Pinned Tweet
आज के राजनीतिक में हिंदू-मुसलमान नहीं है, आज के राजनीतिक में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का हितैषी है। आपकी समस्या भारत के राजनीतिक में समस्या नहीं है। बल्कि बीजेपी और कांग्रेस की राजनेता को कोई समस्या तो नहीं है.?
_दिव्यांशु बुद्ध
@BJP4India @INCIndia
प्रश्न ही जीवन है, यदि आपके द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर किसी भी प्रकार की नाराजगी प्रश्न को लेकर जाहिर करता है, तो वह संभावित दुनिया के किसी भी महापुरुष की अनुयाई नहीं है। अतः ऐसे व्यक्ति से किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त करने का इच्छा आपकी नर्क का द्वार है।
_दिव्यांशु बुद्ध
Humanism retweeted
मैं अपनी आदतन में बोलना कम सुनना लोगों की क्रियाओं पर सख्त नज़र रखना, लोगों को पढ़ना सही मानता हूँ। लेकिन बोलता नहीं इसका मतलब ये नहीं की मुझे बोलना लिखना नहीं आता सही समय का इंतजार हैं........ हालांकि मैं बहुत सीरियस भी नहीं रहता।
Humanism retweeted
Education without character and humility is meaningless.
Ambedkarite or Buddhist identity isn't a license for hypocrisy.
Don't become blind political followers.
Follow the Dhamma, not personalities.
Stand for wisdom, compassion, morality and democracy. ☸️
Humanism retweeted
• The conscious mind handles logic and decisions.
• The subconscious shapes habits and emotions.
• Hypnosis can increase suggestibility.
• Thoughts and beliefs influence behavior. 🧠
— The Power of Subconscious Mind 🗿🧘🏼
यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म, हिंदू धर्म इन सभी में पितृसत्तात्मक व्यवस्था प्रमुखता से नेतृत्व कर रही है। नाम कई पर सामाजिक स्ट्रक्चर एक जैसा लिंग आधारित श्रेष्ठ निर्धारित कर रहा है जो समानता के विपरीत है।
_दिव्यांशु बुद्ध
हाय @bihar_police , आपके सिस्टम किस प्रकार से कम कर रहा है.?
@samrat4bjp @BJP4India @narendramodi
@RJDforIndia
ब्राह्मण को बसवेश्वर के बारे में जानना चाहिए.! जो बसवेश्वर के बारे में नहीं जानता वह ब्राह्मण कैसे हो सकता है.? क्योंकि बसवेश्वर भी ब्राह्मण का ही पुत्र है।
_दिव्यांशु बुद्ध
यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म, हिंदू धर्म इन सभी में पितृसत्तात्मक व्यवस्था प्रमुखता से नेतृत्व कर रही है। नाम कई पर सामाजिक स्ट्रक्चर एक जैसा लिंग आधारित श्रेष्ठ निर्धारित कर रहा है जो समानता के विपरीत है।
_दिव्यांशु बुद्ध
खेसारी लाल यादव की अश्लील सॉन्ग से कौन नहीं परिचित होगा? लेकिन ऐसे लोगों को मंच पर जगह दी जाने लगे राजनेता द्वारा तो समझ जाना देश से अपराध कभी खत्म नहीं होगा। हालांकि खेसारी लाल जिस प्रकार से बोल रहा है उनके अनुसार इस पर चप्पल फेंक कर इनका विरोध किया गया है।
@iChiragPaswan
हाय @BHEEM_BAUDH भाई, क्या अब बाबा साहब की अपमान नहीं हो रहा है , अंबेडकर वाद के नाम पर मनुवादी व्यवस्था को किस प्रकार से बढ़ावा मिल रहा है?
@Voiceofpavan
@BouddhaNagaraj
हाय @Vijayluffy_943 भाई, किसके लिए इतना छोड़कर आए थे ?
क्या यह बाबा साहब की अपमान नहीं है, तनिक से लाइक और व्यूज के लिए क्या-क्या देखने को मिल रहा है.?
"मैं बेवजह किसी बात पर प्रतिक्रिया नहीं देता। लेकिन जैसे ही मुझे यह अहसास होता है कि कोई अपनी सीमा लांघ रहा है, तो मेरी प्रतिक्रिया स्वाभाविक हो जाती है।"
_दिव्यांशु बुद्ध
























