि अपनी छोटी-सी कोशिश से किसी के चेहरे पर कुछ पल की मुस्कान लाना है।
याद रखिए, आपकी खुशियों में उनका भी हिस्सा है। इस दीवाली अपने घर के साथ किसी गरीब की झोपड़ी में भी खुशियों का दीप जलाइए।
असली दीवाली तभी है, जब हमारी खुशियों में किसी और की मुस्कान भी शामिल हो। ❤️
@Vivaan_85🪔🙏
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गोकुल दूध संघ के विषय पर मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी ने जिस स्पष्टता और संवैधानिक मर्यादा के साथ वस्तुस्थिति सामने रखी है वह उनकी उत्कृष्ट राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।
दोनों पक्षों के पास आवश्यक कोरम न होने की वजह से पैदा हुए संवैधानिक गतिरोध को दूर करना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे राजनीतिक कब्जे के सभी आरोप पूरी तरह तथ्यहीन साबित होते हैं क्योंकि सरकार का किसी स्थानीय संस्था पर नियंत्रण पाने का कोई इरादा नहीं है।
फडणवीस जी ने स्पष्ट आह्वान किया है कि दोनों स्थानीय गुट आपस में बैठकर आम सहमति से संस्था हित में उचित निर्णय लें।
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10 साल पहले जिस पुणे मेट्रो की नींव रखी गई थी, अब उसका एक और महत्वपूर्ण चरण जनता को समर्पित हुआ। PM @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व और DCM @mieknathshinde जी के सहयोग से महायुति सरकार ने पुणे के आधुनिक ट्रांसपोर्ट का सपना सच कर दिखाया।
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दीपोत्सव का दशक
2017 में 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ अयोध्या का दीपोत्सव आज 25 लाख से अधिक दीपों के विश्व रिकॉर्ड तक पहुँच चुका है। यह दशक केवल भव्यता का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान, लाखों स्थानीय कुम्हारों के सशक्तीकरण और अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का स्वर्णिम काल है। 🪔✨
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#deepotsav2026ayodhyapuri
दीपोत्सव का दशक
अवधपुरी में सजा प्रभु श्री राम का अलौकिक दरबार!
रामनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव का ऐतिहासिक उल्लास! मंच पर विराजमान प्रभु श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी, भरत-शत्रुघ्न और पवनपुत्र हनुमान जी के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर हर कोई भावविभोर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, पूज्य संतों और अपार जनसैलाब की उपस्थिति में त्रेतायुगीन वैभव एक बार फिर साकार हो उठा है।
जय श्री राम! 🪔🏹🚩
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#deepotsav2026ayodhyapuri
दीपोत्सव का दशक
पावन धाम अयोध्या नगरी में दीपोत्सव के भव्य उत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करते हुए प्रभु श्री राम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण और भक्त हनुमान के स्वरूपों का अवधपुरी की पावन धरा पर प्रतीकात्मक 'पुष्पक विमान' (हेलीकॉप्टर) से भव्य आगमन हुआ।
* भव्य अगवानी व शोभायात्रा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों व गणमान्य अतिथियों के साथ प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूपों का पुष्पवर्षा के बीच स्वागत किया और ससम्मान रथ की ओर प्रस्थान कराया।
* अवध में राम राज की गूंज: पृष्ठभूमि में गूंजते मंगल गीतों—"सारे जग में उजाला फिर छाया है, देखो रामराज फिर से लौट आया है... चलो दीप से दीप जलाएं" के साथ पूरी अयोध्या भक्तिमय माहौल और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठी।
* आस्था और उल्लास का संगम: सुंदर रंगोलियों, फूलों की सजावट और भारी जनसैलाब के बीच प्रभु के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। लाखों दीयों की जगमगाहट से सरयू तट और रामनगरी एक बार फिर विश्व पटल पर आध्यात्मिक भव्यता का अनुपम संदेश दे रही है।
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पुणे के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक और स्वर्णिम अध्याय! हिंजवड़ी और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू होने से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और DCM @mieknathshinde जी की महायुति सरकार का यह काम अभूतपूर्व है।
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कुपोषण: स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य के सामने एक गंभीर चुनौती
कुपोषण केवल भोजन की कमी का नाम नहीं है, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में या संतुलित रूप से न मिलने की स्थिति है। यह बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और वयस्कों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
1. कुपोषण क्या है?
