Israeli fighter jets have re-entered southern Lebanese airspace, carrying out unusually low-altitude flights and heavy overflights. Tensions along the border remain extremely high amidst ongoing regional military activity.
अपनी बिटिया अंकिता भंडारी की हत्या
के दोषियों को सजा दिलाने और और बेटी के लिए इंसाफ की मांग करने वाले माता पिता के साथ पुलिस और सरकार अपराधियों जैसा बर्बर सलूक कर रही हैं.
अंकिता के माता-पिता,राजघाट पर मौन व्रत रखकर धरने पर बैठे थे. दिल्ली पुलिस बड़ी बेरहमी के साथ उन्हें जानवरों की तरह टाँग कर ले गई.
दिल्ली एनसीआर में 20 से 25 लाख लोग, उत्तराखंड के रहते हैं. 5 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सांसद हैं. फिर भी इस लाचार बेबस मां बाप को न्याय की लड़ाई अकेले लड़नी पड़ रही है.
यह सिर्फ सरकार की क्रूरता नहीं है.
बल्कि यह समाज की सामूहिक चेतना की भी मृतप्राय संवेदनहीनता है.
9 साल की बच्ची को हार्ट अटैक?
लवली पब्लिक स्कूल मयूर विहार में तीसरी क्लास में पढ़ने वाली 9 साल की बच्ची गेम के पीरियड के बाद क्लास में गई और अचानक गिर गई.
बच्ची को Malik Redix Health Care निर्माण विहार ले जाया गया.
लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया.
पंडित गोरखनाथ?? 🤔
क्या BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ये नहीं पता कि गुरु गोरखनाथ को "पंडित" कहना बिल्कुल अनुचित ही नहीं बल्कि उनके पंथ कि अवमानना है?
क्योंकि महायोगी गुरु गोरखनाथ बाह्य कर्मकांडों, जाति-पाति, मूर्तिपूजा और शास्त्रज्ञान जो केवल पुस्तकीय हो–के विरोधी थे. उनका मार्ग अनुभव, योग-साधना, हठयोग और काया-शोधन का था.
जबकि पंडित शब्द की रूढ़िबद्धता है.
’पंडित’ शब्द मुख्य रूप से शास्त्रीय विद्वत्ता, कर्मकांड, वेद-पुराणों के पठन-पाठन और परंपरागत ब्राह्मण वर्ग या विद्वानों के लिए प्रयोग होता है.
गुरु गोरखनाथ को सदैव ‘महायोगी’, ‘सिद्ध’, ‘अवधूत’ या ‘गुरु’ गोरखनाथ कहा जाता है,क्योंकि वे योग मार्ग के प्रवर्तक और सिद्ध पुरुषों के गुरु और गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के महान संत, दार्शनिक और सिद्ध योगियों में सर्वोपरि माने जाते हैं.
मोहन यादव जरूर, JP NADDA को मन ही मन गरियाते होंगे, तभी तो भरी सभा में, मंच से जे पी नड्डा मुर्दाबाद–इनके मुंह से निकल रहा है 😉😂
भाजपा विधायक गोपाल शर्मा की, उनके मतदाता– छीछालेदर कर रहे हैं.
गोपाल शर्मा,जयपुर के सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. ये सुशीलपुरा वार्ड 45 का दौरा करने गए.
वोटर ने पूछा कि– 15 साल में, विधायक गॉव के विकास के लिए किए गए कोई 3 काम बता दें...
विधायक ने कहा–3 ट्यूबवेल कराए!
वोटर–साहब पानी तो एक मे भी कोनी आवे.
विधायक - 3 भवन बनवाए!
वोटर– वो 3 भवन हैं किधर? पता बता दो!
PARAGUAY— Erupts In Protests After Bank Linked To President Collapses, Millions Lose Access To Savings.
पराग्वे में यह बड़ा वित्तीय और राजनीतिक संकट पैदा हुआ है.
पराग्वे के सेंट्रल बैंक BCP ने राष्ट्रपति सांतियागो पेन्या से रिलेटेड,उएनो बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.
जिससे डिजिटल UENO Bank के 30 लाख ग्राहकों के खाते फ्रीज हो गए हैं.
लोग मोबाइल ऐप,डेबिट,क्रेडिट कार्ड और एटीएम से लेन-देन नहीं कर पा रहे हैं.
उएनो बैंक में राज्य के पेंशन फंड और स्वास्थ्य फंड सहित करोड़ों डॉलर का सार्वजनिक पैसा जमा था.
बैंक की सेवाएं अचानक बंद होने से जनता में भारी आक्रोश है और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.मामले में बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों पर जांच और गिरफ्तारियां हो रही हैं.
विपक्ष और प्रदर्शनकारी नागरिक राष्ट्रपति सांतियागो पेन्या के इस्तीफे और उन पर Impeachment की मांग कर रहे हैं.
क्योंकि उएनो बैंक के राष्ट्रपति Santiago Peña के साथ गहरे व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध रहे हैं, जिसके कारण इस बैंक का पराग्वे के वित्तीय तंत्र में तेजी से विस्तार हुआ था.
BCP द्वारा उएनो बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कार्रवाई तब की गई जब बैंक का Solvency Ratio कानूनी रूप से तय न्यूनतम सीमा के आधे से भी नीचे गिर गया.
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तुम "अराजक" लोग हट जाओ
"लोकतंत्र खुद ही बच जाएगा 😉
इतनी "राजनीतिक मूर्खताओं" वाली पार्टी यही हो सकती है...
खुद मुख्यमंत्री हैं जनाब और अपने ही प्रदेश के गोरखपुर में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" रैली निकाली...
