विक्रम 𝘬ꪊꪑꪖ𝘳 🦇🗿 retweeted
A FEMINIST WITH A 10+ BODY COUNT -
> When she sees an older baba :
- Misogynist.
- Toxic mindset!
- Just look at his outdated mentality and thinking.
> When she sees a young, handsome baba :
- Wow! He's so handsome and charming.
- OMG! What a personality!
- Whatever you say, daddy.
- Suddenly, I'm into bhakti.
- I love you too!
I don't know how much of this is actually true, but I've seen countless social media posts revolving around this narrative.
One thing I've noticed, though, is that a lot of men seem to get extremely jealous when women give attention to men they consider more attractive or superior to themselves. (1)
The hariyakhedi water augmentation scheme worth over approx rs 1133cr and under this project 17 new overhead water tank and a 708mm pipeline will laid Md approx 534km of new distribution network will developed
CM मोहन यादव की सरकार ने भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30,77,00,00,00,000 यानी 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश का दावा किया था. गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से इस आंकड़े की घोषणा की. लेकिन जब इस दावे की पड़ताल हुई तो निवेश प्रस्तावों की सूची में बंद हो चुकी मोमोज की दुकान से लेकर चिकनी आत्मा तक के नाम मिले.
सबसे पहले खर्च का हिसाब समझिए-
मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने और इसके प्रचार-प्रसार व आयोजनों पर करीब 230 करोड़ रुपए खर्च किए.
इसमें निवेश सम्मेलनों और बैठकों पर 186.64 करोड़ रुपए, CM की तीन विदेश यात्राओं पर करीब 34 करोड़ रुपए और देश के नौ शहरों में निवेश बैठकों पर 9.05 करोड़ रुपए खर्च हुए. रुपए किस कदर बहाए गए इसका अंदाजा लगाइए कि अकेले भोपाल के दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर करीब 82 करोड़ रुपए खर्च किए गए.
अब जरा 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश के दावे की हकीकत भी देखिए-
एक बंद हो चुकी मोमोज की दुकान Mishti Momos के नाम पर 50 करोड़ रुपए, एक हेयर सैलून के नाम पर 3,000 करोड़ रुपए, चिकनी आत्मा के नाम पर 5 करोड़, दरवाजे पर वसीयत के नाम पर 1 करोड़, व्यवसायी के नाम पर 15 करोड़, शोरूम के नाम पर 5 करोड़ और कंप्यूटर के नाम पर 100 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दर्ज मिले.
इसके अलावा, किसान, नॉट एप्लीकेबल, बहनों का संग्रह, अक्टूबर और किसान मोर्चा जैसे नामों में से प्रत्येक के नाम पर 200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दर्ज थे.
वैसे, मैं भी यही सोच रहा हूं कि ये कैसे अंड-बंड, संड टाइप नाम हैं, जो करोड़ों-अरबों के निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल हैं.
हैरानी की बात है कि Kaymli Ventures नाम की एक कंपनी के नाम पर 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दर्ज था. जबकि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड के मुताबिक 2024-25 में उसका कोई राजस्व नहीं था और साल के अंत में उसके पास नकद व बैंक बैलेंस मिलाकर सिर्फ 10,556 रुपए थे.
है न कमाल
सरकार ने 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश का जो दावा किया है, अब जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि हकीकत में कितना निवेश आया, कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और इस पूरे प्रचार का ठोस आर्थिक परिणाम क्या रहा. सरकार सिर्फ आंकड़े घोषित करके तो सवालों से मुक्त नहीं हो सकती.
अगर आप इस अनोखी MoU समिट के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं और समझना चाहते हैं कि सरकार आपके टैक्स के रुपयों से इन्वेस्टर्स समिट के नाम पर क्या कर रही है, तो साथी @tweets_prateekg की यह पूरी इन्वेस्टिगेशन पढ़िए-
newslaundry.com/2026/10/29/a…
















