"उत्तर प्रदेश जितना स्वागत करता है, उससे अच्छी विदाई करता है" अवधेश प्रसाद (सपा सांसद, लोकसभा)
#PanchayatAajTakAyodhya #UPElection2027 | @Abhishek6164 @Awadheshprasad_
समय retweeted
Yogi govt. will now destroy these bike tracks built by Akhilesh govt. Very sad step in the name of politics... #ShameOnYogi
समय retweeted
अम्बेडकर नगर, कुंडा, गोंडा, झांसी, लखनऊ, आगरा जैसे स्थानों पर नवंबर, दिसंबर की विविध तिथियों पर होनेवाले सार्वजनिक आयोजन के संदर्भ में शासन-प्रशासन से अपील है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़नेवाले किसी भी विवादित व्यक्ति को किसी भी प्रकार से आयोजन की अनुमति न दी जाए।
समय retweeted
जन्म का संयोग है जाति। इसमें गर्व क्या? या शर्म क्यों?
लेकिन जब जाति को गाली बनाया जाए, तो मुझ जैसे व्यक्ति को भी बोलना पड़ेगा - हाँ, हूँ मैं “अहीर”! हूँ मैं “गँवार”! गर्व है मुझे!
हम सबको पूछने पड़ेंगे सवाल - ABP न्यूज़ से, दिल्ली यूनिवर्सिटी से, आरएसएस से, बीजेपी से, पुलिस प्रशासन से और अपने आप से।
समय retweeted
अयोध्या के मेरे भाइयों और बहनों, आप सबको राम-राम!
आज भगवान राम की इस धरती से मैं एक सीधा सवाल उन लोगों से पूछना चाहता हूँ जो चौबीस घंटे धर्म का ठेकेदार बने घूमते हैं। भाई, राम भी हमारे हैं और कृष्ण भी हमारे हैं! लेकिन जब एक कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने हमारे आराध्य श्रीकृष्ण के ऊपर इतनी गलत टिप्पणी की, उन्हें 'टेढ़ा' कहा, "बांसुरी बजाने को महज खेल" बताया और यहाँ तक कह दिया कि 'राम जी के 5 बाप थे', तो ये धर्म के ठेकेदार आज चुप क्यों बैठे हैं? क्या हमारे आराध्यों का यह अपमान, मर्यादा का यह हनन और सनातन समाज की आस्था को लगी यह गहरी ठेस इन्हें दिखाई नहीं देती? क्या हमारे भगवान का सम्मान सिर्फ इनकी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए है?
जब गरीब-पिछड़े का युवा रोजगार और हक मांगे तो उसे डराने के लिए 'UP लोक व्यवस्था अध्यादेश' जैसे काले कानून लाए जाते हैं, या सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री जी से सवाल पूछ ले, तो सरकार 24 घंटे में उसे ढूंढकर जेल में डालने की अभूतपूर्व फुर्ती दिखाती है! अपनी कमियों को छिपाने के लिए ये नया अध्यादेश और डिजिटल मीडिया कानून ले आते हैं, ताकि कोई सरकार से रोजगार पर सवाल न पूछ सके और सोशल मीडिया पर लिखने वाले गरीब युवाओं को जेल में डाला जा सके! लेकिन आज जब धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हमारे आराध्यों के इतने घोर अपमान की बात आई, तो सबके मुँह पर ताला क्यों लगा है? क्यों किसी के मुँह से एक शब्द नहीं निकल रहा? क्योंकि सबको पता है कि यही कथावाचक परदे के पीछे से इनके लिए छुपा प्रचार करते हैं!
