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मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी के हाथों से पिछले 8 वर्षो से हर वर्ष शिक्षक भर्ती का नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया जाता होगा। विरोधी पक्ष के लोग प्रतिदिन अफवाह फैलाते रहते हैं कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं हुई,सच्चाई क्या है इस पर जांच होनी चाहिए।
@myogiadityanath
आवाज बुलंद retweeted
इसके लिए नेहरू जिम्मेदार है!
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
आवाज बुलंद retweeted
नीति आयोग की रिपोर्ट का सच बेहद भयानक है! पिछले 10 सालों में देश में 94,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए।
यूपी से आई BBC की रिपोर्ट दिल दहलाने वाली है—जब मासूम विद्या पूछती है "अगर पढ़ेंगे नहीं, तो क्या करेंगे?"
जवाब दीजिए @myogiadityanath जी!
आवाज बुलंद retweeted
अगर हम पढ़ेंगे नही तो क्या करेंगे मासूम बिटिया विद्या के दर्द को सुनिए @myogiadityanath जी
आवाज बुलंद retweeted
मोदी सरकार का यही तो वास्तविक नारा है, अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया।
जिस देश का प्रधानमंत्री ही अनपढ़ हो, उसे बच्चों की शिक्षा से क्या ही लेना-देना?
देश बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। आज पूरे देश की एक मांग है कि भारत का PM पढ़ा-लिखा हो, जो शिक्षा को तवज्जो दे।
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
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मोदी जी के कुशल नेतृत्व में पिछले दस साल में भारत में 94 हज़ार स्कूल कम हो गए हैं,
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
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94000 स्कूल बंद हो गए, क्या आपको पता है इन स्कूलों में किसके बच्चे पढ़ते थे?
बीजेपी लोगों को अनपढ़ बनाना चाहती है जिससे लोग सवाल न करें।
2027 में उत्तर प्रदेश की जनता इनको उखाड़ फेंकने के साथ संदेश देगी कि शिक्षा को बर्बाद करने वालों के लिए इस देश में कोई जगह नहीं है।
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
13 नवंबर लखनऊ SCERT❣️आप सभी है तैयार।
शिक्षक भर्ती ग्रामीण विज्ञापन ✅
61%बिल्कुल आएंगे 💯
39%विज्ञापन लेकर जाएंगे 💯
36 votes • 6 hours आवाज बुलंद retweeted
दुनियां में कही देखा है?
शिक्षक बनने के लिए सड़क पर उतरना पड़े,
क्या बदला?
ये...
अब मत चूको चौहान... ये क्षण जीवन के अंतिम संघर्षों की या तो कष्टों के संग्रह की गाथा लिखेगा।
पिछले 10 सालों में 94000 सरकारी स्कूलों का बंद होना चिंताजनक है,
लेकिन उसके पीछे की कहानी कोई नहीं जानना चाहता है।
सरकारी स्कूलों के बंद होने का कारण है नेताओं के प्राइवेट विद्यालय,
अगर सरकारी स्कूल गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देगा तो किसी भी नेता, मंत्री , विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष का प्राइवेट स्कूल नहीं चल पाएगा, और न ही वो मनमानी कमा पाएगा।
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
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आप सभी को दोपहर में ही बता दिए थे
ग्रामीण भर्ती
हैप्पी दिवाली
@Ramyagik2017
हाल ऐ उत्तर प्रदेश 🥹
8 साल से एक भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं ✅
शिक्षा विभाग,और शिक्षा मंत्री जुमलों का भंवर बुनते हैं।
हम शर्मिंदा हैं ऐसे प्रदेश को देखकर जहां शिक्षा व्यवस्था दम तोड रही।
कब तक नाकामी पर पर्दा डालेगी सरकार?
करीब 2.13 लाख पद रिक्त ✅
@yadavakhilesh @Mayawati
नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले 10 साल में भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या में क़रीब 94,000 की कमी आई है.
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट राज्यों की कंसॉलिडेशन यानी स्कूलों को एक जगह समेटने की नीतियों को दिखाती है. स्कूल पेयरिंग और मर्जर अब विवादित मुद्दे बन चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में सरकार की पेयरिंग नीति को लेकर काफ़ी विवाद हुआ, वहीं मध्य प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों में स्कूलों को मर्ज करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उज्जैन में बच्चों ने आंदोलन किया.
ज़मीनी स्तर पर लोगों को स्कूलों के मर्जर से क्या दिक़्क़तें आ रही हैं? और क्या इसका लड़कियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ सकता है? जानिए, इस ग्राउंड रिपोर्ट में.
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा (@shubhangi_misra)
शूट, एडिट: शाद मिद्हत (@MidhatHasani)
ग्रामीण शिक्षक भर्ती का रास्ता
इंकलाब से गुजरता है ✊
13 नवंबर लखनऊ scert ✅
हम सभी की उपस्थिति आने वाले भविष्य के लिए अतिमहत्वपूर्ण 💯
13 नवंबर 2026 को धरने का ऐलान 📢
स्थान - लखनऊ scert
बिना विज्ञापन समापन नहीं 💯 ✊
आप सभी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आवाज़ बुलंद करें। अन्यथा ये सरकार 8 साल से केवल जुमला दें रहीं आगे भी देती रहेगी।🤔
#ग्रामीण_शिक्षकभर्ती
@RajatsinghAU @TARGETWITHANKI
@basicshiksha_up
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ग्रामीण प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए महाधरना
📅 13 नवंबर 2026
📍 लखनऊ, सुबह 10 बजे
👉 BTC/D.El.Ed छात्र 50,000 ग्रामीण शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आचार संहिता से पहले निकलवाने की मांग करेंगे
@rjluckypal @abhishe38465896 @Ramyagik2017
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ग्रामीण प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए महाधरना
📅 13 नवंबर 2026
📍 लखनऊ, सुबह 10 बजे
👉 BTC/D.El.Ed छात्र 50,000 ग्रामीण शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आचार संहिता से पहले निकलवाने की मांग करेंगे
👉 मांग है कि बेसिक शिक्षा विभाग जल्द अधियाचन UPESSC को भेजे
@CMOfficeUP @thisissanjubjp
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यह निर्णय स्वागत योग्य है👏
लेकिन सवाल फिर भी वही है
क्या लाखों डीएलएड परिवार जो वर्षों से बड़ी शिक्षक भर्ती की मांग कर रहा है उसे समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में 1 लाख प्राथमिक शिक्षक भर्ती मिलेगी..?
आखिर इसकी घोषणा कब होगी..?





















