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The less you care ,the happier you will be ✨
#Goodnite💚
जब बैलेट पेपर पर भी नहीं खुला खाता, तो EVM को दोष क्यों?
#Congress #MLCElection2026
गंगा पूजा से ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ तक-राहुल गांधी का हिंदुत्व प्रेम, आस्था या सियासी बदलाव?
#RahulGandhi
अभिजीत दीपके को अदालत ने सशर्त ज़मानत दी , पीस बांड भरना होगा, मतलब शांति बनाए रखनी होगी।
#AbhijeetDipke
राजनीतिक विरोध के नाम पर क्या अब किसी भी भाषा में कुछ भी बोल देंगे? प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री हैं, कोई सड़क पर खड़ा आम व्यक्ति नहीं, जिनके लिए आप मनमानी भाषा का इस्तेमाल करें! वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, राजनीतिक विरोध भी हो सकता है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना आपकी मानसिकता और संस्कारों को दिखाता है। विरोध की भी एक मर्यादा होती है, और उसे लांघना बेहद शर्मनाक है!
That Evil Smile ……. #Shame
पिछले एक साल से X पर भारत और भारतीयों के खिलाफ नस्लीय नफरत फैलाने वाली पोस्ट को खूब रीच, एंगेजमेंट और कमाई मिल रही है। भारतीय यूजर्स लगातार यह सब देख रहे हैं। आरोप है कि X का एल्गोरिदम ऐसी नफरत भरी पोस्ट को बढ़ावा देकर उन्हें कमाई का जरिया भी बना रहा है।
इसी बीच, शिकागो के एक हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की योजना को नाकाम किए जाने की खबर सामने आई है। इस मामले में एक श्वेत व्यक्ति पर हमले की साजिश रचने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली नफरत सिर्फ ऑनलाइन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि असल जिंदगी में भी हिंसा का कारण बन सकती है। जब नफरत भरे कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाता है और उससे कमाई भी होती है, तो इसे बढ़ावा देने वाले प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। अगर ऑनलाइन नफरत के कारण किसी की जान खतरे में पड़ती है, तो एल्गोरिदम बनाने और उसमें बदलाव करने वालों को भी जवाबदेही से बचना नहीं चाहिए।
इमरजेंसी होती तो ये यहाँ नहीं बैठा होता
#तिलचट्टे
बंद करो ये सब, दफ़ा हो जाओ!
@Cockroachisback
तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि भारत के गौरव, वीरों के बलिदान और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है। लेकिन सवाल उठता है कि CJP आखिर किस सोच के साथ तिरंगा लहरा रही है? एक तरफ राष्ट्रध्वज के जरिए देशभक्ति का संदेश देने की कोशिश और दूसरी तरफ सत्ता परिवर्तन का एजेंडा! आखिर इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की असली मंशा क्या है? क्या तिरंगा इनके लिए राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है या अपने राजनीतिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का जरिया?विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन तिरंगे की आड़ में राजनीति करने के आरोपों पर सवाल उठना भी स्वाभाविक है।
#tiranga
आखिरकार सामने आ ही गया पूरा एजेंडा! प्रशांत भूषण ने खुले तौर पर कहा है कि उनका मकसद सत्ता परिवर्तन करना है और जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके इस बयान ने आंदोलन के उद्देश्य और उसके पीछे की राजनीतिक मंशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सवाल यह है कि क्या यह विरोध सिर्फ मुद्दों तक सीमित है या इसके पीछे सत्ता परिवर्तन की बड़ी रणनीति है?
हम बेहद खुश हैं और पूरी तरह संतुष्ट हैं कि दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है। हमें वह न्याय मिला है, जिसकी हम उम्मीद कर रहे थे।
हम अपने वकीलों और सभी सहयोगियों के हमेशा आभारी रहेंगे-मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी
#sahilshukla #muskan
उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है।
मार्च 2025 में सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े कर सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। इस मामले में करीब 13 महीने तक सुनवाई चली। अदालत ने 22 गवाहों के बयान और सबूतों पर विचार करने के बाद दोनों को दोषी ठहराया
Democracy doesn’t mean every restriction is dictatorship, and governance isn’t a Twitter narrative.
Public spaces operate under rules to balance the right to protest with the rights of ordinary citizens. If one site is restricted, the real question is whether peaceful alternatives remain available.
Calling every administrative decision an attack on democracy doesn’t strengthen the argument -it weakens it.
Democracy is governed by the Constitution, not by political slogans.










