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✍️समाज के दो चेहरों को देखना है तो कुमार विश्वास में देखिए और ख़ुद पर हंसिये
✍️अनैतिकताओं से बनी तुलसी तेरे आंगन की जिसकी छांव में कुमार विश्वास नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं।
✍️कुमार विश्वास लोगों को जीवन के दो बेहतरीन नियम सिखा रहे हैं जो भोग में भी हैं और मठ में भी।
✍️कुमार विश्वास देखें तो एक योगी पुरूष हैं क्योंकि वो कर्मों की व्याख्या उसके फल को चखकर लोगों को बता रहे हैं।
✍️पता नहीं क्यों अब लगता है कि वो अगर इस व्यक्तित्व के साथ भी राजनीति में पिछड़े हैं तो इसका एक बड़ा कारण उनके मित्र का उनसे भी बड़ा कर्म-साधक और फल पिपासु होना है।
✍️अनेकों अनेक नौजवानों की मेहनत के निचोड़ को निष्फल करने के बाद बने खाद्य से फलित उनके आंगन की तुलसी कुमार विश्वास की कथाओं के अर्थ का सशरीर प्रमाण है।
✍️उसको तुलसी को निहारिये और अपने सपनों को बलिवेदी पर चढ़ते देख ज़ोर से गाइये ………..
——————-कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है ।😂😂😂
@DrKumarVishwas @Rajendra4BJP
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रामनिवास गावडिया के साथ हाथापाई की नौबत !!
परजीवी होने के दुष्परिणाम आने लगे हैं !
चुनाव तक घर ही रहना चाहिए गावडिया साहब को क्यों कि विरोध से ऊपर मामला जा रहा है अब।
काश हर जगह की जनता इतनी जागरूक हो !
हर नेता को जनता का ये डर तो महसूस होना ही चाहिए।
गावों की पंचायतों के आबाद पंडाल किस ओर इशारा कर रहे हैं ?
गावों की पंचायत चुनने जा रहे राजस्थान में जहां दोनों पार्टियों के बडे नेता नुक्कड़ सभाओं तक में भीड नहीं जुटा पा रहे हैं वहां हनुमान बेनिवाल के पांडाल भीड से अटे पड़े हैं।
एक बडा बदलाव देहात में यह देखने को मिल रहा है कि भीड जुटाना पहले भी हनुमान बेनिवाल की पहचान रही है लेकिन इस चुनाव में वो वोटों में तब्दील होती दिखी है जिसकी आलोचना की जाती थी कि हनुमान वोट नहीं ला पाते।
गठबंधन निर्भरता —-
क्या हनुमान बेनिवाल के इर्द गिर्द दिखते चेहरों का पंचायतों में बढता कद हनुमान बेनिवाल की गठबंधन निर्भरता को कम करने के दिशा में बढता हुआ कदम माना जाये क्योंकि हनुमान बेनिवाल कि विचारों और मुद्दों को लेकर स्वच्छंदता गठबंधन की गांठ खोल ही देती है लेकिन यह भी सच है कि आज के दौर में जो संसाधनों की खपत और कार्यकर्ताओं की फौज किसी बडे चुनाव को गिरफ्त में लेने के लिए चाहिए वो उसका अभाव उन्हें चुनावी गठबंधन के पाश में ले ही आता।
क्या इसी मजबूरी का तोड ढूंढने ढाणी ढांणी पंचायतों की सरकार चुनने निकले हैं हनुमान बेनिवाल जो कम से कम उनकी दूसरी मांग तो पूरी कर ही सकती है बिखरे समर्थकों को कार्यकर्ताओं के कैडर में बदलकर जो उनकी दोनों राष्ट्रीय पार्टियों से मुकाबले का साहस बडे क्षेत्र तक मुहैया करा सके!!!!!!!
