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सवर्णों को ध्यान रखना होगा कि वह किसी भी सवर्ण नेता के पार्टी बदलने, टिकट न मिलने, या किसी का अध्यक्ष बनने या टिकट मिलने पर बंधाई या मातम न मनाएं? क्योंकि इनके होने न होने से कोई फर्क नहीं है यह सत्तालोलुप लोग हैं, इन्हे कुर्सी प्यारी है इन्हें समाज से घंटा फर्क नहीं पड़ता है।
सवर्णों को ध्यान रखना होगा कि वह किसी भी सवर्ण नेता के पार्टी बदलने, टिकट न मिलने, या किसी का अध्यक्ष बनने या टिकट मिलने पर बंधाई या मातम न मनाएं? क्योंकि इनके होने न होने से कोई फर्क नहीं है यह सत्तालोलुप लोग हैं, इन्हे कुर्सी प्यारी है इन्हें समाज से घंटा फर्क नहीं पड़ता है।
समाज के नाम पर सिर्फ दलित और पिछड़े नेता ही अच्छे हैं, जो किसी भी दल में रहे अपने समाज के लिए मुखर रहेंगे।
इसीलिए हम नेताओं की गुलामी और जिंदाबाद करने से बचें, उतनी ऊर्जा अपने समाज के हक और अधिकारों की बात करने वाले सोशलिस्ट लोगों की साथ दें, और खुद उठाएं, तभी परिवर्तन आएगा इन नेताओ की वजह से तुम्हारा उद्धार नहीं होगा।
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Replying to @nshuklain
आए थे भगवा लहराने 🚩
मगर VoteBank के नीले गमछे ने गला घोट दिया 😆😂
- मादरणीय मोदी 🥳
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MLC चुनाव : BJP कल की हार कांग्रेस के डबल अंडे के पीछे छुपा रही थी, दर्द बहुत था लेकिन मुस्कुरा रही थी, लेकिन हाय री किस्मत आज खबर आ रही है कि कांग्रेस ने अपना खाता खोल लिया है 1 सीट जीत कर, BJP के लिए बेहतर है क्योंकि अब वे झूठी शान से बाहर आ कर सच्चाई का सामना कर सकेंगे, उधर कांग्रेस के लिए बुरा है क्योंकि 00 के झटके ने कांग्रेस को हिला कर रख दिया था, इस से वे मेहनत करने को मजबूर होते, इस एक जीती हुई सीट से कुछ होना तो है नहीं बल्कि उल्टा असर यह होगा कि कांग्रेस फिर laid back attitude में चली जाएगी, अगर ऐसा हुआ तो फिर भगवान ही मालिक है, वैसे नागपुर सीट ने BJP को झगझोर कर रख दिया होगा
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भाजपा की गुलामी करने वालों, सवर्णआँखें खोलकर देख लो और कान खोलकर सुन लो!
यह हैं हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल। जब इनसे सवर्ण आयोग की मांग के बारे में पूछा गया, तो इन्होंने बयान दिया—
“समाज में भेदभाव फैलाना गलत है। पूरा समाज इकट्ठा होकर रहे, आज के समय में इतना ही कह सकता हूं।”
अब जरा इनसे कोई पूछे कि सवर्ण समाज के हक और अधिकारों के लिए सवर्ण आयोग की मांग करना समाज में भेदभाव फैलाना कैसे हो गया? अपने समाज के बच्चों के भविष्य, सम्मान और अधिकारों की बात करना आखिर गलत कैसे है?
सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल स्वयं सामान्य वर्ग से आते हैं, लेकिन जब अपने ही समाज के अधिकारों और सवर्ण आयोग की मांग पर स्पष्ट समर्थन देने की बात आती है, तो उनका जवाब देख लीजिए!
वहीं दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश सरकार के कांग्रेस के मंत्री अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह भी सामान्य वर्ग से आते हैं और सवर्ण आयोग की मांग के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। देवभूमि पार्टी और करणी सेना के साझा कार्यक्रम में भी एक मंत्री ने मंच से आंदोलन का समर्थन किया।
अब जरा सोचिए!
अगर SC/ST वर्ग के हक और अधिकारों की बात आती है, तो भाजपा और कांग्रेस के नेता एकजुट होकर कानून बनाने और उसे लागू करने तक की पहल कर देते हैं। SC/ST एक्ट में संशोधन इसका उदाहरण है। लेकिन जब सवर्ण समाज के हक और अधिकारों की बात आती है, तो भाजपा के नेताओं को सामाजिक समरसता याद आने लगती है!
दूसरों के अधिकारों की बात हो, तो कानून और व्यवस्था की पहल; लेकिन सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए आयोग की मांग करे, तो समाज में भेदभाव फैलने की चिंता सताने लगती है!
वाह रे भाजपा! सवर्ण समाज के अधिकारों की बात आते ही सामाजिक समरसता के चरण चाटने लगे!
अगर पूरा समाज एक है, तो फिर सवर्ण समाज के लिए अलग आयोग की मांग पर स्पष्ट समर्थन देने में परेशानी क्यों? क्या सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य, उनके अधिकार और उनका सम्मान महत्वपूर्ण नहीं हैं? क्या सामाजिक समरसता की जिम्मेदारी सिर्फ सवर्ण समाज की है?
