Pinned Tweet
आजाद सेना ने शंखनाद कर दिया है।
ब्राह्मण बनियों की ललकार,
सुन ले अब सारे गद्दार।।
#JNU_के_गुंडों_भारत_छोड़ो
Abhishek Shukla retweeted
सनातन धर्म के महान् आदर्शों को गलत अर्थों और संदर्भों के माध्यम से बदनाम करने के प्रयासों का उत्तर प्रमाण, शोध और प्रामाणिक अध्ययन से दिया जाएगा। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, पुराण और स्मृति ग्रंथों के पाठांतरों एवं भाष्यों की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।
#AllIndiaOrientalConference
University Of Patanjali
Abhishek Shukla retweeted
जातिवादियों ने हिंदुत्व उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के मुंह पर कालिख पोती।
ब्राह्मणों से नफ़रत देखिए लोग ब्राह्मणों को जीने नहीं देना चाहते हैं, सबकी आंखो में ब्राह्मणों खटक रहे हैं।
Abhishek Shukla retweeted
बिहार का 75% आरक्षण पटना हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया!
तो भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस निर्णय के खिलाफ अपील की, और ये कहा कि "आरक्षण आबादी के हिसाब से होना चाहिए"!
राहुल गांधी का डर दिखाकर भाजपा खुद कोर्ट में जाकर कांग्रेस का "जितनी आबादी, उतना हक़" का एजेंडा पूरा कर रही है!
और यही काम भाजपा और राज्यों में भी कर रही है, वो भी चुपके से।
मतलब ये कि आरक्षण बढ़ाने के मामले में भाजपा कांग्रेस से भी 2 कदम आगे चल रही है!
ये धोखा नहीं तो औऱ क्या है?
Abhishek Shukla retweeted
योगी सरकार में बेशर्मी, गैर-कानूनी काम और अराजकता ही शासन की संस्कृति बन गई है।
ईश्वर करे कि वे फिर कभी सत्ता का चेहरा न देख पाएं! मैं पूरे दिल से प्रार्थना करती हूं कि उनका शासन खत्म हो जाए और उन्होंने हमें जो तकलीफें दी हैं, उनका भी अंत हो। हम तीन महिलाओं, मेरी मां, मेरी बहन और मुझे, लगातार यूपी पुलिस और प्रशासन (या यूं कहें कि 'योगी पुलिस' और प्रशासन) द्वारा जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जिसके खिलाफ हम लगातार संघर्ष कर रही हैं।
यह वह उत्तर प्रदेश नहीं है, जहां मैं पली-बढ़ी हूं। मुझे अपना खूबसूरत उत्तर प्रदेश वापस चाहिए, एक ऐसा उत्तर प्रदेश, जहां कानून लोगों की सेवा करे और जहां संस्थाएं न्याय सुनिश्चित करें।
और मुझे पता है कि ऐसा उत्तर प्रदेश वापस पाने की चाह रखने वाली हम अकेली नहीं हैं।
एक सवाल जो मेरी समझ में आज भी नहीं आता, वह यह है कि खुद को 'योगी' कहने वाले इस इंसान को हम तीन महिलाओं को परेशान करने में आखिर किस तरह की खुशी मिलती है!
#YogiHataoUPBachao #LampatYogi #ShameOnYogi
लखनऊ की हजरतगंज पुलिस द्वारा कथित दो झूठी FIR दर्ज कर चार्जशीट दाखिल करने से लेकर अब प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा ARMS ACT का नोटिस भेजे जाने तक! क्या अब मुझे ARMS ACT के झूठे मुकदमे में फँसाने की तैयारी है?
वर्ष 2024 में SHO विक्रम सिंह के कार्यकाल में हजरतगंज थाने में मेरे विरुद्ध FIR दर्ज हुई, जिसमें मेरी निर्दोष संतान को भी शामिल किया गया। मुझे FIR की जानकारी मीडियाकर्मियों से मिली। जब मैंने DCP रवीना त्यागी जी से हजरतगंज थाने में मेरे विरुद्ध दर्ज FIR के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। क्या SHO विक्रम सिंह के थाने में FIR दर्ज होने की जानकारी DCP तक नहीं पहुँचती? क्या SHO इतना स्वतंत्र है कि वरिष्ठ अधिकारियों को भी पता न चले? आखिर जवाबदेही किसकी है?
मेरी शिकायत है कि मेरे नाम से ऐसे बयान दर्ज किए गए जो मैंने कभी दिए ही नहीं। IO निशा सिंह, शैलेंद्र सिंह, आलोक सिंह और मधुकर सिंह से FIR का update मांगने पर जब संतोषजनक जानकारी नहीं मिली तो? न्यायालय जाने पर चार्जशीट का पता चला और आगे जाँच का विषय सामने आया।
अब प्रतापगढ़ पुलिस!