तूफानी दौरे ——-
अगर दोनों राष्ट्रिय पार्टियों के शीर्ष राज्य नेतृत्व की तुलना में हनुमान बेनिवाल की गाडियों के टायर देखे जायें तो शायद तीसरी सर्विस का फासला तय कर चुके हैं जबकि दोनों पार्टियों के नेताओं की मोटर गैराज वाली गाड़िया भी पूरे कार्यकाल में यह फासला तय नहीं कर पायीं है जो उनके जनता के बीच न जाने के भय या उदासीनता का द्योतक है।
हनुमान बेनिवाल गांव देहात के नेता माने जाते हैं क्योंकि उनके मुद्दों की जमीन से लेकर पार्टी के मोटो में स्पष्ट लिखा है किसान-जवान उसी को आधार मान वे दो साल बाद के चुनावों की पृष्ठभूमीं में गांवों के दंगल को सेमीफाइनल मान लड़ रहे हैं वहीं दोनों पार्टीयाँ महज अपने विधायकों और पूर्व विधायकों के लिए साम दाम दंड भेद की जमीन तैयार कर रहीं हैं।
थार की चाबी —-
हनुमान बेनिवाल के राजनीतिक सफर में थार की अहमियत क्या है यह आप अंदेशा इसी बात से लगा सकते हैं कि पार्टी स्थापना के दिन जयपुर में थार उमड़ पड़ा था और मोदी के प्रचंड दौर में भी बेनिवाल ने खुदके चेहरे को थार की मिट्टी में सान कर जो रणभेदी बजायी थी उसने हनुमान को पटल पर ला दिया था।
हनुमान बेनिवाल की राजनीति का खट्टा मीठा कलेवर है थार जो हनुमान को राजस्थान की राजनीति में सिंगल चेहरे के तौर पर वही एज देता है जो सचिन पायलेट को पूर्वी राजस्थान यही कारण है कि थार के टिकिटों का जोड भाग लगाने उन्होंने खुदके भाई नारायण बेनिवाल को भेजा है जो पार्टी में निर्विवाद रणनीतिकार से लेकर स्वभावगत पार्टी का बनिया चेहरा हैं।
हनुमान थार की उन रैलियों को भूले नहीं हैं जिन्होंने उनके घरके सामने दोनों पार्टियों को ला खडा किया था जिसमें हरीश चौधरी को लगभग पटक दे ही दी थी और अंततः उम्मेदाराम को निकालकर ही कांग्रेस वो सीट बचा पायी जिसे हनुमान गठबंधन में खुदके लिए मांग रहे थे थार में खुदकी मौजूदगी की शर्त पर।
महिला मिथक—-
हनुमान बेनिवाल पर यह आरोप उनके विरोधियों का हमेशा रहा है कि उनके साथ महिला वर्ग और संजीदा व्यक्तियों के इतर युवाओं का टोला अधिक देखा जाता है।
उसी मिथक को तोड पंचायतों में हनुमान बेनिवाल ने मुक्तहस्त देहाती गरीब परिवार की साधारण लडकियों जिनमें एक नाम पूजा भींचर है को उतारा है एवं टिकिटों में महिला प्रतिनिधित्व का खास ध्यान रखा है।
उनकी रात्रि सभाओं की महिला उपस्थिति पंचायतों के साथ साथ विधानसभा चुनावों का अलार्मिंग बेल है दोनों पार्टियों के लिए।
हनुमान बेनिवाल सीटों के तौर पर भले राष्ट्रीय पार्टियों से पिछड जायें लेकिन रणनीतिक और तैयारी के तौर पर आम चुनाव की चाबी बनते जा रहे हैं साथ ही साथ एक व्यक्ति के तौर पर सीमाओं में नहीं बंधे रहकर सबसे लोकप्रिय प्रचारक रहने वाले हैं क्योंकि वे किसी भी गठबंधन में रहकर संबंधों के हवाले भी किसी के साथ और खिलाफ रहने का विकल्प खुला रखते हैं।।।
@hanumanbeniwal @RLPINDIAorg @NarayanBeniwal7 @manphoolsaran7 @seemabadiyasar @Bhincharpooja
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जब निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है, तो ज़िम्मेदारी व्यक्तिगत क्यों?
₹46,000 करोड़ के निवेश प्रोत्साहन कस्टमाइज़्ड पैकेज में से केवल ₹115 करोड़ के पैकेज पर ही कार्रवाई क्यों? संपूर्ण प्रस्तावों की निष्पक्ष और व्यापक जाँच क्यों नहीं होनी चाहिए?