देश में ऊपर से लेकर नीचे तक
कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका
सब जगह तो तुम ही तुम लोग हो—
तो भइया, विरोध किसका कर रहे हो 🤔
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के Vice Chairman और वरिष्ठ सांसद Amir Hayat Moqaddam ने कहा है कि IRAN ने चार देशों के साथ अपनी स्थिति और संबंधों को आज़ाद कर लिया है, जिनमें भारत, चीन, इराक और कतर शामिल हैं.
उनके अनुसार, अमेरिका इन देशों के साथ सीधे तौर पर काम नहीं करता, लेकिन वे लगातार बातचीत और व्यापार करते रहते हैं.
हालांकि भारत के साथ रिश्ते इस तरह बनाए हुए हैं ताकि वे दवाइयां और अन्य जरूरत की चीजें हासिल कर सकें.
जबकि चीन के साथ राजनीतिक समर्थन और सहयोग का रिश्ता रखा गया है.
अमेरिका के दबाव और प्रतिबंधों को बेअसर करने और Strait of Hormuz को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखने की दिशा में ईरान लगातार काम कर रहा है.
भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार प्रिया डंडिया ने फ्लोरिडा से US Midterms चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है.
प्रिया डंडिया ने Florida के 22nd Congressional District से अमेरिकी US House of Representatives के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार Casey Askar को हराकर जीत दर्ज की है.
प्रिया डंडिया भारतीय आप्रवासी माता-पिता की बेटी हैं. वे पूर्व में हर्लेम,न्यूयॉर्क में एक स्कूल प्रिंसिपल थीं.
प्रिया, व्हाइट हाउस फेलो और Apple में भी काम कर चुकी हैं.
Pia Dandiya के माता-पिता मूल रूप से भारत के जयपुर ,राजस्थान के रहने वाले थे.
1980 के दशक में वे,जयपुर से अमेरिका आकर फ्लोरिडा के जुपिटर Jupiter शहर में बस गए थे. पिता डॉ. रोहित डंडिया एक Doctor हैं और उनकी माता शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी रही हैं.
DONALD TRUMP बिना CONGRESS की सहमति के– कोई नया कानून, टैक्स कट या बजट पास नहीं करा सकते –अब अपने बचे हुए दो सालों में...
2026 अमेरिकी Midterms 2026 के नतीजे डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के लिए एक बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हुए हैं.अमेरिकी जनता ने रिकॉर्ड वोटिंग के साथ एक तीखा Verdict सुनाया है जिससे ट्रंप अपने बच्चे हुए 2 सालों में Lame Duck की स्थिति में आ गए हैं.
यानी कि ट्रम्प के बचे हुए दो वर्षों का विधायी एजेंडा पूरी तरह ठप हो जाएगा.
डेमोक्रेट्स, अब हाउस और सीनेट की सभी Committees के अध्यक्ष होंगे.इससे ट्रम्प प्रशासन, उनकी कैबिनेट और उनके व्यापारिक हितों की कड़ी कानूनी और संसदीय जाँच शुरू होगी.
सीनेट पर नियंत्रण खोने के बाद ट्रम्प अब अपनी पसंद के संघीय जजों, राजदूतों या कैबिनेट अधिकारियों को आसानी से नियुक्त नहीं करा पाएंगे.
भले ही राष्ट्रपति ट्रम्प के पास Presidential Veto Power बची रहेगी, लेकिन वे बिना Democrates के समर्थन के अपना कोई नया घरेलू एजेंडा पास नहीं करा सकते.
क्योंकि अमेरिकी संविधान के अनुसार किसी भी कानून, Tax Cuts या सरकारी बजट को पास करने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों House of Representatives और Senate की स्वीकृति अनिवार्य है.
Judicial, Ethics, Oversight, Foreign Relations के चेयरमैन पद डेमोक्रेट्स के पास चले जाएंगे.
अमेरिकी सीनेट के पास ही संघीय जजों Federal Judges, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, राजदूतों और कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्तियों को मंजूरी यानी 'Advice and Consent' देने का विशेष अधिकार होता है.
सीनेट पर विपक्ष के नियंत्रण के कारण अब ट्रम्प अपनी पसंद के कट्टर या विवादास्पद उम्मीदवारों को आसानी से इन पदों पर नियुक्त नहीं करा पाएंगे.
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2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में मिशिगन सीनेट सीट से अब्दुल एल-सईद की जीत अमेरिकी राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पलों में से एक बन गई है.
इस जीत के साथ वह अमेरिकी इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं.
House of Representatives में पहले भी मुस्लिम सदस्य चुने गए हैं –जैसे कीथ एलिसन, इल्हान उमर, रशीदा तलीब, लेकिन Senate—जो अमेरिका का उच्च सदन है—वहां आज तक कोई मुस्लिम प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था.
मिस्र मूल के अमेरिकी अब्दुल एल-सईद का जन्म मिशिगन में हुआ.वह एक एपिडेमियोलॉजिस्ट और डॉक्टर हैं.
इनके चुनाव अभियान की एक बात जो खास रही वो ये कि अब्दुल एल-सईद ने बिना किसी कॉर्पोरेट PACs की फंडिंग के, सीधे आम जनता से मिले Grassroots Donations पर चलाया.
उनके अभियान का मुख्य फोकस सभी के लिए Medicare for All, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, पर्यावरण सुरक्षा और राजनीति में बड़े कॉरपोरेट्स के पैसे के असर को खत्म करना था.
मिशिगन की इस सीनेट सीट पर जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में बहुमत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के एजेंडे पर मजबूत विधायी ब्रेक लग गया है.
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