SIR में मेरा और मेरी दोनों बेटियों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया। BLO ने दबाव की बात कही। शिकायतों के बाद नाम बहाल हुए।
2023 से शिकायत कर रही हूँ कि मेरे नाम के लाइसेंसी हथियार मेरे पति के कब्जे में हैं। बरामदगी के बजाय अब प्रतापगढ़ प्रशासन ने मुझे ही ARMS ACT का नोटिस भेज दिया!
मैं एक साधारण घरेलू महिला हूँ। मेरा हथियारों, गोला-बारूद या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे नाम पर लाइसेंसी हथियार वर्षों से मेरी अभिरक्षा से बाहर हैं, जिनकी बरामदगी के लिए मैं स्वयं लगातार शिकायतें कर रही हूँ। फिर भी समझ नहीं आता कि नैनीताल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई बार-बार मेरे ही विरुद्ध क्यों होती दिखाई देती है? आखिर मेरी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय मुझे ही बार-बार सफाई देने की स्थिति में क्यों खड़ा किया जा रहा है? इन परिस्थितियों से मुझे मानसिक उत्पीड़न और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की गंभीर आशंका है। क्या एक साधारण घरेलू महिला को अपनी सुरक्षा और न्याय माँगने की यही कीमत चुकानी पड़ेगी? मैं केवल निष्पक्ष जाँच, न्याय और कानून के अनुसार सम्मानजनक व्यवहार चाहती हूँ।
मेरी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या अब मुझे Arms Act में एक और मुकदमे में फँसाने की कोशिश होगी?@Uppolice @dgpup @lkopolice @LkoCp @pratapgarhpol @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @NCWIndia @PMOIndia @rashtrapatibhvn @HMOIndia
Abhishek Shukla retweeted
लखनऊ की हजरतगंज पुलिस द्वारा कथित दो झूठी FIR दर्ज कर चार्जशीट दाखिल करने से लेकर अब प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा ARMS ACT का नोटिस भेजे जाने तक! क्या अब मुझे ARMS ACT के झूठे मुकदमे में फँसाने की तैयारी है?
वर्ष 2024 में SHO विक्रम सिंह के कार्यकाल में हजरतगंज थाने में मेरे विरुद्ध FIR दर्ज हुई, जिसमें मेरी निर्दोष संतान को भी शामिल किया गया। मुझे FIR की जानकारी मीडियाकर्मियों से मिली। जब मैंने DCP रवीना त्यागी जी से हजरतगंज थाने में मेरे विरुद्ध दर्ज FIR के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। क्या SHO विक्रम सिंह के थाने में FIR दर्ज होने की जानकारी DCP तक नहीं पहुँचती? क्या SHO इतना स्वतंत्र है कि वरिष्ठ अधिकारियों को भी पता न चले? आखिर जवाबदेही किसकी है?
मेरी शिकायत है कि मेरे नाम से ऐसे बयान दर्ज किए गए जो मैंने कभी दिए ही नहीं। IO निशा सिंह, शैलेंद्र सिंह, आलोक सिंह और मधुकर सिंह से FIR का update मांगने पर जब संतोषजनक जानकारी नहीं मिली तो? न्यायालय जाने पर चार्जशीट का पता चला और आगे जाँच का विषय सामने आया।
अब प्रतापगढ़ पुलिस!
SIR में मेरा और मेरी दोनों बेटियों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया। BLO ने दबाव की बात कही। शिकायतों के बाद नाम बहाल हुए।
2023 से शिकायत कर रही हूँ कि मेरे नाम के लाइसेंसी हथियार मेरे पति के कब्जे में हैं। बरामदगी के बजाय अब प्रतापगढ़ प्रशासन ने मुझे ही ARMS ACT का नोटिस भेज दिया!
मैं एक साधारण घरेलू महिला हूँ। मेरा हथियारों, गोला-बारूद या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे नाम पर लाइसेंसी हथियार वर्षों से मेरी अभिरक्षा से बाहर हैं, जिनकी बरामदगी के लिए मैं स्वयं लगातार शिकायतें कर रही हूँ। फिर भी समझ नहीं आता कि नैनीताल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई बार-बार मेरे ही विरुद्ध क्यों होती दिखाई देती है? आखिर मेरी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय मुझे ही बार-बार सफाई देने की स्थिति में क्यों खड़ा किया जा रहा है? इन परिस्थितियों से मुझे मानसिक उत्पीड़न और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की गंभीर आशंका है। क्या एक साधारण घरेलू महिला को अपनी सुरक्षा और न्याय माँगने की यही कीमत चुकानी पड़ेगी? मैं केवल निष्पक्ष जाँच, न्याय और कानून के अनुसार सम्मानजनक व्यवहार चाहती हूँ।
मेरी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या अब मुझे Arms Act में एक और मुकदमे में फँसाने की कोशिश होगी?@Uppolice @dgpup @lkopolice @LkoCp @pratapgarhpol @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @NCWIndia @PMOIndia @rashtrapatibhvn @HMOIndia
Abhishek Shukla retweeted
अब तो नहीं बोलिएगा की मुझे पार्टी से नहीं लेना देना है @Baliyan_x जी वैसे बहुत बहुत बधाई आपको !