IAS-IPS अधिकारियों के अचल संपत्ति विवरणों में विसंगतियाँ पाए जाने पर जाँच का आधार केवल व्यक्तिगत संवीक्षा (स्क्रूटनी) तक सीमित क्यों? सभी अधिकारियों के अचल संपत्ति विवरणों की व्यापक एवं समग्र जाँच क्यों नहीं ?
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में, मुख्यमंत्री निवास पर बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट की 6वीं बैठक आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु, विभिन्न सेक्टर की 10 अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को कस्टमाइज्ड पैकेज देने की मंजूरी दी। बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों से प्रदेश में 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सोलर मॉड्यूल एवं सैल मैन्युफैक्चरिंग तथा नवीकरणीय ऊर्जा, सीमेंट, माइंस और मिनरल्स, ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल एवं पर्यटन सेक्टर से संबंधित, अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को रिप्स के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज की स्वीकृति प्रदान की।
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
हमारे देश में राजनीतिक लोगों को सरकार के रहमो करम पर टैक्स पेयर के पैसे 💵का भौकाल कितना और किस किस को दिया जा रहा जरा गौर करें !!
👉🏿भारत में z+ पर लगभग महीने का 45 लाख व्यय किया जाता है किसी व्यक्ति को कवर करने के लिए।
▪️मायावती
▪️लालकृष्ण आडवानी
▪️गुलाम नबी आजाद
फिलहाल आरामगाह में भी आपके पैसों 💵को उडा रहे हैं बिना किसी पद के !!!
नोट- सलमान खान खुदके खर्च पर वहन करते हैं।।
👉🏿जबकि z++ASL पर यह खर्चा 50 लाख तक होता है।
▪️मोहन भागवत का दर्जा अमित शाह के बराबर रखा गया है टैक्स पेयर के पैसों 💵को उडाने में!!
नोट-मुकेश अंबानी इसके लिए खुद खर्च वहन करते हैं।
देश का चिंटू सनातनी बना घूम रहा है और असली बाप की कमाई पर सुरक्षा घेरे में घूम रहे राजनीतिक बाप लोगों को सडकों पर भी नहीं चलने दे रहे।
आप हैं माननीय रामनिवास गावडिया जो कांग्रेस के परबतसर सीट से विधायक हैं।
छात्र राजनीति से ही रामनिवास गावडिया की राजनीति कमोबेश भाईसाहब कल्चर पर फली फूली है।
जहां तक वादों और इरादों को इनकी नीयत के साथ आप जोड गुणा करने बैंठेंगे तो पायेंगे कि माननीय शुरुआती दिनों से ही झूठ को दूसरे के तवे पर रोटी सेकने की आदत रखते हैं।
किसी के वर्तमान को जानने में अतीत की कारिसतानीयां बडी सहायक होती हैं जिसमें वे छात्र राजनीति से ही पगमार्क छोड़ते आये हैं।
माननीय गावडिया साहब ने शुरुआती दिनों में इमेज बिल्डिंग में खुदके चस्मों को जस्टिफाई करने के लिए छात्र राजनीति में पहला सार्वजनिक झूठ विश्वविद्यालय काल में खुदके FCI की नौकरी को लात मारना प्रचारित किया।
“Ones a cheater always a cheater”
यहां से आप उनके लिए राजनीति के आधारभूत आयामों के प्रति उनकी भविष्य की योजनाओं के लिए अपनाये जाने वाले हथकंडों का अंदेशा लगा सकते हैं____ इसलिए कोई भी झूठ उनकी एक राजनीतिक सीढी का पहलू होगा किसी नैतिकता की उम्मीद न करें!!!!!
