लोकतंत्र का नृत्य : मुस्लिम वोट xitter.cf/i/broadcasts/1OxwbnrYr…
जन्मदिन विशेष : अमित शाह की राजनीति xitter.cf/i/broadcasts/1dGYlaEgY…
पहले वीडियो के माध्यम से कहा, अब लिख कर बता रहा है कि मैं आंदोलन का नेता नहीं था
आने वाले दिनों की पेशबंदी कर रहा है, सारी ज़िम्मेदारी सौरव और आशुतोष पर डाल रहा है
ये केजरीवाल का असली चेला निकला, केजरी ने आजकल भगवंत मान से ही दूरी बना ली है ताकी पंजाब में हार का ठीकरा सिर्फ़ मान के सर पर फूटे
Saurav and Ashu are not just better but much much bigger leaders than me.
Happy to follow your orders my leaders. Jaan hazir hai!
Lekin iske baad mere bina garden me koi akela nahi ghumega!!! @SauravDassss @AshutoshRanka
अमन की आशा 😎
वैसे तीनों पाकिस्तानी नागरिक कश्मीरी हैं और चारों भारतीय नागरिक खलिस्तान समर्थक हैं
खालिस्तान आंदोलन की फंडिंग ज़्यादातर अपराधिक गतिविधियों के ज़रिए होती है
🤖 Made with AI
देखो क़सम से क़सम से
कहते हैं तुमसे हाँ
तुम भी जलोगे हाथ मलोगे
रुठ के हमसे हाँ..🎵
तुमसा नहीं देखा (1957) 🥰
#शम्मी_कपूर #बाइस्कोप
यूँ तो हमने लाख हसीं देखे हैं
तुमसा नहीं देखा…🎼
दर्जन भर फ़्लॉप फ़िल्में देने के बाद “तुमसा नहीं देखा” (1957) शम्मी कपूर की पहली हिट थी जिसने उनको “याहू” स्टार बनाया
अमिता (क़मर सुल्ताना) की भी यह पहली हिट थी और इसके चलते उन्हें राजेंद्र कुमार के साथ “गूँज उठी शहनाई” (1959) मिली
परंतु दोनों ही फ़िल्मों में क्रेडिट हीरो को चला गया और अमिता सेकेंड लीड बनती चली गयीं
बहरहाल इस फ़िल्म में वो बला की खूबसूरत लगी हैं और कॉलेज के दिनों में वीडियो पर ये फ़िल्म देखने से लेकर आज तक मैं उनका फ़ैन हूँ 🥰
वैसे अमिता फ़िल्म निर्देशक फ़राह खान की सौतेली माँ भी हैं
फ़िल्म में सिर्फ़ टाइटन गीत साहिर का था, बाक़ी मजरूह ने लिखे थे
#बाइस्कोप
शम्मी कपूर जी के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि 🌹
#बाइस्कोप
यूँ तो हमने लाख हसीं देखे हैं
तुमसा नहीं देखा…🎼
दर्जन भर फ़्लॉप फ़िल्में देने के बाद “तुमसा नहीं देखा” (1957) शम्मी कपूर की पहली हिट थी जिसने उनको “याहू” स्टार बनाया
अमिता (क़मर सुल्ताना) की भी यह पहली हिट थी और इसके चलते उन्हें राजेंद्र कुमार के साथ “गूँज उठी शहनाई” (1959) मिली
परंतु दोनों ही फ़िल्मों में क्रेडिट हीरो को चला गया और अमिता सेकेंड लीड बनती चली गयीं
बहरहाल इस फ़िल्म में वो बला की खूबसूरत लगी हैं और कॉलेज के दिनों में वीडियो पर ये फ़िल्म देखने से लेकर आज तक मैं उनका फ़ैन हूँ 🥰
वैसे अमिता फ़िल्म निर्देशक फ़राह खान की सौतेली माँ भी हैं
फ़िल्म में सिर्फ़ टाइटन गीत साहिर का था, बाक़ी मजरूह ने लिखे थे
#बाइस्कोप
लोकतंत्र का नृत्य : खेल खिलाड़ी का ! xitter.cf/i/broadcasts/1DGleVyby…
आम आदमी इस लगातार नौटंकी से इतना त्रस्त हो चुका है कि इनमें से कोई भी व्यक्ति बिना सिक्योरिटी के पब्लिक में निकल नहीं पाएगा
ANUPAM MISHRA retweeted
मैं पंजाब से हूं और पंजाब की असली हालत को जानता हूं।
अनुपम जी का आकलन सही दिशा में इशारा कर रहा है।
पंजाब के लोग, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल।
सभी से परेशान है।
और जो नक्सलवाद को मोटा भाई ने खत्म कर दिया,वह सबसे बड़ा कारण है जिसके कारण पंजाब के लोग बीजेपी को जिताएंगे
कुछ कह रहा है, कुछ समझा रहा है और कुछ धमका रहा है 😎
“मेरा इस प्रोटेस्ट से कुछ लेना देना नहीं है, सब कुछ आशुतोष और सौरव ने किया है, मुझे झूठमूठ में लीडर बना कर खड़ा कर दिया, मैं सिर्फ़ निर्देशों का पालन कर रहा था, मैं जमानत पा चुका हूँ, शर्तों का पालन कर रहा हूँ, चुपचाप घर पर बैठा हूँ, कोई नौकरी मिले तो अमरीका निकल जाऊँ, समय आने पर बौने दुर्योधन को भी नंगा करूँगा, मुझे फँसा कर पीछे हट गया”
“मैं ब्रह्मा-विष्णु-महेश, राम कृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, ना ही उनकी पूजा करूँगा”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी लोगों को शपथ दिला रहे हैं
भाटी ने अकेले ही पूरी पार्टी की सुपारी ले रखी है
तक़रीबन 12-15 प्रतिशत मुस्लिम वोट वाली दादरी विधानसभा से दो बार चुनाव हार चुके हैं, इस बार किसी भी तरह विधायक बनने के लिए परेशान हैं, भले ही पूरे प्रदेश में सपा हार जाये
लोकतंत्र का नृत्य : अपने- पराये xitter.cf/i/broadcasts/1dJrPrjOE…
पंजाब की पतली गलियों में टहल रहे हैं मोटा भाई
विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बार चौंकाने वाले होंगे
केजरीवाल की आख़िरी दुकान भी बंद होने वाली है
भगवंत मान को पता है इसलिए वो समय रहते यूरोप घूम आए 😎
“राहुल गांधी भारत में सत्ता परिवर्तन के लिये ही वियतनाम गये हैं”
~ संजय राउत जैसे दोस्तों के रहते किसी को दुश्मनों की ज़रूरत नहीं
उद्धव का बाजा बजा दिया, अब राहुल के पीछे लगे हैं 😎
हिंदू त्योहारों पर विपक्ष का एक भी पोस्ट बिना किसी सामाजिक ज्ञान या राजनीतिक तंज़ के नहीं होता
विजयदशमी पर मंदिर में चोरी की बात कर रहे हैं, दिवाली पर तेल की और होली पर पानी की बर्बादी बतायी जाती है
ईद-बकरीद पर चुपचाप सजदा कर लिया जाता है