जब किसी व्यक्ति को उसके शरीर की आवश्यकता के अनुसार ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व नहीं मिलते, तो उसे कुपोषण की समस्या हो सकती है।
कुपोषण दो तरह से दिखाई दे सकता है:
- **अल्पपोषण:** शरीर को पर्याप्त भोजन और पोषक तत्व नहीं मिलना।
- **अतिपोषण:** आवश्यकता से अधिक ऊर्जा का सेवन, जिससे मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
2. कुपोषण के प्रमुख कारण
कुपोषण के पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण होते हैं।
1. गरीबी और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता में कमी।
2. असंतुलित खानपान।
3. बच्चों को पर्याप्त पोषण न मिलना।
4. स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की कमी।
5. बार-बार संक्रमण और बीमारियाँ।
6. गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त पोषण न मिलना।
7. पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का अभाव।
8. भोजन में विविधता की कमी।
3. कुपोषण के लक्षण
कुपोषण के लक्षण व्यक्ति की उम्र और पोषण की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
- उम्र के अनुसार वजन और लंबाई का पर्याप्त विकास न होना।
- लगातार कमजोरी और थकान।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना।
- बार-बार संक्रमण होना।
- बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होना।
- बालों और त्वचा में बदलाव।
- खून की कमी यानी एनीमिया।
- गंभीर स्थिति में शरीर में सूजन आना।
4. बच्चों पर कुपोषण का प्रभाव
बचपन में उचित पोषण मिलना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इसी समय शरीर और मस्तिष्क का तेजी से विकास होता है।
कुपोषण के कारण:
- बच्चों की लंबाई और वजन का विकास प्रभावित हो सकता है।
- सीखने और समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
- रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है।
- पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
- गंभीर मामलों में जीवन को भी खतरा हो सकता है।
5. किशोरावस्था और कुपोषण
किशोरावस्था शरीर के विकास का महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता बढ़ जाती है।
पोषण की कमी से शारीरिक विकास, हड्डियों की मजबूती, ऊर्जा और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। इसलिए किशोरों को संतुलित और विविधतापूर्ण भोजन देना जरूरी है।
6. कुपोषण से बचाव के उपाय
कुपोषण को संतुलित आहार, स्वच्छता और उचित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।
- भोजन में दाल, चावल, रोटी और हरी सब्जियाँ शामिल करें।
- मौसमी फल और दूध-दही का सेवन करें।
- प्रोटीन के लिए दाल, चना, राजमा, सोयाबीन और अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थ लें।
- आयरन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियाँ और दालें खाएँ।
- पर्याप्त स्वच्छ पानी पिएँ।
- भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोएँ।
- बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएँ।
- उम्र के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित करें।
- शिशुओं को शुरुआती छह महीने तक केवल माँ का दूध दें और उसके बाद उचित पूरक आहार शुरू करें।
7. कुपोषण दूर करने में सरकार और समाज की भूमिका
कुपोषण केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास से जुड़ा विषय है।
भारत में इसके समाधान के लिए कई योजनाएँ और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:
- पोषण अभियान: बच्चों, किशोरियों और महिलाओं की पोषण स्थिति में सुधार के लिए।
- सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0: पोषण सेवाओं और बच्चों के विकास को बेहतर बनाने के लिए।
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना: सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पात्र बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार सहायता प्रदान करने के लिए।
इन योजनाओं की सफलता के लिए जागरूकता, पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुँच जरूरी है।
8. परिवार की जिम्मेदारी
बच्चों को केवल पेट भरने के लिए भोजन देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें ऐसा भोजन मिलना चाहिए, जिससे शरीर और मस्तिष्क दोनों का समुचित विकास हो सके।
माता-पिता को बच्चों के खानपान, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और नियमित विकास पर ध्यान देना चाहिए। किसी बच्चे का वजन या लंबाई अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रही हो, तो स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कुपोषण एक ऐसी चुनौती है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य से लेकर देश के भविष्य तक पड़ता है। स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं।
हमें यह समझना होगा कि पोषण कोई विलासिता नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ जीवन की बुनियादी आवश्यकता है।

