आज यह साबित हो गया है कि इन लोगों ने धर्म का इस्तेमाल भी सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए किया है। इनसे क्या उम्मीद करें, जो प्रभु राम के चंदे में हेराफेरी करते हैं और अपने नेताओं के स्वागत के लिए संकटमोचन हनुमान जी का भी अपमान करते हैं! इनके पास युवाओं को देने के लिए रोजगार या कोई विकास कार्य नहीं है, इसलिए ये अपनी नाकामी छुपाने के लिए धर्म को एक ढाल बनाते हैं।
ये जानबूझकर अपने इन संरक्षित कथावाचकों से ऐसे अमर्यादित बयान कहलवाते हैं, जानबूझकर धर्म के नाम पर ऐसे विवाद खड़े करवाते हैं, ताकि आप रोज़गार, महँगाई और बदहाल शिक्षा जैसे मुख्य मुद्दों को भूलकर आपस में ही उलझ जाएं। यह सनातनी समाज की एकता को तोड़ने और भाई-भाई को बांटने का एक सोची-समझी राजनीति का हिस्सा है। इसलिए मेरी आप सभी से अपील है कि इनके इस चक्रव्यूह को समझिए, किसी भी उकसावे में मत आइए, आपस में बिल्कुल मत बंटिए और सब एक होकर इस विभाजनकारी नीति का जवाब दीजिए। लोकतंत्र में इंसान अपने हक़ के लिए लड़ेगा नहीं तो क्या करेगा? किसी अमीर का बच्चा थोड़ी ना अपने हक के लिए सड़क पर उतरेगा, सड़क पर तो हमेशा गरीब का ही बच्चा आता है। और आप उस गरीब के बच्चे पर एफआईआर लगा कर, नए-नए कानूनों का डर दिखाकर उसका पूरा भविष्य बर्बाद कर देना चाहते हैं?
यूपी के पीड़ित, शोषित, वंचित और सभी PDA परिवार से, अयोध्या के लोगों से मैं हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूँ कि इस पाखंड को समझें और इस 'ईशनिंदा' व विभाजनकारी राजनीति पर पूरी तरह सतर्क रहें। यह आपके बच्चों के भविष्य का सवाल है। जो लोग समाज को बांटना चाहते हैं, उन्हें हमें एकजुट होकर जवाब देना होगा। हमारा जवाब पूरी तरह शांत, एकजुट और धैर्यवान रहकर सीधे 'वोट के बटन' से होगा। आपकी उंगली और वो 'वोट की चोट' ही इन ताकतों को हकीकत का आईना दिखाएगी। हमें एक ऐसी अयोध्या चाहिए जहाँ मंदिर की घंटी भी श्रद्धा से बजे, स्कूलों में पढ़ाई की घंटी भी बजे, और हमारे हर नौजवान के हाथ में सम्मान का काम हो।
जय श्री राम! जय श्री कृष्ण! जय हिंद!
समय retweeted
मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किये जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे, यही इनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए, नहीं तो वो भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनकर अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा।
अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवन भर भी एकांतवास करके अपने किये का पश्चाताप और प्रायश्चित करेगा तो भी कोई भी धर्म प्रधान आस्थावान उसे माफ़ नहीं करेगा। मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे।
वैधानिक कार्रवाई हो।
समय retweeted
लोक एकता की कनिष्ठ अंगुली से इंद्रासन को हिला देने वाले लोकनायक, धार्मिक सीमाओं से परे जन जन के पूज्य, हमारे कुलदेवता भगवान श्री कृष्ण पर सत्ता-पोषित एक मानसिक विक्षिप्त द्वारा की गई टिप्पणी अशोभनीय, अक्षम्य एवं अमर्यादित है।
राम और कृष्ण एक दूसरे के पूरक हैं। यह नफरती लोग पहले इंसान को बांटते थे, अब भगवान को बांटने लगे। राजनीतिक लोभ में और कितना नीचे गिरेंगे? लोक समता और सनातनी एकता को खंडित करने वाले इस शिखंडी के संरक्षक मोदी जी और तमाम भाजपा नेताओं को सामने आकर देश से, समाज से और सनातनियों से दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।
"हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥"
समय retweeted
"ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो!"
#samajwadiparty #viralvideos #gyaneshkumar #uttarpradesh #electioncommissionofindia
हम दिल से चाहते थे यह किसी भी तरह जीत कर आए
मेरा खुद का सोचना था महिला को भी भागीदारी मिलनी चाहिए
इन सब चुनाव में जल्दी कोई महिला को टिकट नहीं देता है
इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद @yadavakhilesh जी का
कभी-कभी रिस्क ले ना चाहिए