Abhishek Shukla retweeted
.@Baliyan_x जी 2024 तक पार्टी से नहीं जुड़े थे, तब 2024 में पार्टी की इतनी खराब हालत हुई थी।
लेकिन अब बलियान जी पार्टी से जुड़ गए है, "अबकी बार, 400 पार" पक्की बात है।🔥
Congratulation बलियान जी।💐
Abhishek Shukla retweeted
आपको दलित न तो ब्राह्मण ने बनाया,
और न ही क्षत्रिय ने बनाया।
आपको दलित संविधान ने बनाया है...
~ डॉ पुष्पा दीक्षित जी..
Abhishek Shukla retweeted
हिमाचल प्रदेश : शिमला में UGC एक्ट पर भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों ने तोड़ा सचिवालय का गेट
◆ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से झड़प की जिसके बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया
#HimachalPradesh | Himachal Pradesh | UGC Act | #UGC | #Shimla | Shimla
#WATCH | Shimla, Himachal Pradesh: Rashtriya Devbhoomi Party workers and supporters marched to the Himachal Pradesh Secretariat in Shimla after completing a 600-km, 21-day ‘Swarn Samaj Ashwamedh Nyay Yatra’, demanding the rollback of UGC provisions and legislation.
Party president Rumit Singh Thakur said the campaign would continue until their demands are addressed.
Abhishek Shukla retweeted
यह शायद इतिहास में पहली बार हुआ है कि ब्राह्मण समाज अपनी दुर्दशा को document कर रहा है।
वरना 1200 वर्षों तक अत्याचार सहते रहे, करोड़ों की संख्या में सर धड़ से juda हुए, और जबरन धर्मांतरण हुए, ब्राह्मण से bhangi तक बनाए गए लेकिन कुछ डॉक्यूमेंट नहीं किया।
भला हो सोशल मीडिया का जिसने हर हिंदू को आवाज उठाने और फ़रेबी नैरेटिव्स का पर्दाफाश करने के हथियार और प्लेटफॉर्म्स दिए!
यह व्यक्ति, जो अपने गले में मोटी सोने की चेन डालकर अपने अरबों रुपये के बंगले के सामने खड़ा है और जिसके बच्चे सोने-चाँदी के बर्तनों में खाना पका रहे हैं,
इसका नाम लालता प्रसाद पांडे है।
आपको लग रहा होगा कि इसके बंगले पर किसी ने बम गिरा दिया है।
जी हाँ, बिल्कुल सही..
यह बम भारत के संविधान और नेताओं ने गिराया है।
#साभार - शिखर न्यूज
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और जाति आधारित आरक्षण को लेकर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू धर्म से दूसरे धर्म में जाने के बाद व्यक्ति को उसकी पूर्व जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ स्वतः नहीं मिल सकता. अदालत के मुताबिक, जाति आधारित आरक्षण का लाभ संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित शर्तों के अनुसार ही दिया जाएगा.
#SupremeCourt #Reservation #CasteReservation #ReligiousConversion #SCReservation #IndianJudiciary #ABPNews
The Supreme Court has termed the Ghaziabad Police’s attempt to obtain extensive digital data of journalist Abhishek Upadhyay in connection with an alleged road-rage incident as an “overkill”.
The Court observed that while investigative agencies were entitled to probe an offence, the manner in which such powers were exercised could not become a means to access a person’s private digital life.
A bench headed by Chief Justice of India (CJI) Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi quashed a notice issued by the Ghaziabad Police to Upadhyay seeking his call records and other digital data for a period extending months before the alleged road-rage incident.
The Court also continued the interim protection from arrest granted to Upadhyay, while leaving open the issues relating to the alleged road-rage case.
During the hearing, the Court questioned the necessity of seeking such a wide range of digital information for investigating an alleged road-rage incident.
“That appears to be an overkill,” the Court observed.
A bench of CJI Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi noted that there had to be a balance between the State’s power to investigate and an individual’s right to privacy, particularly when the person concerned was an investigative journalist.
“If we keep complete liberty [to investigate],” the Court observed, the “right of an investigative journalist also needs to be balanced.
The Court also clarified that it was not questioning the existence of statutory powers available to the police to investigate offences under the IT Act.
“We are not against any rule. [We are concerned with the] manner of exercise of the power,” the bench said.
The Uttar Pradesh government defended the police action, referring to the Information Technology Rules and submitting that the authorities were empowered to conduct an investigation.
The bench, however, distinguished between the existence of such a power and the manner in which it was being exercised.