सवाल नीयत का ———-
विधि महाविधालय चुनाव से पूर्व महाशय ने विधि छात्रावास महिला और पुरुष में वाटर कूलर और अन्य उपकरण देने का जो वादा किया था वह आज तक अधूरा है मेश कर्मचारी तक आज तक गालिया देते हैं यही वजह है की किसी भी छात्र संघ चुनाव में सभी नेता विश्वविद्यालय चले जाते हैं और तथा कथित यह युवा नेता विश्वविद्यालय की धेरी चूमने से बचता है।
यहां से पता लगता है जानता के साथ उनके किए हुए वादों और हकीकत की मंशा का।
भाई साहब के कंधों पर बैठकर चलने की आदत ।
राम निवास गावडिया विशुद्ध भाई साहब कल्चर के प्रोडक्ट हैं जिनकी पहचान कभी मुकेश भाकर के कंधों पर बैठ छात्र राजनीति मेला देखने जाया करते थे।
उसकी आदत उन्हें आज तक है और यही कारण है की उन्हें राजनीतिक कंधों की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है आज भी वे बिना कंधों के ठीक से कोई भाषण या फिर विधानसभा तक में बोल नहीं पाते हैं इसलिए बड़े कंधे के तौर पर उन्होंने सचिन पायलट को चुना।
वे छाया से बाहर न पहले कभी चलते थे न आज वह हिम्मत कर पाते हैं
सभी सनातनियों को श्री निशिकांत दुबे जी की तरफ से करवा चौथ की शुभकामनाएँ !!!!
#KarwaChauthVrat
पूछती है दिमागी नक्सल ?
तिहाड़ी की तनख्वाह !
~~1.25 करोड़
भारत के राष्ट्रपति की तनख़्वाह !
~~5 लाख
उप राष्ट्रपति की तनख्वाह !
~~4 लाख
राज्यों के राज्यपाल की तनख़्वाह !
~~3.5 लाख
भारत के मुख्य न्यायाधीश की तनख़्वाह !
~~2.8 लाख
भारत के प्रधानमंत्री की सैलरी !
~~2.8 लाख
भारत के CDS की तनख़्वाह !
~~2.5 लाख
भारत के तीनों सेना प्रमुखों की तनख़्वाह !
~~2.5 लाख
फिर यह #दलाल कौन से देश भक्ति के शिखर पर बैठा है जिसकी दलाली का बोझ मेरे जैसे गरीब टैक्स भर भर कर उठा रहे हैं।।।
भजनलाल शर्मा जैसा पाट पिच अभिषेक शर्मा को भी मिली हो तो बताओ !!!
हर घोटाला हुआ कुछ भी हअवा बना हो तो बताओ !!!
हर हादसे पर कोई जिम्मेदार ठहराया हो तो बताओ !!!
जमीन , खनन , बजरी खाद बीज घूस कांड किसी में भी CMO की तरफ पुरवाई चली हो तो बताओ !!
साला, माला , से लेकर दिल्ली से भागने वाला तक मंत्री बने हैं शर्मा जी पर उंगली उठी तो बताओ !!!
भजनलाल शर्मा की ज़ुबान फिसल सकती है लेकिन मीडिया की उनके लिए कभी फिसली हो तो बताओ!!!
वसुंधरा से गहलोत तक जिस आलोचना की पंजीरी चाटे हैं वो छूकर भी गुजरी हो तो बताओ !!!
क्योंकि आलोचना वाले संस्थानों में एकतरफा आरक्षण है और अपुन वो लेकर पैदा हुआ है !!!
खैर ! बोलो पूँछरी के लौठा की जय !!!
उसे ज्यादा जितनी अब आप जीतने दे रहे हो !!
कभी कभी बडी जंग जीतने के लिए EVM वाली छोटी हार जाने वाले को ही तो ….बाजीगर कहते हैं !!!
@INCIndia @INCRajasthan
आ रही है कांग्रेस !!!!
#TATA #टाटा ही बाय बाय करायेगा !!!
जिसका मजाक उड़ाते थे वो उसका मजाक ही डरा दे ये है हार !!!
दूसरों को देशद्रोही बोलते बोलते खुद की देशभक्ति का संदेह उत्पन्न होना है हार !!!!
जिसका झूठ मंहगा बिका हो उसके सत्य के खरीद दार ना मिलना है हार !!!!
नेता खरीदते खरीदते बच्चों से डर जाना है हार !!!
कपडे बदलने भर से चुनाव जीतने वाला चेहरे पर चेहरे बदलने पर भी हार महसूस करना है हार !!!!
@INCRajasthan
जिस नफरत को सुनियोजित तरीके से बोया गया था वो अब मानसिकता बना गयी है !!!!