और भाजपा के उन समर्थकों से भी मेरा सीधा सवाल है, जो हर बार सवर्ण समाज के अधिकारों की बात करने पर पूछते हैं—तुम कांग्रेसी हो क्या?
अरे भाई, जब भाजपा सवर्ण समाज के मुद्दों पर स्पष्ट रुख नहीं दिखा रही और कांग्रेस के मंत्री उसी समाज के लिए सवर्ण आयोग की मांग का समर्थन कर रहे हैं, तो सवाल भाजपा से क्यों नहीं पूछे जाने चाहिए?
हमें किसी पार्टी की गुलामी नहीं करनी है। हमें अपने समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़नी है। जो हमारे मुद्दे उठाएगा, हम उसके काम की सराहना करेंगे; और जो हमारे मुद्दों पर चुप्पी साधेगा, उससे सवाल पूछेंगे—चाहे वह भाजपा हो, कांग्रेस हो या कोई दूसरी पार्टी!
सवर्ण समाज को खोखले नारों की नहीं, अपने हक और अधिकारों पर स्पष्ट जवाब की जरूरत है।
अब बताइए, क्या सवर्ण समाज के लिए सवर्ण आयोग की मांग करना गलत है? क्या सवर्ण समाज को भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का हक नहीं है?
जागो सवर्ण समाज, अपने अधिकारों को पहचानो!
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यही वो वीडियो है जिसके वजह से सम्राट चौधरी जी ने खुरपेंच पर FIR करवा दी है ,
इस वीडियो को कई बार लूप में सुनने के बाद इतना समझ आया कि खुरपेंच ने इस वीडियो में जो भी बताया है सच है और फैक्ट्स पर आधारित है।
फिर 7वीं पास मुख्यमंत्री जी FIR क्यों ????
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सर्वजन सनातन पार्टी (SSP) के अतिरिक्त भारत मे कौन ऐसी पार्टी है, जिसका नेतृत्व श्री एम.नागेश्वर राव पूर्व सीबीआई निदेशक प्रामाणिक एवं गंभीर व्यक्तित्व कर रहा है ? उत्तर होगा कोई नही.
अन्य दलों मे बहुत से पूर्व आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, जज, न्यायमूर्ति, सेना के अधिकारी होंगे, हैं भी किन्तु वे नेतृत्व नहीं कर रहे, अपने शीर्ष नेतृत्व के पीछे हैं और हम जानते हैं जैसा नेतृत्व कहेगा सभी को वैसा ही करना और कहना होगा. "जैसा राजा वैसी प्रजा" होगी.
शेष किसका नेतृत्व किसे पसंद आये यह उसके स्वभाव और आचरण पर निर्भर करता है.
कुछ लोग बड़ी पार्टी या जीत की बात करेंगे तो पहले तो कोई प्रारम्भ से न बड़ा दल बनता है न पूरी तरह जिताऊ और यह मानक तो वह कत्तई नही होता कि वही आदर्श है समाज के लिए क्योंकि भाजपा ने जिस तरह समाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न किया है, हर संस्था की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगाया है वह अभूतपूर्व है.
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🤖 Made with AI
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin के नेतृत्व में #लोकतंत्र_बचाओ_अराजकता_हटाओ पदयात्रामें
उमड़ा जन सैलाब..
वैदिक पथिक retweeted
Khurpenchh ke upar bihar sarkar ne 4th FIR karva kar ,
Ab khud 'mother of democracy' bachaane ki Yatra nikal kar kya batana chahte hai???
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सभी सनातनी बहिन, बेटियों को पवित्र समर्पण के पर्व करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनायें.
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यह महिला जो कुछ भी कह रही हैं, सवर्ण समाज के लोगों को उसे बेहद गंभीरता से सुनना, समझना और आत्ममंथन करना चाहिए।
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पीयूष गोयल जी विदेशों में बैठे वैज्ञानिकों-इंजीनियरों को बुला रहे हैं — “भारत आओ, देश बनाओ”।
पर खुद के बेटे-बेटी हार्वर्ड-ऑक्सफोर्ड पढ़कर न्यूयॉर्क और अमेरिका में सेटल हैं।
लज्जा नहीं आती क्या?
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इनकी 25 साल की राजनीति का कोई भी पन्ना उठाइए- दो चीज ही मिलेगी- "मैं" और "विक्टिम कार्ड"! इसके अलावा इनकी न कोई राजनीति है और न कोई विचारधारा!
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इसलिए मैं मणि शंकर अय्यर के अलावा किसी को ज्योतिष मानता ही नहीं हूं | कोई उतना सटीक भविष्वाणी कर ही नहीं सकता | 😹
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Replying to @ianuragthakur
सत्ता की मलाई के लिए लंबा लंबा फेंकूंगा
अंकिता के लिए न्याय मांगोगे तो फेविकोल पी लूंगा 🤡
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Replying to @ianuragthakur
और जो दिन रात हिंदू और हिंदुत्व को नकारेगा उसके आगे नतमस्तक हो जाऊंगा
रहने दो सर अब ये चूर्ण नहीं बिकेगा
वैदिक पथिक retweeted
Replying to @ianuragthakur
तू इस हिंदू द्रोही रंगे सियार का पालतू है, कोई चूतिया ही तेरी बकचोदी पर भरोसा करेगा






