The Court also questioned the breadth of the demand for digital record since June, particularly when the allegation related to a road-rage incident occurred in the month of August.
“You are asking service provider [for] his call records for four months for a road-rage [incident] during June. We would understand if there is some conspiracy,” the bench observed.
Abhishek Shukla retweeted
100% true. Despite Shehzad & my differences:
1) He is running Rise & Fall!
2) Tej Pratap Yadav is a spoilt brat who is only ,where he is due to being Lalu Prasad Yadav ji's nepo kid!
3) Shehzad & me have different povs & hence we don't get along.
indiatoday.in/amp/entertainm…
Delhi Police have registered an FIR at Parliament Street police station following a complaint by Assistant Commissioner of Police Vivek Bhagat, alleging caste-based humiliation, intimidation and obstruction of official duty during a protest at Buta Singh Roundabout on October 3.
According to the FIR, ACP Vivek Bhagat, posted in the Connaught Place subdivision of New Delhi district, alleged that a journalist made casteist remarks against him in public while he was deployed for law-and-order duty during a protest against the Election Commission of India. The FIR names Rosy, Gajendra and an unknown person as accused.
In his complaint, Bhagat stated that he belongs to the Scheduled Caste community. He alleged that he and his operator, Constable Ravi Dahiya, heard a journalist refer to his nameplate and caste identity and make derogatory remarks about his caste and appointment as an ACP.
The FIR has been registered under Sections 221, 356(2) and 3(5) of the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) and Sections 3(1)(p), 3(1)(q), 3(1)(r) and 3(1)(s) of the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act.
Abhishek Shukla retweeted
Good Bye Jantar Mantar 🙏
दिल्ली के जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल (प्रोटेस्ट साइट) की सूची से हटा दिया गया है।
अब विरोध प्रदर्शन या धरने के लिए सरकार ने तीन नई जगहें तय की हैं:
• रामलीला मैदान
• बुराड़ी मैदान
• पूर्वी दिल्ली का CBC ग्राउंड
कई दर्जनों प्रदर्शन किए हैं, सब यादें बन कर रह जाएंगे।
हालांकि अभिषेक शुक्ला जी ने ये खबर हमें 4 महीने पहले ही बता दी थी।
@AzadSenaChief
@SavarnArmyChief
@Neerajsingh233
@azadsenangs
Abhishek Shukla retweeted
ये फोटो 2019 की है जब हम लोग चंदू रावण द्वारा जंतर मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद हम लोग भी ऐलान कर के आए थे।
दिल्ली पुलिस ने चंदू रावण को भी प्रदर्शन नहीं करने दिया था और न हमें। वहां से चंदू रावण इंडिया गेट आया था प्रदर्शन करने तो हम लोग भी इंडिया गेट पर पहुंचे थे।
जिस पार्क में चंदू सैकड़ों की भीड़ के साथ खड़ा था उसी के सामने वाले पार्क में हम पांच लोगों ने समाज के लिए नारे बाजी की थी।
धारा 144 की वजह से हमारे कुछ लोगों को आने पुलिस ने नहीं दिया था।
साथ में हैं भाई @AzadSenaChief और हमारे वकील साहब @RanjeetJhaAzad1 जी..
Abhishek Shukla retweeted
Replying to @AzadSenaChief
@AzadSenaChief bhai Ki aaj ke mahol me bahut jaruri hai
ये फोटो 2019 की है जब हम लोग चंदू रावण द्वारा जंतर मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद हम लोग भी ऐलान कर के आए थे।
दिल्ली पुलिस ने चंदू रावण को भी प्रदर्शन नहीं करने दिया था और न हमें। वहां से चंदू रावण इंडिया गेट आया था प्रदर्शन करने तो हम लोग भी इंडिया गेट पर पहुंचे थे।
जिस पार्क में चंदू सैकड़ों की भीड़ के साथ खड़ा था उसी के सामने वाले पार्क में हम पांच लोगों ने समाज के लिए नारे बाजी की थी।
धारा 144 की वजह से हमारे कुछ लोगों को आने पुलिस ने नहीं दिया था।
साथ में हैं भाई @AzadSenaChief और हमारे वकील साहब @RanjeetJhaAzad1 जी..
Abhishek Shukla retweeted
मध्य प्रदेश-
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने OBC को 27% आरक्षण देने वाला कानून रद्द किया-
इस कानून से कुल आरक्षण बढ़कर
73% हो गया था , आरक्षण पुनः 50% हुआ ,
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सर्राफ ने सुनाया फैसला !!
Abhishek Shukla retweeted
झूठी शिकायत, झूठी गवाही, झूठी जांच और झूठा हलफनामा के खिलाफ सरकार कठोर कानून क्यों नहीं बना रही है?
@narendramodi @AmitShah

