अब तक निशाने पर केवल गरीब रेहड़ी,ढेले वाले और मुसलमान थे!!!
अब निशाने पर वह वर्ग है जो इन गरीबों और शोषितों तों के लिए लड़ रहा था!!!!
हिंदु मुसलमान को लेकर इस वर्ग ने जो चिंता जाहिर की थी वह दिन आ गया है।!!!
जो नफरत पार्टी समर्थित होकर वोट बनाती थी वो उसी से ताकत पा कर मानसिकता बन गयी है जिसे ताकतवर करने के लिए ही संवैधानिक संस्थाओं को मिटाना जरूरी था और यह सब सरकार बखूबी कर रही है !!!!!
यह मानसिकता अब आम आदमी की औरत और बेटी को नंगा कर तमाशबीन बिनने की जिद पाल ली है जो कभी मोबलिंचिंग से संतुष्ट होती थी !!!!!
यह मानसिकता अब घरों तक आयेगी ताकि आप चुप रहें और बोलें ना जब किसी की बहन बेटी को बदनाम किया जाये या मारा जाये क्योंकि यह सत्ता समर्थित एजेंसियों की मेहमान है जो जेलों और पाखंडियों से संचालित होगी और बीच में खडा होगा धर्म जो उधर ही झुका रहेगा जिधर सत्ता रहेगी।
@INCRajasthan @INCIndia @LambaAlka @SupriyaShrinate @neha_aisa @nehafolksinger
भजनलाल जी रोड टैक्स टोल टैक्स E-20 के बाद ये हरी पत्ती टैक्स तो रोक ही सकते हैं दोनों मैडमों को चूल्हा चौका तक सीमित कीजिए साहब वहां कम से कम घी वाला घपला करेंगी तो घर वाला ही भुगतेगा ये यहीं आम जन की जेब कतरी बनी घूम रही हैं।
@BhajanlalBjp @RajCMO
किसी भगवाधारी की भावना आहत हुई।
पाखंड डर और अर्थ की कार्पेट मात्र है जिसे गरीब मूर्खों से बिछवाया जाता है।
सत्ता की हनक ऐसी होती है कि एक धंसी हुई आंखें लिए 46 किलो का अधेड़ संवैधानिक पद पर बैठे सांसद को नशा बाज बोलता है और वर्दी धारी की गिरेबान तक पहुंच जाता है लेकिन मजाल जो किसी कानूनविद की भावना तक आहत हो जाये।।
@INCRajasthan @hanumanbeniwal @Rajasthan_PYC @NSUIRajasthan
किरोडी लाल मीणा-नरेश मीणा आरोप प्रत्यारोप में अबकी बार बयान और आरोप हेमन्त बालाहेडी ने लगाये हैं जिनपर नरेश मीणा ने मारपीट के आरोप लगाये थे।।।।
@DrKirodilalBJP @NareshMeena__
नरेश मीणा ने डॉ किरोडी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाये हैं——-
वो ये चाहता है कि सब लोग मेरे से डर के रहें !!!!
मीणा समाज में कोई आवाज़ नहीं उठाए!!!
इसने नमो नारायण मीना को पिटवाया 2008 में अमरूदों के बाग में !!!
इस किरोडी लाल मीणा ने जसकौर मीणा जो एक सभ्य महिला थी जब राजनीति में आयी तो उसपर बच्चों के सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया उसके कपडे फडवाये इसकी पूरी राजनीति ही ऐसी है!!!
@DrKirodilalBJP @NareshMeena__
नरेश मीणा ने खुद पर 9 जुलाई 2018 को मंडावर में हुए हमले को लेकर किरोडी लाल मीणा का नाम लिया है जिसमें उन्होंने किरोडी लाल मीणा के गुंडे बोलकर जिनका नाम लिया है उनमें
हेमन्त बालाहेडी
उनके गांव का विजय टोपी और अन्य उनके गुंडे बताये हैं।
नरेश मीणा किरोडी लाल मीणा का इस सबके पीछे मकसद डर की राजनीति करने को वजह बताते हैं।
@DrKirodilalBJP @NareshMeena__

















